US Iran UN Clash
US Iran UN Clash : ईरान में चल रहे भीषण विरोध प्रदर्शनों और हिंसक कार्रवाई के बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) का मंच जंग के मैदान में तब्दील हो गया। अमेरिका और ईरान के शीर्ष अधिकारी एक-दूसरे के सामने आए, जहां तनाव अपने चरम पर दिखाई दिया। इस दौरान अमेरिकी राजदूत ने एक तरफ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा तनाव कम करने के प्रयासों का जिक्र किया, तो दूसरी तरफ इस्लामिक रिपब्लिक को कड़े लहजे में चेतावनी भी दी। दोनों देशों के बीच संबंधों में आई यह कड़वाहट वैश्विक राजनीति के लिए एक गंभीर संकेत मानी जा रही है।
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने सुरक्षा परिषद में बेहद सख्त रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप केवल अंतहीन बातचीत करने में विश्वास नहीं रखते, बल्कि वे कार्रवाई करने वाले नेता हैं। वॉल्ट्ज ने चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान में हो रहे “नरसंहार” को रोकने के लिए अमेरिका के पास सभी विकल्प खुले हैं। उन्होंने ईरानी शासन को आगाह किया कि उन्हें ट्रंप की क्षमता और इरादों को कमतर नहीं आंकना चाहिए।
ईरान के भीतर की स्थिति अत्यंत भयावह बनी हुई है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और एक्टिविस्ट्स का दावा है कि सरकारी दमन के कारण अब तक कम से कम 2,637 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। हालांकि, रिपोर्टों के अनुसार अब विरोध प्रदर्शन कुछ हद तक दब गए हैं, लेकिन शासन ने अभी भी देश में इंटरनेट और फोन सेवाओं को ठप कर रखा है ताकि बाहरी दुनिया तक जानकारी न पहुंच सके। ट्रंप ने हालांकि संकेत दिया है कि हत्याओं का सिलसिला थमता दिख रहा है, लेकिन क्षेत्र में अमेरिकी जवाबी कार्रवाई की संभावना अभी भी बनी हुई है।
आपातकालीन बैठक के दौरान एक भावुक और चौंकाने वाला क्षण तब आया जब अमेरिका द्वारा आमंत्रित ईरानी असंतुष्ट मसीह अलीनेजाद ने सीधे ईरानी प्रतिनिधि को संबोधित किया। अलीनेजाद ने आरोप लगाया कि ईरानी शासन ने उन्हें ब्रुकलिन स्थित उनके घर पर तीन बार मारने की कोशिश की। उन्होंने परिषद को बताया कि उन्होंने अपने संभावित हत्यारे को अपनी आंखों से अपने बगीचे के सामने देखा है। जब वे अपनी आपबीती सुना रही थीं, तब ईरानी अधिकारी बिना किसी भाव के सीधे आगे देखते रहे, जिसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने संवेदनहीनता करार दिया।
एक अन्य असंतुष्ट अहमद बातेबी ने जेल में दी जाने वाली रूह कंपा देने वाली यातनाओं का विवरण दिया। उन्होंने बताया कि कैसे गार्ड्स उन्हें चोट पहुँचाते थे और फिर उनके घावों पर नमक छिड़कते थे। बातेबी ने सुरक्षा परिषद के सामने अपना शरीर दिखाकर घावों के सबूत देने की पेशकश भी की। उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप से मार्मिक अपील करते हुए कहा कि ईरानी लोगों को इस संघर्ष में अकेला न छोड़ें, क्योंकि अमेरिकी प्रोत्साहन के बाद ही लोग अपनी आजादी के लिए सड़कों पर उतरे हैं।
इस राजनीतिक उठापटक के बीच, अमेरिका ने विरोध प्रदर्शनों को कुचलने के जिम्मेदार ईरानी अधिकारियों पर नए और कड़े प्रतिबंधों की घोषणा की है। दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से फोन पर बात कर अमेरिकी “अवैध हस्तक्षेप” की निंदा करने की मांग की। ईरान का तर्क है कि अमेरिका उसके आंतरिक मामलों में दखल देकर अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन कर रहा है।
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