Volodymyr Zelensky: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने एक बड़ा और चौंकाने वाला बयान दिया है। अमेरिकी न्यूज़ पोर्टल Axios से बातचीत में जेलेंस्की ने स्पष्ट कहा कि “जैसे ही युद्ध खत्म होगा, मैं राष्ट्रपति पद छोड़ने को तैयार हूं।” उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य सत्ता में बने रहना नहीं, बल्कि युद्ध को समाप्त कर शांति बहाल करना है।
जेलेंस्की ने कहा कि युद्ध से जूझ रहे यूक्रेन को स्थायी शांति की जरूरत है, और वे इसी दिशा में प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा, “मैं तब तक पद पर हूं जब तक मेरी जिम्मेदारी है। युद्ध समाप्त होते ही, मैं पद छोड़ दूंगा। मेरा उद्देश्य सत्ता में टिके रहना नहीं, बल्कि देश को स्थिरता देना है।”
उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब रूस लगातार यह दावा कर रहा है कि जेलेंस्की अब वैध राष्ट्रपति नहीं हैं। दरअसल, यूक्रेन में लागू मार्शल लॉ के चलते नए चुनाव नहीं हो सके, जबकि जेलेंस्की का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। लेकिन यूक्रेनी संसद वेरखोव्ना राडा ने एक प्रस्ताव पास कर उनके कार्यकाल को मार्शल लॉ समाप्त होने तक के लिए बढ़ा दिया है।
कुछ दिन पहले संयुक्त राष्ट्र महासभा में भी जेलेंस्की ने रूस पर हमला बोलते हुए कहा था कि पुतिन यूरोप में युद्ध फैलाने की साजिश कर रहे हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की थी कि अब वक्त आ गया है कि रूस के खिलाफ निर्णायक कदम उठाए जाएं।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी थी कि दुनिया हथियारों की सबसे विनाशकारी दौड़ में शामिल हो चुकी है, और यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो परिणाम गंभीर होंगे।
अपने बयान में जेलेंस्की ने भारत के प्रति सकारात्मक रुख जाहिर किया। उन्होंने कहा कि भारत यूक्रेन के खिलाफ नहीं है, और वह युद्ध को बढ़ावा नहीं दे रहा। जेलेंस्की ने माना कि ऊर्जा क्षेत्र में कुछ चुनौतियां हैं, लेकिन उन्होंने भरोसा जताया कि इन समस्याओं को हल किया जा सकता है।उन्होंने यह भी कहा कि “भारत हमारे साथ खड़ा है, और यूरोप को भी भारत से मजबूत संबंध बनाने चाहिए।” यह बयान अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की कूटनीतिक स्थिति को और मजबूत करता है।
जेलेंस्की के इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। विश्लेषकों का मानना है कि राष्ट्रपति पद छोड़ने की बात करना, एक राजनीतिक संकेत हो सकता है कि शायद युद्ध अब निर्णायक मोड़ पर है। हालांकि रूस की तरफ से अब तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
राष्ट्रपति जेलेंस्की का यह बयान केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि एक नैतिक संदेश भी है – कि किसी भी नेता का असली उद्देश्य देश में शांति और स्थिरता लाना होना चाहिए, न कि पद की लालसा। युद्ध से थके यूक्रेनी नागरिकों के लिए यह एक आशा की किरण हो सकती है।
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