UPSC Result 2025: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा सिविल सेवा परीक्षा 2025 के अंतिम परिणाम घोषित कर दिए गए हैं, जिसमें छत्तीसगढ़ के युवाओं ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। राज्य के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले के जनकपुर की रहने वाली दर्शना सिंह ने अखिल भारतीय स्तर पर 383वीं रैंक हासिल कर अपने क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनके इस शानदार प्रदर्शन के आधार पर उन्हें भारतीय पुलिस सेवा (IPS) मिलने की पूरी संभावना है। इसी कड़ी में, धमतरी जिले के रहने वाले डीएसपी डायमंड सिंह ने भी 623वीं रैंक प्राप्त कर सफलता की नई इबारत लिखी है। वे वर्तमान में राज्य पुलिस सेवा में कार्यरत हैं और अब आईपीएस अधिकारी बनने की दहलीज पर खड़े हैं।
आईआईटी कानपुर की छात्रा दर्शना सिंह: मेधावी सफर और दृढ़ संकल्प
दर्शना सिंह बचपन से ही एक मेधावी छात्रा रही हैं और उनकी इस सफलता के पीछे वर्षों की कड़ी मेहनत छिपी है। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा के दौरान ही अपनी प्रतिभा का परिचय दे दिया था। वर्ष 2017-18 में दर्शना ने डीएवी स्कूल भगवानपुर से 97 प्रतिशत अंकों के साथ बारहवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। इसके पश्चात, उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी (IIT) कानपुर में इंजीनियरिंग के लिए प्रवेश पाया। इंजीनियरिंग की डिग्री पूरी करने के बाद, उन्होंने किसी बहुराष्ट्रीय कंपनी में मोटी नौकरी करने के बजाय देश सेवा को चुना और यूपीएससी की कठिन तैयारी में जुट गईं।
दूसरे प्रयास में मिली बड़ी कामयाबी: असफलता से नहीं मानी हार
दर्शना सिंह की यह सफलता उनके अटूट धैर्य का परिणाम है। पिछले वर्ष भी उन्होंने यूपीएससी की प्रारंभिक (Pre) और मुख्य (Mains) परीक्षा सफलतापूर्वक पास कर ली थी, लेकिन अंतिम बाधा यानी साक्षात्कार (Interview) में उनका चयन नहीं हो सका था। इस असफलता ने उन्हें तोड़ा नहीं, बल्कि और अधिक मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। अपने दूसरे ही प्रयास में उन्होंने 383वीं रैंक हासिल कर अपनी योग्यता साबित कर दी। दर्शना के पिता, अरुण सिंह बघेल, पेशे से एक किसान हैं और सोसाइटियों का संचालन करते हैं, जबकि उनकी मां, सीमा सिंह, जनकपुर नगर पंचायत की पार्षद हैं। उनके चयन से पूरे जनकपुर में हर्ष का माहौल है।
डीएसपी डायमंड सिंह: वर्दी में रहते हुए हासिल किया बड़ा मुकाम
धमतरी जिले के ग्राम परसवानी के मूल निवासी डायमंड सिंह की कहानी भी अत्यंत प्रेरणादायक है। वे छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस सेवा के 2024 बैच के अधिकारी हैं। विशेष बात यह है कि डायमंड सिंह ने साल 2024 में ही अपने पहले प्रयास में सीजीपीएससी (CGPSC) की परीक्षा पास कर डीएसपी का पद हासिल किया था। वर्तमान में पुलिस सेवा की व्यस्तताओं और जिम्मेदारियों के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी। ड्यूटी के साथ-साथ समय निकालकर यूपीएससी की तैयारी करना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन उनकी एकाग्रता ने उन्हें 623वीं रैंक तक पहुँचा दिया।
सफलता का मंत्र: निरंतरता और अटूट प्रयास
दर्शना और डायमंड दोनों की सफलता यह दर्शाती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, तो परिस्थितियाँ बाधा नहीं बनतीं। जहाँ दर्शना ने आईआईटी के बैकग्राउंड के साथ अपनी तकनीकी समझ का उपयोग सिविल सेवा में किया, वहीं डायमंड सिंह ने प्रशासनिक सेवा में रहते हुए भी अपने बड़े लक्ष्य को ओझल नहीं होने दिया। इन दोनों ही अभ्यर्थियों की सफलता छत्तीसगढ़ के उन हजारों युवाओं के लिए मिसाल है, जो सीमित संसाधनों के बीच बड़े सपने देखते हैं। दर्शना का चयन उनके परिवार की मेहनत और डायमंड का चयन उनकी निरंतरता का प्रतीक है।
रिजल्ट देखने की प्रक्रिया और आगामी चरण
यूपीएससी ने अपनी आधिकारिक घोषणा में बताया है कि सफल उम्मीदवारों की पूरी सूची वेबसाइट पर उपलब्ध है। जो उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल हुए थे, वे अपना रोल नंबर और रैंक देखने के लिए आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in या upsconline.nic.in पर जा सकते हैं। मेरिट लिस्ट के साथ-साथ, जल्द ही उम्मीदवारों के व्यक्तिगत अंक (Marks) भी पोर्टल पर अपलोड कर दिए जाएंगे। विभाग द्वारा अब चयनित उम्मीदवारों के कैडर आवंटन और प्रशिक्षण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
















