US Iran Warning
US Iran Warning : अमेरिका के नवनियुक्त रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने ईरान को लेकर एक बेहद सख्त और कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि तेहरान अमेरिका द्वारा प्रस्तावित समझौतों को स्वीकार नहीं करता है, तो उसे गंभीर सैन्य परिणामों का सामना करना पड़ेगा। हेगसेथ के अनुसार, इस संघर्ष का अंत केवल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शर्तों पर ही संभव है। उन्होंने वैश्विक मंच से यह संदेश दिया कि डोनाल्ड ट्रंप न तो ‘ब्लफ’ (दिखावा) करते हैं और न ही पीछे हटते हैं। आने वाले कुछ दिनों को इस युद्ध के लिए ‘निर्णायक’ बताते हुए उन्होंने कहा कि ईरान के नए नेतृत्व को यह समझना चाहिए कि अमेरिका अब किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है।
हेगसेथ ने दावा किया है कि ईरान के भीतर पहले ही सत्ता परिवर्तन जैसी स्थितियाँ बन चुकी हैं और मौजूदा शासन को पहले से कहीं अधिक समझदारी दिखाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप कूटनीतिक समझौते के लिए तैयार हैं, लेकिन उसकी शर्तें पूरी तरह से अमेरिकी हितों पर आधारित हैं। यदि ईरान इन शर्तों को नहीं मानता, तो अमेरिकी युद्ध विभाग (Pentagon) अपनी कार्रवाई की तीव्रता को और अधिक बढ़ा देगा। हेगसेथ का तर्क है कि अमेरिका के पास सैन्य विकल्पों का भंडार बढ़ता जा रहा है, जबकि ईरान की रक्षा क्षमताएं लगातार हो रहे हमलों के कारण तेजी से क्षीण हो रही हैं। उनके अनुसार, ईरानी सेना का मनोबल भी अब गिरने लगा है।
रक्षा मंत्री ने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि कुछ सप्ताह पहले कुवैत में ‘फ्रेंडली फायर’ (अपनों की ही गोलाबारी) का शिकार हुए अमेरिकी F-15 फाइटर जेट्स के तीन कैप्टन अब पूरी तरह स्वस्थ होकर ड्यूटी पर लौट आए हैं। उन्होंने यह भी बड़ा दावा किया कि इन जांबाज पायलटों ने हाल ही में तेहरान पर किए गए बमबारी मिशनों में भी सक्रिय रूप से हिस्सा लिया है। हालांकि, हेगसेथ ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में अमेरिका की योजना ईरान की धरती पर जमीनी सैनिक (Ground Troops) भेजने की नहीं है, लेकिन उन्होंने यह संकेत भी दे दिया कि यदि भविष्य में ऐसा कोई रणनीतिक फैसला लिया जाता है, तो उसे सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। इस बयान को विशेषज्ञों द्वारा संभावित ‘ग्राउंड इन्वेजन’ की चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है।
हाल ही में राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा साझा किए गए एक वीडियो का जिक्र करते हुए हेगसेथ ने बताया कि वह फुटेज इस्फहान स्थित ईरान के एक विशाल गोला-बारूद डिपो पर किए गए अमेरिकी हमले का है। उन्होंने कहा कि ईरान ने अपने देश में इंटरनेट पर कड़ी पाबंदी लगा रखी है ताकि दुनिया को वहां हो रही तबाही का पता न चल सके, इसलिए ऐसे वीडियो बहुत कम ही सामने आ पाते हैं। हेगसेथ ने यह भी विश्वास जताया कि ईरान चाहे कितनी भी मिसाइलें दाग ले, अमेरिका का डिफेंस सिस्टम हर हमले को नाकाम करने के लिए पूरी तरह सक्षम है। उन्होंने अंत में कहा कि एक तरफ सैन्य तनाव चरम पर है, तो दूसरी तरफ कूटनीतिक बातचीत की प्रक्रिया भी तेज हो रही है।
अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि ईरान अब एक ऐसे चौराहे पर खड़ा है जहां उसके पास सैन्य रास्ते लगभग बंद हो चुके हैं। हेगसेथ ने जोर देकर कहा कि ईरान की मिसाइल शक्ति और उसके प्रॉक्सी संगठनों को पंगु बना दिया गया है। अब सारा दारोमदार इस बात पर है कि ईरान बातचीत की मेज पर कितनी जल्दी आता है। अमेरिका ने अपनी रणनीति साफ कर दी है: या तो पूर्ण आत्मसमर्पण जैसा समझौता, या फिर विनाशकारी सैन्य प्रहार। आने वाले कुछ हफ़्तों में मध्य-पूर्व की राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
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