अंतरराष्ट्रीय

Tsunami Russia : सुनामी ने रूस के परमाणु सबमरीन बेस को किया तबाह, सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा

Tsunami Russia : रूस के लिए एक बड़ी मुसीबत सामने आई है, जब कामचटका प्रायद्वीप के पास 8.8 मैग्नीट्यूड के भूकंप के बाद आई सुनामी ने उसके परमाणु सबमरीन बेस को नुकसान पहुंचाया। यह घटना रूस के लिए नई चिंता का कारण बनी है, क्योंकि यह तबाही सैटेलाइट इमेजेस से सामने आई है, जिनमें बेस के एक हिस्से को अपनी जगह से हटते हुए देखा गया। माना जा रहा है कि जब सुनामी बेस से टकराई, तो वहां पनडुब्बियां मौजूद थीं, हालांकि रूस सरकार ने इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

प्रशांत बेड़े के पनडुब्बियों का प्रमुख अड्डा है बेस

रूस का यह परमाणु सबमरीन बेस प्रशांत बेड़े की प्रमुख पनडुब्बियों का अड्डा है, जिसमें बोरी श्रेणी और सोवियत युग की डेल्टा पनडुब्बियां शामिल हैं। यह बेस इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह अमेरिका के बेहद नजदीक स्थित है। बेस का भूकंप के केंद्र से 75 मील दूर स्थित होने के कारण, यह क्षेत्र रूस के लिए रणनीतिक दृष्टिकोण से भी काफी अहम है। यहां से रूस की मिसाइल-लोडिंग और शिपयार्ड सुविधाएं भी संचालित होती हैं।

सैटेलाइट इमेज से पुष्टि, लेकिन पनडुब्बियों पर कोई प्रभाव नहीं

अम्ब्रा सैटेलाइट द्वारा ली गई तस्वीरों में यह स्पष्ट हुआ है कि बेस का एक हिस्सा अपनी जगह से हटा है, लेकिन रॉयल यूनाइटेड सर्विसेज इंस्टीट्यूट के रिसर्च फेलो डॉ. सिद्धार्थ कौशल के अनुसार, पनडुब्बी बेड़े को किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ है। उनका कहना है कि यह संभव है कि इस समय पनडुब्बियों की बजाय कोई सतही जहाज घाट पर खड़ा था, जो सुनामी की लहरों से प्रभावित हुआ।

सुनामी और भूकंप के प्रभाव से बेड़ा सुरक्षित

रिटायर्ड कमांडर टॉम शार्प के मुताबिक, बेस का एक हिस्सा मुड़ा हुआ दिखाई दे रहा है, जिससे वहां आने-जाने में दिक्कत हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह क्षति सुनामी के प्रभाव से हो सकती है, और यह भी संभव है कि पनडुब्बियां अपने लंगरों से टकराकर क्षतिग्रस्त हुई हों। हालांकि, सैटेलाइट तस्वीरों में दो पनडुब्बियां बेस पर दिखाई दी हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि पनडुब्बियों को कोई गंभीर नुकसान नहीं हुआ।

भूकंप प्रतिरोधी हैं इमारतें, कोई गंभीर नुकसान की रिपोर्ट नहीं

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने इस घटना पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कामचटका क्षेत्र में बनी इमारतें भूकंप प्रतिरोधी डिजाइन की गई हैं। एक रिटायर्ड रूसी नौसेना अधिकारी ने भी पुष्टि की है कि बेस को इस तरह से तैयार किया गया था कि वह परमाणु हमलों और प्राकृतिक आपदाओं का सामना कर सके। इस बारे में कोई गंभीर नुकसान की सूचना नहीं आई है, जिससे यह संकेत मिलता है कि रूस ने अपनी सैन्य सुविधाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसको मजबूत किया था।

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