अंतरराष्ट्रीय

Trump War Department: पेंटागन का नाम ‘युद्ध विभाग’ करने की ट्रंप की पहल, परंपरा, राजनीति और विवाद

Trump War Department:  अमेरिका के राष्ट्रपति और 2024 के रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक विवादास्पद कार्यकारी आदेश जारी कर पेंटागन यानी अमेरिकी रक्षा विभाग का नाम बदलकर ‘युद्ध विभाग’ (War Department) करने की घोषणा की है। ट्रंप का कहना है कि यह बदलाव न केवल ऐतिहासिक परंपराओं की वापसी है, बल्कि यह अमेरिका की आक्रामक सैन्य नीति का सही प्रतिनिधित्व भी करता है।

ट्रंप की सोच: नाम में ताकत की पहचान

ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि ‘डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस’ (Defense Department) नाम “वोक” विचारधारा से जुड़ा हुआ लगता है और यह अमेरिका की सैन्य शक्ति को कमजोर रूप में दर्शाता है। उनका मानना है कि जब तक अमेरिका का सैन्य विभाग ‘वॉर डिपार्टमेंट’ के नाम से जाना जाता था, तब तक देश ने द्वितीय विश्व युद्ध जैसे बड़े युद्धों में जीत हासिल की थी। उन्होंने कहा, “हमें अब सिर्फ रक्षा नहीं करनी, बल्कि जरूरत पड़ने पर आक्रामक रुख भी अपनाना होगा।”

इतिहास की ओर वापसी?

अमेरिका में ‘युद्ध विभाग’ की स्थापना 1789 में हुई थी। यह नाम 1947 तक बना रहा जब राष्ट्रपति हैरी ट्रूमैन ने इसे पुनर्गठित कर ‘डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस’ का नाम दिया और इसमें सेना, नौसेना व वायु सेना को एकीकृत किया गया। ट्रंप का दावा है कि इस नाम परिवर्तन के बाद अमेरिका ने कोई बड़ा युद्ध नहीं जीता।

कानूनी पेच और कांग्रेस की भूमिका

हालांकि, अमेरिकी संविधान के अनुसार संघीय विभागों के नाम बदलने का अधिकार केवल कांग्रेस के पास है। ट्रंप समर्थक सांसदों ने इस बदलाव को वैध बनाने के लिए एक विधेयक पेश किया है। प्रतिनिधि ग्रेग स्ट्यूब, सीनेटर रिक स्कॉट और माइक ली ने इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि यह कदम अमेरिकी सैनिकों की “मारक क्षमता और प्रतिबद्धता” को सही सम्मान देता है।

पेंटागन नाम बदलने पर सियासी संग्राम

इस कदम ने अमेरिकी राजनीति में जबरदस्त बहस छेड़ दी है। जहां रिपब्लिकन नेता इसे “अमेरिकी परंपरा की पुनर्स्थापना” बता रहे हैं, वहीं डेमोक्रेट्स ने इसे सत्ता का दुरुपयोग करार दिया है। प्रतिनिधि डॉन बेकन ने कहा कि ट्रंप प्रशासन कांग्रेस को दरकिनार कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर कर रहा है।

क्या नाम से नीति बदलती है?

पूर्व सैनिक और रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि किसी विभाग का नाम बदलने से नीति नहीं बदलती, लेकिन इससे रणनीतिक संदेश जरूर जाता है। ट्रंप के रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने भी कहा, “हमें अब सिर्फ बचाव नहीं, बल्कि आक्रामक रणनीति की जरूरत है।”

पेंटागन का नाम बदलने की ट्रंप की कोशिश एक बार फिर अमेरिका में इतिहास, परंपरा और राजनीति के टकराव को उजागर कर रही है। हालांकि कानूनी अड़चनें और विपक्ष की कड़ी प्रतिक्रिया इस बदलाव को मुश्किल बना सकती हैं, लेकिन ट्रंप समर्थक इसे राष्ट्रवाद और सैन्य गौरव से जोड़कर 2024 चुनावी मुद्दा भी बना सकते हैं।

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