US Declaration of Independence: 249 साल बाद 3 हजार KM दूर मिली आजादी के घोषणा-पत्र की दुर्लभ कॉपी

US Declaration of Independence: ब्रिटेन के नेशनल आर्काइव्स में पिछले 11 वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे स्वयंसेवक माइकल स्कर ने इतिहास के पन्नों में एक ऐसी खोज की है, जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। माइकल स्कर, जो पेश से एक सेवानिवृत्त बीमा अधिकारी हैं, हर गुरुवार की सुबह पुराने और धूल भरे सरकारी दस्तावेजों को सूचीबद्ध करने का काम करते हैं। उनका उद्देश्य भविष्य के शोधकर्ताओं के लिए रिकॉर्ड को सुलभ बनाना है। लेकिन मई 2026 में उनकी यह नियमित प्रक्रिया तब एक ऐतिहासिक खोज में बदल गई, जब उन्हें 18वीं शताब्दी के रॉयल नेवी कैप्टन के पत्रों के बीच एक बेहद दुर्लभ दस्तावेज प्राप्त हुआ। यह खोज अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ से ठीक पहले सामने आई है, जो इतिहास प्रेमियों के लिए किसी बड़े उपहार से कम नहीं है।

ads

युद्धपोत Dalton की फाइलों में छिपा था यह अनमोल खजाना

माइकल स्कर की यह खोज 24 दिसंबर 1776, यानी क्रिसमस की पूर्व संध्या से जुड़ी है। उस दिन की एक रिपोर्ट की जांच करते समय, उन्हें एक ऐसा दस्तावेज मिला जिस पर ‘अन्य दस्तावेज’ अंकित था। उन्होंने बड़ी सावधानी से उस लिफाफे को खोला और अंदर मौजूद कागजों को देखा। दस्तावेज के शीर्ष पर बड़े अक्षरों में ‘Declaration’ लिखा हुआ था। स्कर ने बताया कि जैसे ही उनकी नजर उस शब्द पर पड़ी, उन्हें तुरंत अहसास हो गया कि यह अमेरिका का ‘Declaration of Independence’ यानी स्वतंत्रता का घोषणा-पत्र है। वह पल उनके लिए अत्यंत रोमांचक और अविस्मरणीय था। बाद में नेशनल आर्काइव्स के विशेषज्ञों ने पुष्टि की कि यह कोई साधारण कागज नहीं, बल्कि अमेरिकी इतिहास का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है।

Adst

250 साल पुरानी ‘एक्सेटर प्रिंटिंग’ और उसका महत्व

आर्काइव्स के शोधकर्ताओं ने जांच के बाद बताया कि यह घोषणा-पत्र की उन शुरुआती प्रतियों में से एक है, जिन्हें अमेरिका की आजादी की सूचना तेजी से फैलाने के लिए प्रकाशित किया गया था। यह वह दौर था जब उत्तरी अमेरिका की 13 विद्रोही कॉलोनियों ने ब्रिटेन से अपने सभी संबंध तोड़ लिए थे और आजादी का शंखनाद किया था। विशेषज्ञों ने बताया कि यह ‘एक्सेटर प्रिंटिंग’ की ज्ञात 11 मूल प्रतियों में से एक है। इस खोज की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह पूरे विश्व में अमेरिका के बाहर मिली अब तक की एकमात्र प्रति है। यह प्रति 16 से 19 जुलाई 1776 के बीच अमेरिका के न्यू हैम्पशायर के एक्सेटर में छापी गई थी, जो अब अमेरिका से 3,000 किलोमीटर से अधिक दूर ब्रिटेन के एक सरकारी रिकॉर्ड में दबी हुई मिली।

इतिहास के पन्नों में फिर से जीवित हुई अमेरिकी क्रांति

ब्रिटेन के नेशनल आर्काइव्स द्वारा गुरुवार को सार्वजनिक की गई यह जानकारी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है। अमेरिका की स्वतंत्रता के 250 वर्ष पूरे होने के जश्न के करीब आते ही, इस दस्तावेज का मिलना एक सुखद संयोग है। यह ऐतिहासिक खोज न केवल शोधकर्ताओं के लिए एक खजाना है, बल्कि यह उन संघर्षपूर्ण दिनों की याद दिलाती है जब अमेरिका अपनी स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ रहा था। माइकल स्कर की लगन और निष्ठा ने साबित कर दिया है कि इतिहास के बंद कमरों में आज भी ऐसी कई कड़ियाँ दबी हो सकती हैं, जो हमारी समझ और इतिहास के ज्ञान को बदल सकती हैं। यह खोज अमेरिकी और ब्रिटिश इतिहास के साझा संबंधों के एक नए अध्याय को उजागर करती है।

Read More  :  Ayatollah Khamenei Funeral: खामेनेई को विदाई में भावुक हुए गालीबाफ और अराघची, रोते हुए VIDEO वायरल

Adst
Chandan Das

Chandan Das

Writer & Blogger

All Posts
Previous Post
Next Post

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • FIFA World Cup 2026
  • Thetarget365
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अन्य
  • अपराध
  • कारोबार
  • कृषि
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • ट्रेंड
  • ताज़ा खबर
  • धर्म
  • पशु-पक्षी
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • विचार/लेख
  • शिक्षा और नौकरी
  • साहित्य/मीडिया
  • सेहत-फिटनेस

© 2026 | All Rights Reserved | Thetarget365.com | Made By Top News Portal Development Company

Contacts

Call Us At – +91-:9406130006
WhatsApp – +91 62665 68872
Mail Us At – thetargetweb@gmail.com
Meet Us At – Shitla Ward, Ambikapur Dist. Surguja Chhattisgarh.497001.