Vande Mataram Controversy : राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने वही राष्ट्रगीत गाया है, जिसे देश के कई बड़े नेताओं ने अपने समय में गाया था। खरगे ने सवाल उठाया कि अगर ‘वंदे मातरम्’ गाना अपराध है, तो फिर महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भी इसके लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।
‘अगर गुनाह है तो गांधी और पटेल पर भी केस करो’
खरगे ने कहा कि कांग्रेस ने किसी नई परंपरा की शुरुआत नहीं की है। पार्टी ने वही गीत गाया, जिसे स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आज तक देश के प्रमुख नेताओं ने सम्मान दिया है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर इसी आधार पर किसी को दोषी ठहराया जाना है, तो पहले उन ऐतिहासिक नेताओं पर सवाल उठाया जाना चाहिए, जिन्होंने ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया था।
नेहरू और वाजपेयी का भी दिया उदाहरण
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी लंबे समय से उसी परंपरा का पालन कर रही है, जो देश में चली आ रही है। उनके मुताबिक, जवाहरलाल नेहरू भी ‘वंदे मातरम्’ गाते थे और अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के दौरान भी इस राष्ट्रगीत का गायन हुआ था। खरगे ने कहा कि कांग्रेस ने केवल पहले से चली आ रही परंपरा को आगे बढ़ाया है।
प्रधानमंत्री मोदी पर भी साधा निशाना
खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिए बिना उन पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहने के दौरान उन्होंने भी वही ‘वंदे मातरम्’ गाया, जिसे लेकर आज विवाद खड़ा किया जा रहा है। खरगे ने तंज कसते हुए कहा कि अगर इसे अपराध माना जाता है, तो फिर इतने वर्षों से ऐसा करने वाले सभी लोग इस कथित ‘अपराध’ के दायरे में आएंगे।
राष्ट्रीय गीत को लेकर पुरानी परंपरा का हवाला
खरगे ने कहा कि देश में राष्ट्रीय गीत को लेकर व्यवस्थाएं और परंपराएं पहले से तय हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने इस विषय पर बहुत पहले ही प्रस्ताव पारित किया था। उनका कहना था कि केवल किसी मौजूदा सरकार या राजनीतिक नेतृत्व की इच्छा के आधार पर देश की स्थापित परंपराओं को बदला नहीं जा सकता।
‘सरकार बदलने से नियम नहीं बदलते’
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र में सरकारें बदलती रहती हैं और भविष्य में दूसरी राजनीतिक पार्टी भी सत्ता में आ सकती है। ऐसे में यदि हर सरकार अपनी पसंद के मुताबिक नियम और परंपराएं बदलने लगेगी तो व्यवस्था कैसे चलेगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगीत से जुड़ी परंपरा को राजनीतिक दलों के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।
गोवा चुनाव को लेकर कांग्रेस की तैयारी
मल्लिकार्जुन खरगे ने आगामी गोवा विधानसभा चुनाव को लेकर भी पार्टी की तैयारियों पर बात की। उन्होंने बताया कि उन्होंने राज्य के कांग्रेस नेताओं और विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की है। खरगे के मुताबिक, सभी नेताओं से चुनाव में एकजुट होकर काम करने की अपील की गई है और नेताओं ने भी साथ मिलकर चुनाव लड़ने का भरोसा दिलाया है।
कांग्रेस नेताओं की एकजुटता पर जताया भरोसा
खरगे ने कहा कि गोवा में कांग्रेस की बड़ी बैठक आयोजित की गई, जिसमें पार्टी के अलग-अलग वर्गों के नेताओं और कार्यकर्ताओं से बातचीत की गई। उन्होंने दावा किया कि राज्य के कांग्रेस नेता एकजुट होकर काम करने के लिए तैयार हैं। पार्टी नेतृत्व को उम्मीद है कि संगठन की एकजुटता आगामी चुनाव में कांग्रेस के लिए फायदेमंद साबित होगी।
भाजपा सरकार पर डराने-दबाने का आरोप
गोवा की भाजपा सरकार पर हमला करते हुए खरगे ने आरोप लगाया कि राज्य में विपक्ष को डराने और दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ऐसी राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी। खरगे ने दावा किया कि उनकी पार्टी शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव लड़ेगी और जीत हासिल करने के लिए संगठन स्तर पर पूरी ताकत लगाएगी।
वंदे मातरम् से गोवा चुनाव तक सियासी वार
खरगे के बयान से साफ है कि कांग्रेस ने ‘वंदे मातरम्’ विवाद को राजनीतिक मुद्दा बनने से रोकने के बजाय इसे भाजपा की आलोचना का आधार बनाया है। दूसरी ओर, भाजपा लगातार कांग्रेस के रुख पर सवाल उठा रही है। ऐसे में राष्ट्रगीत को लेकर शुरू हुआ विवाद आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का अहम मुद्दा बना रह सकता है।
Read More : Vande Mataram Controversy : वंदे मातरम् विवाद में दीपक बैज का BJP पर हमला, बोले अंग्रेजों के चाटुकार