Tamil Nadu Politics :दक्षिण भारतीय फिल्मों के सुपरस्टार विजय, जिन्हें प्रशंसक ‘थलापति’ के नाम से जानते हैं, उनकी राजनीतिक पार्टी ‘तमिलगा वेट्री कजगम’ (TVK) को लेकर राज्य में हलचल तेज हो गई है। विजय के पिता और दिग्गज फिल्म निर्देशक एसए चंद्रशेखर ने एक ऐसा बयान दिया है, जिसने तमिलनाडु के राजनीतिक समीकरणों को नई दिशा देने की कोशिश की है। तिरुवरुर में एक विवाह समारोह के दौरान चंद्रशेखर ने सार्वजनिक रूप से कांग्रेस पार्टी को TVK के साथ गठबंधन करने का खुला प्रस्ताव दिया। उनका मानना है कि यह गठबंधन राज्य की राजनीति में एक बड़ा बदलाव ला सकता है।
विजय कांग्रेस को समर्थन देने को तैयार: चंद्रशेखर का दावा
एसए चंद्रशेखर ने अपने संबोधन में कहा कि उनके बेटे विजय और उनकी पार्टी TVK आने वाले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को समर्थन देने पर गंभीरता से विचार कर रही है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व को सुझाव दिया कि उन्हें TVK के साथ चुनावी गठबंधन करना चाहिए। चंद्रशेखर ने जोर देकर कहा, “विजय कांग्रेस का साथ देने के लिए तैयार हैं। यदि कांग्रेस इस मौके का फायदा उठाती है, तो वह तमिलनाडु में फिर से अपनी सरकार बनाने की स्थिति में आ सकती है।” उन्होंने कांग्रेस को आगाह भी किया कि उन्हें राजनीतिक भविष्य को देखते हुए यह सुनहरा अवसर हाथ से नहीं जाने देना चाहिए।
कांग्रेस के पुनरुत्थान के लिए गठबंधन को बताया जरूरी
चंद्रशेखर का यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) का दशकों से वर्चस्व रहा है। चंद्रशेखर का तर्क है कि कांग्रेस को अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने के लिए एक नए और ऊर्जावान साथी की जरूरत है, जो विजय के रूप में उन्हें मिल सकता है। उनके अनुसार, थलापति विजय की युवाओं के बीच भारी लोकप्रियता और कांग्रेस का पुराना कैडर मिलकर एक अजेय शक्ति बन सकते हैं, जो राज्य के शासन में बड़ा परिवर्तन लाने में सक्षम होगी।
तमिलनाडु कांग्रेस का कड़ा रुख: प्रस्ताव को किया सिरे से खारिज
हालांकि, विजय के पिता के इस प्रस्ताव को तमिलनाडु प्रदेश कांग्रेस कमेटी (TNCC) से कोई उत्साहजनक प्रतिक्रिया नहीं मिली। तमिलनाडु कांग्रेस के अध्यक्ष के. सेल्वापेरुनथगई ने चंद्रशेखर के इस ऑफर को तत्काल प्रभाव से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस को किसी नए गठबंधन की बैसाखी की जरूरत नहीं है। सेल्वापेरुनथगई ने कड़े शब्दों में कहा, “हमारी पार्टी को राहुल गांधी के नेतृत्व से वह सारी जरूरी ताकत और ऊर्जा मिल रही है, जिसकी उसे आवश्यकता है। हम अपने मौजूदा नेतृत्व और नीतियों के साथ आगे बढ़ने में सक्षम हैं।”
राहुल गांधी के नेतृत्व पर भरोसा और भविष्य की रणनीति
कांग्रेस नेता के इस बयान ने साफ कर दिया है कि पार्टी फिलहाल अपने वर्तमान गठबंधन सहयोगियों और राष्ट्रीय नेतृत्व के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सेल्वापेरुनथगई का इशारा संभवतः डीएमके (DMK) के साथ उनके मौजूदा मजबूत रिश्तों की तरफ था। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि विजय की पार्टी की विचारधारा और भविष्य की योजनाओं को लेकर अभी काफी अस्पष्टता है, इसलिए गठबंधन की बात करना जल्दबाजी होगी। इस इनकार के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि विजय स्वयं अपने पिता के इस बयान पर क्या रुख अपनाते हैं और TVK की चुनावी राह क्या होती है।
















