UP Election 2027 : उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों के बीच पोस्टर वार तेज होती दिखाई दे रही है। राजधानी लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) के मुख्यालय के बाहर लगाए गए एक नए पोस्टर ने सियासी चर्चाओं को हवा दे दी है। इस पोस्टर में ब्राह्मण, केवट और निषाद समुदायों को साथ लाने का संदेश दिया गया है। पोस्टर को सीतापुर के सपा नेता चंद्र कुमार मिश्र और जय हिंद समाज पार्टी के अध्यक्ष नंद लाल निषाद ने लगवाया है।

पोस्टर पर लिखा नारा, ब्राह्मण राह दिखाएंगे और केवट पार लगाएंगे
सपा कार्यालय के बाहर लगे पोस्टर पर लिखा है, “ब्राह्मण राह दिखाएंगे, केवट पार लगाएंगे, पीडीए की सरकार बनाएंगे।” इस संदेश के जरिए पार्टी के राजनीतिक आधार को व्यापक बनाने की कोशिश दिखाई दे रही है। पोस्टर में सपा प्रमुख अखिलेश यादव को नदी में नाव पर सवार दिखाया गया है। एक ब्राह्मण नेता को मार्गदर्शन करते हुए और निषाद नेता को नाव चलाते हुए दर्शाया गया है। नाव पर ‘पीडीए परिवार’ भी लिखा हुआ है।

ब्राह्मण और निषाद मतदाताओं को जोड़ने की रणनीति
इस पोस्टर को उत्तर प्रदेश के संभावित चुनावी समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है। इसमें ब्राह्मण समुदाय के साथ केवट और निषाद समाज को जोड़ने का संदेश दिया गया है। सपा का पीडीए यानी पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों पर केंद्रित राजनीतिक विमर्श पहले से चर्चा में रहा है। ऐसे में नए पोस्टर के जरिए पार्टी के सामाजिक आधार का विस्तार करने की कोशिश का संकेत मिलता है। हालांकि, पोस्टर से जुड़े नेताओं की पहल को पार्टी की आधिकारिक चुनावी रणनीति का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
#WATCH | Lucknow, Uttar Pradesh: A poster has been put up outside the Samajwadi Party office depicting SP President Akhilesh Yadav aboard a boat.
The poster reads: "Brahmins will show the way, Kevats (boatmen) will ferry us across, and together we will form a 'PDA' government." pic.twitter.com/kTSGg5yzFy
— ANI (@ANI) October 25, 2026
पीडीए फॉर्मूले में ‘पंडित’ को जोड़ने की चर्चा
समाजवादी पार्टी लगातार पीडीए फॉर्मूले को अपनी राजनीतिक रणनीति का अहम हिस्सा बताती रही है। इस नारे में ब्राह्मणों को शामिल करने का संदेश भी दिखाई देता है। पोस्टर के माध्यम से समर्थक यह संकेत देने की कोशिश कर रहे हैं कि आगामी चुनाव में विभिन्न सामाजिक समूहों को साथ लाकर राजनीतिक समर्थन बढ़ाया जा सकता है। इससे पहले भी प्रदेश के अलग-अलग जिलों में सपा के खिलाफ पोस्टर लगाए जाने की खबरें सामने आई थीं। ऐसे में लखनऊ का यह नया पोस्टर राजनीतिक बयानबाजी को और तेज कर सकता है।

लोकसभा चुनाव 2024 में सपा को मिली थीं 37 सीटें
2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश की 80 सीटों में से 37 सीटों पर जीत दर्ज की थी। पार्टी की इस सफलता के बाद पीडीए फॉर्मूले को लेकर राजनीतिक बहस तेज हुई थी। अब विधानसभा चुनाव से पहले ब्राह्मण और निषाद समुदायों को जोड़ने वाले संदेश के जरिए नए सामाजिक समीकरणों की चर्चा हो रही है। हालांकि, आगामी चुनाव में इन समुदायों का समर्थन किस दल को मिलेगा, यह राजनीतिक परिस्थितियों और मतदाताओं के फैसले पर निर्भर करेगा।
#WATCH | Lucknow, Uttar Pradesh: A poster of the Congress party with '200 seat haq hai hamara' has been put up in Lucknow. pic.twitter.com/OuXyv5vvtl
— ANI (@ANI) October 25, 2026
कांग्रेस के पोस्टर ने भी बढ़ाई गठबंधन की चर्चा
लखनऊ में कांग्रेस की ओर से लगाए गए एक पोस्टर ने भी राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। इस पोस्टर पर ‘200 सीट हमारा हक है’ लिखा हुआ है। सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव में सपा से 200 से अधिक सीटें मांग रही है, जबकि सपा की ओर से 60 से 70 सीटें देने की चर्चा है। हालांकि, सीट बंटवारे को लेकर इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अखिलेश यादव का दावा, गठबंधन एकजुट
सीट बंटवारे को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच अखिलेश यादव ने हाल ही में कहा था कि सच्चाई किसी को पता नहीं है और गठबंधन एकजुट है। उन्होंने सरकार बनाने का भरोसा भी जताया। ऐसे में सपा मुख्यालय के बाहर लगा नया पोस्टर और कांग्रेस का सीटों से जुड़ा संदेश आगामी चुनाव से पहले गठबंधन की राजनीति, सामाजिक समीकरणों और संभावित रणनीति को लेकर चर्चाओं को नया आयाम दे रहा है।
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