Maharashtra Politics : महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आता दिखाई दे रहा है। शिवसेना (यूबीटी) के भीतर संभावित टूट की चर्चाओं ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। सूत्रों के अनुसार, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी के कई सांसद एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक हलकों में ‘ऑपरेशन टाइगर’ नाम दिया जा रहा है। यदि यह दावा सही साबित होता है, तो यह पिछले कुछ वर्षों में उद्धव ठाकरे खेमे के लिए दूसरा बड़ा झटका होगा।

सात सांसदों के शिंदे गुट में जाने की चर्चा
सूत्रों का कहना है कि शिवसेना (यूबीटी) के लोकसभा सांसदों में से छह से सात सांसद शिंदे गुट के संपर्क में हैं और पार्टी बदलने को लेकर सकारात्मक रुख रखते हैं। बताया जा रहा है कि ये सांसद जल्द ही अपनी अगली राजनीतिक रणनीति को अंतिम रूप दे सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि इतनी बड़ी संख्या में सांसद पाला बदलते हैं, तो इसका सीधा असर उद्धव ठाकरे की संगठनात्मक ताकत पर पड़ेगा।

दिल्ली में अहम बैठक की तैयारी
जानकारी के अनुसार, शिवसेना (यूबीटी) के कुछ सांसदों की दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है। बताया जा रहा है कि यह बैठक श्रीकांत शिंदे के सरकारी आवास पर आयोजित हो सकती है। बैठक में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सांसद श्रीकांत शिंदे की मौजूदगी की भी चर्चा है। माना जा रहा है कि इस बैठक में भविष्य की राजनीतिक दिशा और दलगत बदलाव से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
लोकसभा स्पीकर से मुलाकात की संभावना
सूत्रों के मुताबिक, प्रस्तावित बैठक के बाद संबंधित सांसद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से भी मुलाकात कर सकते हैं। राजनीतिक चर्चाओं के अनुसार, पहले लोकसभा में एक अलग संसदीय समूह बनाने की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। इसके बाद उस समूह के शिंदे नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय की संभावनाओं पर विचार किया जा सकता है। हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जिन सांसदों के नाम चर्चा में हैं
राजनीतिक सूत्रों द्वारा जिन सांसदों के नाम सामने लाए जा रहे हैं, उनमें संजय दीना पाटिल, संजय देशमुख, नागेश पाटिल आष्टीकर, ओमराज निंबालकर, भाऊसाहेब वॉकचौरे और संजय जाधव शामिल बताए जा रहे हैं। इसके अलावा राजाभाऊ वाजे का नाम भी चर्चाओं में है। हालांकि इन सांसदों की ओर से अभी तक सार्वजनिक रूप से किसी प्रकार की पुष्टि या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
उद्धव ठाकरे ने विधायकों की बैठक बुलाई
संभावित राजनीतिक संकट को देखते हुए उद्धव ठाकरे भी सक्रिय हो गए हैं। पार्टी को एकजुट बनाए रखने के उद्देश्य से उन्होंने आगामी दिनों में विधायकों की बैठक बुलाने का निर्णय लिया है। बताया जा रहा है कि इस बैठक में संगठन की वर्तमान स्थिति, विधायकों की राय और भविष्य की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। पार्टी नेतृत्व किसी भी संभावित टूट को रोकने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
शिंदे गुट का बड़ा दावा
शिंदे गुट के वरिष्ठ नेता दीपक केसरकर ने भी इस विषय पर बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में कई सांसद और जनप्रतिनिधि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शामिल हो सकते हैं। उनके अनुसार, कई नेता अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने के लिए शिंदे के साथ काम करना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शिवसेना की विचारधारा और हिंदुत्व की राजनीति से जुड़े कई जनप्रतिनिधि समान सोच के कारण शिंदे गुट के करीब आ रहे हैं।
वर्तमान संख्या बल पर टिकी निगाहें
वर्तमान में शिवसेना (यूबीटी) के पास कुल 10 सांसद हैं, जिनमें 9 लोकसभा और 1 राज्यसभा सदस्य शामिल हैं। शिंदे गुट का दावा है कि इनमें से सात लोकसभा सांसद उनके संपर्क में हैं। इसके अलावा यह भी कहा जा रहा है कि पार्टी के कई विधायक भी शिंदे गुट के संपर्क में हैं। यदि इन दावों में सच्चाई निकलती है, तो महाराष्ट्र की राजनीति में एक और बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है और उद्धव ठाकरे की पार्टी को दोबारा संगठनात्मक चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।
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