UP Board Exam 2026: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) द्वारा आयोजित की जा रही 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं इन दिनों पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। करोड़ों की आबादी वाले इस राज्य में लाखों छात्र अपने भविष्य को संवारने के लिए परीक्षा केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। इसी बीच, शुक्रवार 20 फरवरी को परीक्षाओं के तीसरे दिन से जुड़ी एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस दिन की परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों की संख्या में भारी गिरावट देखी गई है। उत्तर प्रदेश शिक्षा विभाग के गलियारों में इस खबर ने हलचल पैदा कर दी है, क्योंकि एक ही दिन में इतनी बड़ी संख्या में छात्रों का अनुपस्थित रहना गंभीर सवाल खड़े करता है।

लाखों परीक्षार्थियों ने परीक्षा से बनाई दूरी
यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, शुक्रवार को आयोजित बोर्ड परीक्षा के तीसरे दिन कुल 02 लाख 98 हजार 959 परीक्षार्थियों ने मैदान छोड़ दिया। बोर्ड द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, पहली पाली की परीक्षा सुबह 8:00 बजे से 11:45 बजे तक निर्धारित थी, जिसमें हाई स्कूल के लिए सामाजिक विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषय की परीक्षा थी। इस पाली में कुल 27,67,087 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, लेकिन इनमें से केवल 25,96,897 छात्र ही उपस्थित हुए, जबकि 1,70,190 छात्रों ने परीक्षा नहीं दी। वहीं दूसरी पाली की स्थिति और भी चौंकाने वाली रही, जहाँ पंजीकृत 23,54,918 छात्रों में से 1,28,769 छात्र अनुपस्थित रहे। दोनों पालियों को मिलाकर यह आंकड़ा लगभग तीन लाख के करीब पहुंच गया है।
नकल विहीन परीक्षा के लिए प्रशासन की सख्ती
योगी सरकार और शिक्षा विभाग ने इस बार ‘नकल विहीन परीक्षा’ संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर सीसीटीवी कैमरों और वॉयस रिकॉर्डर के जरिए लखनऊ स्थित कंट्रोल रूम से सीधी निगरानी की जा रही है। शायद इसी सख्ती का परिणाम है कि बड़ी संख्या में छात्र परीक्षा छोड़ने पर मजबूर हो रहे हैं। बोर्ड सचिव ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन की इस सतर्कता के कारण उन छात्रों और नकल माफियाओं के हौसले पस्त नजर आ रहे हैं, जो अनुचित साधनों के दम पर परीक्षा पास करने की फिराक में रहते थे।
नकलची धरे गए, फिरोजाबाद और मैनपुरी में कार्रवाई
सख्ती के बावजूद कुछ परीक्षार्थियों ने नकल करने का प्रयास किया, लेकिन वे फ्लाइंग स्क्वायड और कक्ष निरीक्षकों की पैनी नजर से नहीं बच सके। रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को हाई स्कूल की परीक्षा में दो और इंटरमीडिएट में एक परीक्षार्थी को रंगे हाथों नकल करते हुए पकड़ा गया। पहली पाली के दौरान फिरोजाबाद और मैनपुरी जिलों में एक-एक छात्र नकल सामग्री के साथ पकड़ा गया, जबकि दूसरी पाली में कन्नौज से एक परीक्षार्थी को पकड़ा गया। अब तक इस सत्र की बोर्ड परीक्षाओं में कुल 07 परीक्षार्थी नकल करते हुए धरे जा चुके हैं। प्रशासन ने केवल छात्रों पर ही नहीं, बल्कि इसमें शामिल बाहरी तत्वों पर भी शिकंजा कसा है।
अब तक 11 लोगों पर दर्ज हुई एफआईआर
बोर्ड परीक्षाओं की पवित्रता बनाए रखने के लिए यूपी सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है। अब तक की कार्रवाई में कुल 11 लोगों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की जा चुकी है। इसमें वे लोग शामिल हैं जो परीक्षा प्रक्रिया में बाधा डालने या अनुचित साधनों को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे थे। विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई भी शिक्षक, केंद्र व्यवस्थापक या बाहरी व्यक्ति नकल में संलिप्त पाया जाता है, तो उस पर कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जैसे-जैसे मुख्य विषयों की परीक्षाएं आगे बढ़ रही हैं, केंद्रों पर सुरक्षा घेरा और भी मजबूत किया जा रहा है।
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