USS Nimitz Caribbean
USS Nimitz Caribbean : अमेरिका और क्यूबा के बीच राजनीतिक और कूटनीतिक मोर्चे पर जारी तनातनी अब सैन्य टकराव की आशंका में बदलती नजर आ रही है। बढ़ते अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच अमेरिकी नौसेना (US Navy) का सबसे विशाल और शक्तिशाली परमाणु ऊर्जा से चलने वाला एयरक्राफ्ट कैरियर ‘यूएसएस निमिट्ज’ (USS Nimitz) अपने पूरे स्ट्राइक ग्रुप के साथ कैरेबियन सागर में पहुंच गया है। अमेरिकी मीडिया घराने ‘द हिल’ की एक विशेष रिपोर्ट के अनुसार, वाशिंगटन द्वारा की गई यह आक्रामक सैन्य तैनाती ऐसे समय में हुई है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्यूबा की कम्युनिस्ट सरकार के खिलाफ बेहद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है और उसे गंभीर परिणाम भुगतने की सीधी चेतावनी दी है। कैरेबियन और लैटिन अमेरिकी क्षेत्रों में अमेरिकी सेना के सभी अभियानों की निगरानी करने वाले ‘अमेरिकी दक्षिणी कमान’ (Southcom) ने बुधवार को आधिकारिक तौर पर इस बेड़े की तैनाती की पुष्टि की है।
यूएसएस निमिट्ज स्ट्राइक ग्रुप की इस संवेदनशील क्षेत्र में मौजूदगी की घोषणा करते हुए अमेरिकी दक्षिणी कमान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक आधिकारिक संदेश जारी किया। कमान ने कहा कि यूएसएस निमिट्ज ने ताइवान स्ट्रेट से लेकर अरब की खाड़ी (Persian Gulf) तक दुनिया के हर कोने में अपनी अदम्य सैन्य शक्ति और संप्रभुता को साबित किया है। यह युद्धपोत वैश्विक स्तर पर स्थिरता बनाए रखने और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने में हमेशा से एक अग्रणी भूमिका निभाता रहा है। सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इस युद्धपोत को कैरेबियन सागर में तैनात करने का सीधा उद्देश्य हवाना की कम्युनिस्ट सरकार पर मनोवैज्ञानिक और सैन्य दबाव बनाना है, ताकि वह क्षेत्र में अमेरिकी हितों को चुनौती न दे सके।
कैरेबियन सागर में तैनात किए गए इस अमेरिकी नौसैनिक स्ट्राइक ग्रुप की मारक क्षमता बेहद विनाशकारी है। इस बेड़े के मुख्य केंद्र में निमिट्ज श्रेणी का विशालकाय विमानवाहक युद्धपोत यूएसएस निमिट्ज मौजूद है, जिसके ऊपर अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों का पूरा दस्ता तैनात है। इसमें हवा से हवा और हवा से जमीन पर अचूक निशाना लगाने वाले F/A-18E सुपर हॉर्नेट (Super Hornet) लड़ाकू विमान, दुश्मन के रडार को पूरी तरह जाम करने वाले EA-18G ग्रोलर इलेक्ट्रॉनिक युद्धक विमान और रणनीतिक रसद आपूर्ति के लिए C-2A ग्रेहाउंड विमान शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, इस बेड़े की सुरक्षा और हमलावर क्षमता को बढ़ाने के लिए आरले बुर्के श्रेणी का मिसाइल विध्वंसक पोत ‘यूएसएस ग्रिडली’ (USS Gridley) और ईंधन व रसद की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने वाला ‘यूएसएनएस पटक्सेंट’ (USNS Patuxent) नाम का फ्यूल सप्लायर जहाज भी साए की तरह साथ चल रहा है।
विशालकाय युद्धपोत यूएसएस निमिट्ज का अमेरिकी नौसेना में एक बेहद गौरवशाली और लंबा इतिहास रहा है। इसे वर्ष 1975 में पहली बार अमेरिकी नौसेना के बेड़े में शामिल किया गया था, और तब से लेकर आज तक यह अमेरिका की अग्रिम सैन्य पंक्ति का मुख्य हिस्सा रहा है। कैरेबियन सागर में इस महत्वपूर्ण मिशन पर रवाना होने से ठीक पहले, इस परमाणु युद्धपोत ने ब्राजील की नौसेना के साथ रियो डी जनेरियो के समुद्र तट के पास एक व्यापक संयुक्त नौसैनिक अभ्यास में भाग लिया था। ब्राजील स्थित अमेरिकी दूतावास ने इस युद्धाभ्यास की तस्वीरें और विवरण साझा किए थे। इस सफल अभ्यास के तुरंत बाद पूरे स्ट्राइक ग्रुप का रुख क्यूबा की ओर मोड़ दिया गया, जिससे स्पष्ट है कि पेंटागन इस क्षेत्र को लेकर बेहद गंभीर है।
इस रणनीतिक सैन्य घेराबंदी के बीच, व्हाइट हाउस से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि उनकी सरकार की पैनी नजर क्यूबा की हर गतिविधि पर बनी हुई है। ट्रंप का यह तीखा बयान उस वक्त सामने आया जब अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) ने क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति और कम्युनिस्ट नेता राउल कास्त्रो के खिलाफ हत्या और साजिश रचने के तहत मुकदमा दर्ज किया। यह पूरा कानूनी मामला वर्ष 1996 में अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में क्यूबा विरोधी पायलटों द्वारा उड़ाए जा रहे दो नागरिक विमानों को मार गिराने की घटना से संबंधित है। उस ऐतिहासिक विमान हादसे में चार लोगों की मौत हो गई थी, जिसे अमेरिका आज भी अपनी संप्रभुता पर हमला मानता है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस कानूनी कार्रवाई को रेखांकित करते हुए पत्रकारों से कहा, “यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण और कूटनीतिक मुद्दा है। यह केवल क्यूबा-अमेरिकियों के लिए ही नहीं, बल्कि उन सभी लोगों के लिए एक ऐतिहासिक और भावुक क्षण है जो क्यूबा की तानाशाही से भागकर अमेरिका आए हैं और अपने परिवारों से मिलने वापस जाना चाहते हैं।” गौर करने वाली बात यह है कि इस अभियोग पत्र को जानबूझकर क्यूबा के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ही सार्वजनिक किया गया, ताकि क्यूबा की जनता को एक कड़ा राजनीतिक संदेश दिया जा सके।
उधर, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, जो खुद क्यूबा मूल के अमेरिकी नागरिक हैं, ने सीधे क्यूबा की आम जनता के लिए स्पेनिश भाषा में एक विशेष वीडियो संदेश जारी किया। अपने संबोधन में रुबियो ने क्यूबा पर लगाए गए अमेरिकी ईंधन प्रतिबंधों का पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने द्वीप पर हो रही भयंकर बिजली कटौती और बदहाल आर्थिक स्थिति के लिए वहां की कम्युनिस्ट सरकार के कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया।
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