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US 250th Anniversary Coin: अमेरिकी आजादी के 250 साल, सोने के सिक्के पर डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीर से छिड़ा महासंग्राम, क्या टूटेगा 160 साल पुराना कानून?

US 250th Anniversary Coin: संयुक्त राज्य अमेरिका अपनी आजादी के 250 गौरवशाली वर्ष पूरे करने की तैयारी कर रहा है, लेकिन इस ऐतिहासिक अवसर के लिए जारी होने वाला एक स्मारक सिक्का राजनीतिक विवादों के केंद्र में आ गया है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग और यूएस मिंट ने इस खास मौके पर 24 कैरेट शुद्ध सोने का एक विशेष कॉइन जारी करने का निर्णय लिया है, जिस पर मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीर अंकित होगी। सिक्के के डिजाइन में ट्रंप को ‘रिजॉल्यूट डेस्क’ पर झुके हुए और दृढ़ता से मुट्ठी भींचे हुए दिखाया गया है। गौरतलब है कि 4 जुलाई 1776 को 13 अमेरिकी उपनिवेशों ने ब्रिटेन से अपनी स्वतंत्रता की घोषणा की थी, और साल 2026 में इस महान घटना की ढाई सौवीं वर्षगांठ मनाई जाएगी।

इतिहास की पुनरावृत्ति: कैल्विन कूलिज और जीवित राष्ट्रपति की परंपरा

अमेरिकी मुद्रा के इतिहास में यह पहली बार नहीं है जब किसी जीवित राष्ट्रपति की छवि सिक्के पर उकेरी जा रही है, हालांकि यह अत्यंत दुर्लभ है। इससे पहले साल 1926 में, अमेरिका की आजादी के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में तत्कालीन राष्ट्रपति कैल्विन कूलिज की तस्वीर जॉर्ज वॉशिंगटन के साथ स्मारक सिक्के पर दिखाई दी थी। सामान्य तौर पर, अमेरिकी कानून जीवित व्यक्तियों की तस्वीर को आधिकारिक मुद्रा पर छापने पर कड़ा प्रतिबंध लगाता है। हालांकि, ट्रेजरी विभाग का तर्क है कि चूंकि यह एक ‘स्मारक सिक्का’ (Commemorative Coin) है और इसे सामान्य बाजार में लेन-देन के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाएगा, इसलिए यह कानूनी प्रतिबंधों के दायरे से बाहर है और इसे विशेष संग्रहकर्ताओं (Collectors) के लिए जारी किया जा रहा है।

फाइन आर्ट्स कमीशन की मंजूरी और राजनीतिक घमासान

19 मार्च को अमेरिकी ‘कमीशन ऑफ फाइन आर्ट्स’ ने इस विवादित सिक्के के डिजाइन को अपनी हरी झंडी दे दी है। हालांकि, इसके अंतिम आकार और औपचारिक स्वीकृति की प्रक्रिया अभी भी पाइपलाइन में है। ट्रेजरी अधिकारी ब्रैंडन बीच ने इस कदम का बचाव करते हुए कहा कि यह सिक्का अमेरिका की लोकतांत्रिक भावना और 250 साल की समृद्ध विरासत का प्रतीक है। उन्होंने ट्रंप को इस समय के लिए सबसे उपयुक्त प्रतीक बताया। दूसरी ओर, विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने इस फैसले को ‘अधिनायकवादी’ करार दिया है। सीनेटर जेफ मर्कली ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सिक्कों पर चेहरे तानाशाहों और राजाओं के होते हैं, न कि जीवित लोकतांत्रिक नेताओं के। विपक्ष इसे ट्रंप की व्यक्तिगत छवि को जबरन इतिहास में दर्ज करने की कोशिश मान रहा है।

बाजार में चलन और अन्य विशेष स्मारकों की योजना

विवाद को शांत करने के लिए ट्रेजरी विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह स्वर्ण सिक्का आम जनता के बीच विनिमय की मुद्रा के रूप में नहीं चलेगा। यह केवल एक निवेश और यादगार वस्तु के रूप में उपलब्ध होगा। इसके साथ ही, वर्ष 2026 के लिए ‘1776–2026’ अंकित और प्रसिद्ध ‘लिबर्टी बेल’ वाले कई अन्य सिक्कों और पदकों के डिजाइन भी तैयार किए जा रहे हैं। आलोचकों और राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप प्रशासन इस प्रकार के प्रतीकों के माध्यम से अपनी राजनीतिक विरासत को राष्ट्रीय पहचान के साथ जोड़ने की रणनीति पर काम कर रहा है।

लोकतंत्र बनाम व्यक्तिगत छवि: एक वैचारिक बहस

इस सिक्के ने अमेरिका में एक नई वैचारिक बहस को जन्म दे दिया है। एक पक्ष इसे राष्ट्रपति के प्रति सम्मान और आधुनिक अमेरिका की शक्ति के प्रदर्शन के रूप में देख रहा है, जबकि दूसरा पक्ष इसे स्थापित लोकतांत्रिक परंपराओं के उल्लंघन के रूप में देख रहा है। जैसे-जैसे 2026 की तारीख नजदीक आ रही है, यह स्वर्ण सिक्का न केवल अपनी शुद्धता बल्कि अपने पीछे छिपे राजनीतिक संदेशों के कारण भी अंतरराष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियों में बना हुआ है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कानूनी चुनौतियों के बीच यह सिक्का अपने अंतिम स्वरूप में जनता के सामने आ पाता है या नहीं।

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