Ujjain Water Alert
Ujjain Water Alert: पड़ोसी शहर इंदौर में दूषित पेयजल के सेवन से एक दर्जन से अधिक लोगों की दुखद मौत के बाद अब उज्जैन प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। इंदौर की हृदयविदारक घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है, जिसके परिणामस्वरूप उज्जैन नगर निगम ने शहरवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल प्रभाव से कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। शहर के कुछ चुनिंदा इलाकों से पानी के गंदा होने की प्रारंभिक शिकायतें मिलने के बाद, प्रशासन ने किसी भी संभावित खतरे को टालने के लिए फौरी तौर पर ‘हेल्थ एडवाइजरी’ जारी की है। नागरिकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे सीधे नल के पानी का सेवन करने से बचें।
निगम कमिश्नर अभिलाष मिश्रा के कड़े रुख के बाद पूरे शहर की पानी की टंकियों के शुद्धिकरण और सफाई का अभियान युद्ध स्तर पर छेड़ दिया गया है। जन स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि शहर की एक-एक टंकी की गहन सफाई की जाए ताकि जलजनित बीमारियों के फैलने की कोई गुंजाइश न रहे। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी घर-घर जाकर लोगों को समझा रहे हैं कि वे पानी को उबालकर और छानकर ही पिएं। इसके अलावा, लोगों को अन्य सुरक्षित पेयजल स्रोतों का उपयोग करने की सलाह दी जा रही है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इंदौर जैसी किसी भी अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति महाकाल की नगरी में न हो।
उज्जैन नगर निगम कमिश्नर अभिलाष मिश्रा ने अधिकारियों की कार्यक्षमता जांचने के लिए एक अनोखा तरीका अपनाया। उन्होंने खुद एक आम उपभोक्ता बनकर पीएचई विभाग के कंट्रोल रूम पर फोन किया और शिकायत दर्ज कराई कि वार्ड 23 में दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। उन्होंने अपना व्यक्तिगत नंबर देकर इंजीनियर को मौके पर भेजने की बात कही। इस ‘सरप्राइज टेस्ट’ के माध्यम से कमिश्नर यह देखना चाहते थे कि उनके कर्मचारी और इंजीनियर आम जनता की शिकायतों पर कितनी तत्परता से प्रतिक्रिया देते हैं। उन्होंने सभी वार्ड इंजीनियरों को सख्त हिदायत दी है कि यदि किसी भी घर में गंदे पानी की आपूर्ति पाई गई, तो संबंधित अधिकारी पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
शहर के संवेदनशील इलाकों में नगर निगम की गाड़ियां लाउडस्पीकर के माध्यम से लगातार घोषणाएं (Announcements) कर रही हैं। मुनादी के जरिए लोगों को सूचित किया जा रहा है कि अगले आदेश तक पेयजल का उपयोग केवल निर्धारित मापदंडों के आधार पर ही करें। मुनादी में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी भी नागरिक को उल्टी, दस्त या पेट दर्द जैसी समस्या महसूस होती है, तो वे इसे हल्के में न लें और तुरंत नजदीकी अस्पताल में डॉक्टर से संपर्क करें। साथ ही, क्षेत्रीय स्वास्थ्य केंद्रों को भी सक्रिय कर दिया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम ने विशेष शिकायत नंबर भी सार्वजनिक किए हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि जहाँ कहीं भी पानी का रंग बदला हुआ दिखे या उसमें बदबू महसूस हो, उसकी सूचना तुरंत पीएचई (PHED) के शिकायत केंद्र को दें। कमिश्नर अभिलाष मिश्रा ने अधिकारियों के साथ बैठक कर यह स्पष्ट कर दिया है कि पेयजल की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। टंकियों की सफाई के साथ-साथ पाइपलाइन में लीकेज की भी जांच की जा रही है ताकि गंदा पानी शुद्ध जल के साथ मिश्रित न हो सके। उज्जैन प्रशासन अब ‘प्रिवेंशन इज बेटर दैन क्योर’ की नीति पर चलते हुए हर संभव सावधानी बरत रहा है।
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