US China Trade War: अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन से आयात होने वाली वस्तुओं पर 100 प्रतिशत नए टैरिफ लगाने का फैसला किया है। यह कदम चीन द्वारा रेयर अर्थ मिनरल्स (Rare-Earth Minerals) के निर्यात पर लगाए गए सख्त नियंत्रण के जवाब में उठाया गया है। इस फैसले के बाद चीन ने इसे डबल स्टैंडर्ड और व्यापारिक आचरण का अनुचित उदाहरण बताते हुए कड़ी निंदा की है।
चीन ने साफ किया है कि उसके द्वारा लगाए गए निर्यात नियंत्रण वैध हैं और उनका उद्देश्य वैश्विक औद्योगिक एवं सप्लाई चेन की सुरक्षा बनाए रखना है। चीन सरकार ने सभी देशों के साथ संवाद और सहयोग बढ़ाने के लिए अपनी तत्परता जताई है। वहीं, चीन ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि सितंबर 2025 के बाद से अमेरिका ने चीन के खिलाफ आर्थिक दबाव बढ़ा दिया है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक वार्ता का माहौल खराब हुआ है।
चीन के वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, “अमेरिका के इन कदमों ने चीन के हितों को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। हर मोड़ पर उच्च टैरिफ की धमकी देना चीन के साथ बातचीत का सही तरीका नहीं है।” चीन ने ट्रंप प्रशासन से अपने व्यापारिक दृष्टिकोण में बदलाव की अपील करते हुए चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका अपनी गलत नीतियों पर अड़ा रहा तो चीन अपने वैध अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाएगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया कि चीन द्वारा लगाए गए रेयर अर्थ मिनरल्स पर नियंत्रण सभी देशों को प्रभावित करता है और यह चीन की विश्व व्यापार पर हावी होने की रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने इसे नैतिक अपमान बताया और कहा कि अमेरिका एकतरफा कार्रवाई करेगा चाहे अन्य देश कुछ भी करें। ट्रंप ने कहा कि 1 नवंबर 2025 से चीन से आने वाली वस्तुओं पर 100% नए टैरिफ लागू किए जाएंगे, जो वर्तमान में लगाए गए टैरिफ से अलग और अधिक होंगे।
इस व्यापारिक टकराव के चलते अमेरिका और चीन के बीच 2025 में होने वाली उच्चस्तरीय बैठक भी खतरे में है। अमेरिकी प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि हालात नहीं सुधरे तो राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ निर्धारित मुलाकात रद्द की जा सकती है।
चीन ने कहा है कि वे व्यापार युद्ध नहीं चाहते, लेकिन उससे डरते भी नहीं। चीनी प्रवक्ता ने कहा, “हम अमेरिका से अपील करते हैं कि वह अपनी गलत प्रथाओं को तुरंत सुधारें ताकि दोनों देशों के बीच सहयोग का रास्ता खुल सके।”
अमेरिका-चीन के बीच व्यापारिक तनाव ने वैश्विक आर्थिक स्थिरता पर बड़ा असर डाला है। नए टैरिफ और निर्यात नियंत्रण ने दोनों देशों के बीच संबंधों को और जटिल बना दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तनाव से विश्व बाजार में अस्थिरता बढ़ेगी और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हो सकती है। दोनों देशों के लिए संवाद और समझौते की ही राह सही होगी, ताकि व्यापार युद्ध के खतरे से बचा जा सके।
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