UP Politics
UP Politics: समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने अपनी पत्नी डिंपल यादव और राज्यसभा सांसद जया बच्चन के साथ आज आगरा स्थित फतेहपुर सीकरी में हजरत शेख सलीम चिश्ती की दरगाह पर चादर चढ़ाई। यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब देश बाबरी विध्वंस की 33वीं वर्षगांठ मना रहा है, जिसके चलते अखिलेश यादव का दरगाह पहुंचना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है और माना जा रहा है कि इस पर सियासत गरमा सकती है।
दरगाह पर चादर चढ़ाने के बाद मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने देश में अमन और चैन के लिए दुआ की। उन्होंने कहा, “जो हमारी हिंदुस्तानियत है, मिली जुली संस्कृति है, एक दूसरे के प्रति हम लोगों का लगाव इस देश में और बढ़े, ऐसी ही हमारी कामना है यहां से।”
इसके अलावा, उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर को याद करते हुए संविधान की महत्ता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “आज बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जी को हम लोग याद करते हैं। उन्होंने जो संविधान दिया उसकी वजह से हमको हक और सम्मान मिल रहा है।” अखिलेश यादव ने संविधान को अपने राजनीतिक एजेंडे से जोड़ते हुए कहा कि “संविधान की किताब PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के लिए किस्मत की किताब है।”
अखिलेश यादव ने इस दौरान आर्थिक नीतियों पर भी केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा, “सरकार यह समझ ले कि अगर उद्योगपति ताकतवर होंगे तो हमको आपको फेस करना पड़ेगा।” उन्होंने जोर देकर कहा कि “सरकार ताकतवर हो, उद्योगपति ताकतवर ना हो, यह सरकार को सोचना चाहिए।” अखिलेश यादव का यह बयान पूंजीवाद पर अंकुश लगाने और सरकारी नियंत्रण को मजबूत करने की तरफ इशारा करता है।
उत्तर प्रदेश की राजनीति और आगामी चुनावों पर बात करते हुए अखिलेश यादव ने दावा किया कि “इस बार आगरा ऐतिहासिक परिणाम समाजवादियों के पक्ष में देने जा रहा है।” उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर निशाना साधते हुए कहा कि “हम लोगों ने भी बीजेपी से सीख लिया है समीकरण बनाना।”
उन्होंने ‘SIR’ (संभवतः वोटर लिस्ट से नाम हटाने) को लेकर भी बयान दिया और आरोप लगाया कि सरकार वोट बढ़ाने के स्थान पर वोट कटवा रही है। अखिलेश ने कहा कि आगरा के आने वाले समय में समीकरण बदलेंगे और समाजवादी पार्टी भी उन साथियों को मौका देगी, “जो जनता के बीच ज्यादा काम कर रहे हों।”
अखिलेश यादव ने फतेहपुर सीकरी की दरगाह पर चादर चढ़ाने के साथ ही मन्नत का धागा भी बांधा। यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने ऐसा किया है। उन्होंने याद दिलाया कि साल 2012 में भी अखिलेश यादव ने यहां मन्नत का धागा बांधा था, जिसके बाद उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनी थी। शनिवार दोपहर लगभग 1:30 बजे दरगाह पहुंचे अखिलेश यादव के दौरे के दौरान पूरे इलाके में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही।
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