Venezuela Crisis
Venezuela Crisis: दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जिसने पूरी दुनिया की राजनीति में भूचाल ला दिया है। अमेरिकी सेना ने शनिवार सुबह एक बड़े सैन्य ऑपरेशन को अंजाम देते हुए वेनेजुएला पर हमला कर दिया और वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस के साथ गिरफ्तार कर लिया है। इस सैन्य कार्रवाई के बाद अब वेनेजुएला की कमान सीधे तौर पर अमेरिका के प्रभाव में आती दिख रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए दुनिया को ताजा अपडेट दिया है, जिससे वैश्विक स्तर पर तनाव चरम पर पहुंच गया है।
वेनेजुएला में मचे इस भारी उथल-पुथल के बीच भारत सरकार ने भी अपनी चुप्पी तोड़ी है। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि वेनेजुएला में हो रहे हालिया घटनाक्रम “बेहद चिंताजनक” हैं। भारत सरकार ने स्पष्ट किया कि वह कराकस स्थित भारतीय दूतावास के निरंतर संपर्क में है और वहां की स्थिति पर चौबीसों घंटे बारीकी से नजर रखी जा रही है। विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि सभी पक्ष संवाद के माध्यम से शांतिपूर्ण समाधान निकालें ताकि क्षेत्र में स्थिरता बनी रहे। भारत ने वेनेजुएला के नागरिकों की सुरक्षा और भलाई के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
संकट की इस घड़ी में भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एक विशेष एडवाइजरी जारी की है। विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों को वेनेजुएला की सभी गैर-जरूरी यात्राओं से बचने की सख्त सलाह दी है। सरकार का मानना है कि वहां के मौजूदा हालात किसी भी समय और अधिक हिंसक रूप ले सकते हैं। वेनेजुएला में पहले से मौजूद भारतीय समुदाय के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और भारतीय दूतावास के संपर्क में रहने को कहा गया है। दूतावास को निर्देश दिए गए हैं कि वे हर भारतीय सदस्य को संभव सहायता और सुरक्षा प्रदान करें।
डोनाल्ड ट्रंप ने इस सैन्य अभियान के बाद अपने इरादे साफ कर दिए हैं। ट्रंप ने बताया कि निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी वर्तमान में एक अमेरिकी युद्धपोत पर सवार हैं और उन्हें जल्द ही न्यूयॉर्क लाया जाएगा, जहां उन्हें न्यायिक प्रक्रिया और मुकदमे का सामना करना होगा। इसके अलावा, ट्रंप ने वेनेजुएला के विशाल तेल संसाधनों को लेकर भी बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि जब तक सत्ता का सुरक्षित हस्तांतरण नहीं हो जाता, तब तक अमेरिका वहां का प्रशासन संभालेगा। ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा कि अमेरिका वेनेजुएला के तेल भंडारों का दोहन करेगा और अन्य देशों को “बड़ी मात्रा” में तेल की आपूर्ति करेगा, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में बड़ा बदलाव आएगा।
दूसरी ओर, संयुक्त राष्ट्र (UN) ने अमेरिका की इस कार्रवाई पर गहरा असंतोष और चिंता व्यक्त की है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने कहा कि किसी संप्रभु राष्ट्र के राष्ट्रपति के खिलाफ इस तरह की सैन्य कार्रवाई “खतरनाक मिसाल” कायम करती है। यूएन का मानना है कि इस तरह के कदम अंतरराष्ट्रीय कानूनों और संप्रभुता के सिद्धांतों को कमजोर कर सकते हैं। दुनिया भर के कूटनीतिज्ञ अब इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि क्या अमेरिका का यह कदम वेनेजुएला को स्थिरता की ओर ले जाएगा या यह एक लंबे गृहयुद्ध और अंतरराष्ट्रीय विवाद की शुरुआत है।
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