Vice President election 2025 : देश की राजनीति में इस समय उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों अपने-अपने उम्मीदवार को जिताने के लिए कड़े दांव-पेंच चला रहे हैं। लेकिन इस चुनाव में पारंपरिक रूप से दो गठबंधनों के बीच मुकाबला होने के बजाय अब तीसरे पक्ष की भूमिका सबसे अहम हो गई है। यह तीसरा पक्ष चुनाव के समीकरणों को पूरी तरह बदल सकता है।
यह वह दल हैं जो न तो एनडीए (NDA) के साथ हैं और न ही इंडिया गठबंधन (I.N.D.I.A) के। फिलहाल इस श्रेणी में तीन प्रमुख पार्टियां हैं:
आंध्र प्रदेश की वाईएसआर कांग्रेस (YSR Congress)
तेलंगाना की भारत राष्ट्र समिति (BRS)
ओडिशा की बीजू जनता दल (BJD)
इनमें से वाईएसआर कांग्रेस ने एनडीए को समर्थन देने के संकेत दिए हैं, जबकि बीआरएस और बीजेडी का रुख अभी अनिश्चित है। खासतौर पर बीजेडी के प्रमुख नवीन पटनायक इस चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में बीजेडी प्रमुख नवीन पटनायक से फोन पर बात की और उन्हें दिल्ली में होने वाली एक महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने का न्योता दिया। इसके साथ ही कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी पटनायक से संपर्क किया है। यहां दिलचस्प बात यह है कि ओडिशा में बीजेडी और भाजपा के बीच विधानसभा चुनाव के दौरान कड़ा मुकाबला देखने को मिला है। ऐसे में बीजेडी का समर्थन किसे मिलेगा, इस सवाल का जवाब फिलहाल अनिश्चित है।
पिछले उपराष्ट्रपति चुनाव में NDA के पास संसद के दोनों सदनों में मजबूत बहुमत था, लेकिन इस बार हालात बदल गए हैं। वर्तमान में भाजपा के पास लोकसभा में 235 सांसद हैं, जो पहले के मुकाबले कम है। इसलिए उन्हें नीतीश कुमार, चंद्रबाबू नायडू, चिराग पासवान जैसे छोटे सहयोगियों के समर्थन पर निर्भर रहना पड़ रहा है। इसी कारण बीजेडी के छह राज्यसभा सांसदों का समर्थन NDA के लिए निर्णायक हो सकता है।
विपक्षी गठबंधन इंडिया ने पिछली बार की तुलना में अपनी ताकत लगभग दोगुनी कर ली है। कांग्रेस के लोकसभा सांसदों की संख्या बढ़कर लगभग 54 से दोगुनी हो गई है। इसके अलावा तृणमूल कांग्रेस, डीएमके, समाजवादी पार्टी सहित कई अन्य दल भी गठबंधन में शामिल हैं, जो विपक्ष को मजबूत करते हैं। इस बार विपक्ष की यह एकजुटता NDA के लिए बड़ी चुनौती है।
नवीन पटनायक के अलावा वाईएसआर कांग्रेस और बीआरएस भी इस चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। वाईएसआर कांग्रेस ने NDA को समर्थन देने का संकेत दिया है। बीआरएस फिलहाल अनिर्णित है, पर उसकी भूमिका भी अहम मानी जा रही है। तीसरे पक्ष की इस भूमिका के कारण चुनाव के नतीजों को लेकर राजनीतिक सियासत में भारी उलटफेर हो सकता है। बीजू जनता दल ने अभी तक स्पष्ट रूप से किसी पक्ष के समर्थन की घोषणा नहीं की है। पार्टी ने संकेत दिया है कि सही समय पर वे अपने फैसले का ऐलान करेंगे।
यह निर्णय पूरे उपराष्ट्रपति चुनाव के समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। इस उपराष्ट्रपति चुनाव में राजनीतिक संतुलन बदलने वाला है। NDA के लिए यह आसान नहीं होगा कि वह अकेले अपनी बहुमत पर चुनाव जीत सके। विपक्ष की बढ़ी ताकत और एकजुटता के बीच तीसरे पक्ष की भूमिका निर्णायक बनेगी। नवीन पटनायक और बीजेडी के निर्णय इस चुनाव का रुख तय करेंगे।
Read More : Bihar elections 2025 : बिहार चुनाव से पहले RJD को झटका: पीएम मोदी की रैली में शामिल हुए आरजेडी के दो विधायक
Navodaya Vidyalaya success : छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के अंतर्गत आने वाले पीएम श्री स्कूल…
VIP Culture : छत्तीसगढ़ सरकार की महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती…
Simplicity Initiative : छत्तीसगढ़ सरकार की महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री श्रीमती…
CBI Director : केंद्र सरकार ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के वर्तमान निदेशक प्रवीण सूद…
UP Weather : उत्तर प्रदेश में कुदरत का रौद्र रूप देखने को मिला है, जहां…
Chhattisgarh CSMCL Scam : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में चर्चित CSMCL (छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन…
This website uses cookies.