अंबिकापुर @thetarget365 आरोग्य भारती सरगुजा, छत्तीसगढ़ प्रांत ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अभिनव पहल करते हुए ‘अपनी थाली अपना थैला, नहीं करेंगे धरती को मैला’ थीम के तहत प्लास्टिक एवं डिस्पोजल मुक्त भंडारा का सफल आयोजन किया।
मंगलवार 1 अप्रैल को इच्छा पूर्ति दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर, कलेक्टरेट परिसर, अंबिकापुर में आरोग्य भारती सरगुजा टीम एवं मंदिर प्रबंधन समिति के सहयोग से यह अनूठी शुरुआत की गई। इस पहल के तहत व्यसन मुक्ति आयाम के अंतर्गत प्लास्टिक और डिस्पोजल मुक्त अभियान का संकल्प लिया गया।
1000 थाली-गिलास की व्यवस्था, पूर्ण स्वच्छता का ध्यान
टीम के आरोग्य थाली मित्र (ATM) दल के सभी सदस्यों ने तन, मन, धन से सहयोग करते हुए भंडारे में प्लास्टिक और डिस्पोजल का उपयोग पूरी तरह बंद कर दिया। इसके स्थान पर 1000 स्टील की थालियों और गिलासों की व्यवस्था की गई। श्रद्धालुओं द्वारा प्रसाद ग्रहण करने के बाद इन थालियों को चार चरणों की सफाई प्रक्रिया से स्वच्छ किया गया:
✅ 1. पेपर से सफाई
✅ 2. डिटर्जेंट मिले पानी के टब में धुलाई
✅ 3. साफ ठंडे पानी में धुलाई
✅ 4. उबलते पानी में स्टरलाइजेशन
✅ 5. स्वच्छ थाली स्टैंड में व्यवस्थित किया गया
सैकड़ों श्रद्धालुओं ने लिया प्रसाद, श्रमदान कर किया समर्थन
इस अभियान की शुरुआत सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज के सौजन्य से सुंदरकांड पाठ एवं भंडारे के साथ हुई। कार्यक्रम के दौरान आरोग्य भारती सरगुजा टीम के व्यसन मुक्ति आयाम प्रमुख ने इस पहल के महत्व और उपयोगिता पर प्रकाश डाला। भंडारे में करीब सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया, जिसमें से कई लोगों ने थालियों की सफाई में श्रमदान भी किया।
नगर में अभियान को विराट रूप देने की तैयारी
इस पहल को नगर के गणमान्य नागरिकों द्वारा खूब सराहा गया और बड़ी संख्या में लोगों ने इससे जुड़ने की इच्छा जताई। आरोग्य भारती की टीम इसे और अधिक व्यवस्थित एवं व्यापक बनाकर पूरे नगर में जागरूकता फैलाने की योजना बना रही है। यह अभियान धरती माँ को प्लास्टिक और डिस्पोजल से होने वाले नुकसानों से बचाने में अहम भूमिका निभाएगा।