Odisha Gang Rape: भाजपा शासित ओडिशा राज्य में एक बार फिर दो आदिवासी नाबालिग लड़कियों के साथ ‘सामूहिक दुष्कर्म’ की सनसनीखेज घटना सामने आई है। यह घटना ओडिशा के मयूरभंज जिले में हुई, जब दोनों लड़कियां यात्रा से लौटने के बाद अपने दोस्तों के साथ घर जा रही थीं। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और शेष दो की तलाश जारी है।

पिछले कुछ महीनों में, ओडिशा में महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए, बलात्कार की एक के बाद एक कई घटनाएं सामने आई हैं। इसी बीच, इस ताजा सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने राज्य में एक बार फिर से हंगामा खड़ा कर दिया है।
यात्रा से लौटते समय वारदात
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह संवेदनशील घटना बीते बुधवार की रात को हुई। शुक्रवार को, दोनों नाबालिगों के परिवारों ने स्थानीय रासगोविंदपुर पुलिस स्टेशन में सामूहिक दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद यह मामला प्रकाश में आया।
पीड़ित दोनों लड़कियों में से एक की उम्र 13 वर्ष (कक्षा 8 की छात्रा) और दूसरी की उम्र 14 वर्ष (कक्षा 9 की छात्रा) है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दोनों लड़कियां एक स्थानीय गांव में आयोजित यात्रा (मेले) से बुधवार रात को अपने दो दोस्तों के साथ बाइक पर घर लौट रही थीं।
दोस्तों को पीटा, लड़कियों को घसीटा
शिकायत के अनुसार, उसी दौरान कई अज्ञात लोगों ने उनका रास्ता रोक लिया। इतना ही नहीं, जो दोस्त उन लड़कियों के साथ थे, उन्हें बुरी तरह से पीटा गया। इसके बाद, आरोपियों ने कथित तौर पर दोनों लड़कियों को घसीटा और उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज, तीन गिरफ्तार
शुरुआत में, दोनों आदिवासी लड़कियों ने डर के कारण अपने घर पर कुछ नहीं बताया। हालांकि, बाद में उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी अपने परिवार वालों को दी। इसके बाद, रासगोविंदपुर पुलिस स्टेशन में सामूहिक दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराई गई।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों के खिलाफ POCSO (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन राज्य पुलिस अभी भी फरार चल रहे शेष दो आरोपियों की तलाश में कई जगहों पर छापेमारी कर रही है।
इस जघन्य वारदात को लेकर राज्य में तीखी बहस छिड़ गई है। विपक्ष ने महिला सुरक्षा को लेकर राज्य प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।


















