VB G RAM G Bill 2026:
VB G RAM G Bill 2026: छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने जगदलपुर में केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने मनरेगा (MGNREGA) कानून में किए गए हालिया संशोधनों को “मजदूर विरोधी” करार देते हुए कहा कि यह निर्णय महात्मा गांधी के आदर्शों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ पर सीधा प्रहार है। बैज के अनुसार, केंद्र सरकार ने सुधार के नाम पर देश के करोड़ों गरीब मजदूरों को झांसा दिया है और लोकसभा में नया बिल पास कर दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना के मूल स्वरूप को लगभग खत्म कर दिया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह कदम गरीबों से उनका ‘काम का अधिकार’ छीनने की एक सोची-समझी साजिश है।
दीपक बैज ने तकनीकी पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अब तक मनरेगा भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिलने वाले ‘जीवन के अधिकार’ से जुड़ी एक कानूनी गारंटी थी। लेकिन नए ढांचे ने इसे एक शर्त आधारित और केंद्र द्वारा नियंत्रित सामान्य ‘स्कीम’ में बदल दिया है। बैज ने कहा कि मनरेगा गांधीजी के ग्राम स्वराज और विकेंद्रीकृत विकास के सपने का प्रतीक था, जिसे अब सरकार अपनी मर्जी से चलाने या बंद करने का अधिकार रखना चाहती है। उन्होंने इसे श्रमिकों की गरिमा और उनके कानूनी संरक्षण का अंत बताया।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने चिंता जताई कि इस बदलाव से देश के करीब 12 करोड़ मनरेगा मजदूरों के अधिकार सीधे तौर पर प्रभावित होंगे। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले दो दशकों से यह योजना ग्रामीण परिवारों के लिए संकट की साथी रही है, विशेषकर कोविड-19 महामारी के दौरान इसने करोड़ों लोगों को भुखमरी से बचाया था। बैज ने कहा कि पहले मजदूर अधिकार के साथ काम की मांग कर सकते थे और सरकार को काम देना अनिवार्य था, लेकिन अब नया सिस्टम सरकार को यह शक्ति देता है कि वह फंड की कमी या फसल के मौसम का बहाना बनाकर महीनों तक काम बंद रख सके।
वित्तीय बदलावों पर आपत्ति जताते हुए दीपक बैज ने कहा कि मनरेगा पहले एक केंद्रीय कानून था, जिसमें 90 प्रतिशत राशि केंद्र द्वारा वहन की जाती थी। अब नए नियमों के अनुसार, केंद्र और राज्य का हिस्सा 60:40 का हो जाएगा। इसके अलावा, राज्यों को 50 प्रतिशत मैचिंग ग्रांट पहले जमा करनी होगी, तभी केंद्र अपना हिस्सा जारी करेगा। बैज ने चेतावनी दी कि जैसे ही बजट का भारी बोझ राज्य सरकारों पर पड़ेगा, वे धीरे-धीरे इस योजना से पीछे हटने लगेंगी और अंततः मनरेगा दम तोड़ देगी। उन्होंने इसे राज्यों पर 50 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ डालने की रणनीति बताया।
कांग्रेस ने सरकार के उस दावे को भी खारिज कर दिया जिसमें काम के दिनों को 100 से बढ़ाकर 125 करने की बात कही गई है। बैज ने इसे महज एक “चालाकी” करार देते हुए कहा कि पिछले 11 वर्षों में मोदी सरकार के तहत मनरेगा में काम देने का राष्ट्रीय औसत मात्र 38 दिनों का रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ के 70 प्रतिशत गांवों में भाजपा सरकार आने के बाद से अघोषित रूप से काम बंद कर दिया गया है। बैज ने सवाल उठाया कि जब सरकार 100 दिन का लक्ष्य पूरा नहीं कर पाई, तो 125 दिन का वादा केवल कागजी छलावा है।
अंत में, दीपक बैज ने योजना के नए नाम पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि भाजपा एक बार फिर धार्मिक भावनाओं का सहारा लेकर झूठ बोल रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार जिस ‘RAM G’ का प्रचार कर रही है, उसका भगवान राम से कोई संबंध नहीं है। इसका असली फुल फॉर्म “विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण” (V.B.G. RAM. G.) है। कांग्रेस का कहना है कि भगवान के नाम का उपयोग करके सरकार गरीब विरोधी नीतियों को छिपाने की कोशिश कर रही है।
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