UP Election 2027
UP Election 2027: उत्तर प्रदेश की सत्ता में वापसी की कोशिशों में जुटी कांग्रेस अब राज्य के सबसे निर्णायक वोट बैंक, यानी दलित समुदाय को साधने के लिए एक नई रणनीति पर काम कर रही है। इसी क्रम में पार्टी ने बहुजन आंदोलन के प्रणेता और बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक मान्यवर कांशीराम के जन्मदिन को भव्य स्तर पर मनाने का फैसला किया है। कांग्रेस ने 13 मार्च को कांशीराम की जयंती को ‘सामाजिक परिवर्तन दिवस’ के रूप में घोषित किया है। इस पहल के माध्यम से पार्टी न केवल दलित महापुरुषों के प्रति अपना सम्मान प्रकट कर रही है, बल्कि खुद को बहुजन राजनीति के नए केंद्र के रूप में स्थापित करने की कोशिश भी कर रही है।
इस बड़े राजनीतिक अभियान की औपचारिक शुरुआत 13 मार्च 2026 को राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान (जुपिटर हॉल) से की जाएगी। इस कार्यक्रम की महत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी स्वयं इसमें मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होने के लिए लखनऊ पहुंच रहे हैं। पार्टी ने इस आयोजन में दलित, पिछड़े और शोषित समाज के प्रमुख बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न जमीनी संगठनों को आमंत्रित किया है, ताकि सामाजिक न्याय की एक साझा रूपरेखा तैयार की जा सके।
राजनीतिक गलियारों में कांग्रेस के इस कदम को आगामी यूपी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि वर्तमान में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के आधार में आ रही गिरावट के कारण दलित मतदाताओं के बीच एक शून्य पैदा हुआ है। कांग्रेस इसी शून्य को भरना चाहती है। पार्टी का मानना है कि यदि वे कांशीराम की विचारधारा और उनके संघर्षों की विरासत को अपनाते हैं, तो दलित मतदाताओं का भरोसा फिर से हासिल किया जा सकता है।
कांग्रेस अब खुलकर कांशीराम के प्रसिद्ध नारे— “जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी” को अपनी राजनीति का आधार बना रही है। राहुल गांधी पिछले काफी समय से जातिगत जनगणना की मांग को प्रमुखता से उठा रहे हैं। कांग्रेस की रणनीति है कि जातिगत जनगणना के मुद्दे को सामाजिक प्रतिनिधित्व और आर्थिक न्याय से जोड़कर पेश किया जाए। पार्टी को उम्मीद है कि यह स्टैंड उन कांशीराम समर्थकों को आकर्षित करेगा जो लंबे समय से सत्ता और संसाधनों में अपनी उचित भागीदारी का इंतजार कर रहे हैं।
कांग्रेस का यह आत्मविश्वास हालिया लोकसभा चुनाव के परिणामों पर आधारित है। चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने भाजपा पर ‘400 सीटें मिलने पर संविधान बदलने’ का आरोप लगाया था, जिसने दलित और पिछड़े वर्ग के मतदाताओं के मन में एक अनजाना डर पैदा किया था। INDIA ब्लॉक का मानना है कि इस विमर्श (Narrative) ने उन्हें दलितों का बड़ा समर्थन दिलाया, जिससे यूपी में उनकी सीटों की संख्या में उल्लेखनीय सुधार हुआ। अब पार्टी इसी गति को बरकरार रखना चाहती है।
लखनऊ के मुख्य कार्यक्रम के बाद, कांग्रेस पूरे उत्तर प्रदेश में एक सप्ताह तक ‘सामाजिक परिवर्तन सप्ताह’ मनाएगी। इसके तहत तहसील और ब्लॉक स्तर पर संगोष्ठियाँ, जनसभाएं और सामाजिक सद्भाव कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के दलित युवाओं को कांग्रेस से जोड़ना और उन्हें यह समझाना है कि कांग्रेस ही उनके अधिकारों और आरक्षण की असली रक्षक है। यूपी की राजनीति में यह बदलाव आने वाले समय में सत्ता के समीकरणों को पूरी तरह बदल सकता है।
Read More: OpenAI Sora ChatGPT: OpenAI का बड़ा धमाका, अब ChatGPT में मिलेगा Sora वीडियो जनरेशन टूल का सपोर्ट
Durg School Fire : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के पोटिया कला इलाके में शुक्रवार की…
Dhamtari Police : छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से पुलिसिया बर्बरता और सत्ता के दुरुपयोग का…
Bilaspur Constable Death : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से एक बेहद दुखद और तनावपूर्ण खबर…
Chhattisgarh Weather : छत्तीसगढ़ के आसमान में बादलों की लुका-छिपी और अचानक बदलता मौसम प्रदेशवासियों…
Hyderabad Accident : तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में शुक्रवार का दिन एक परिवार के लिए…
Iran Nuclear : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप ने नाटो (NATO) देशों को संबोधित करते…
This website uses cookies.