Asian Games 2026
Asian Games 2026 : भारतीय खेल जगत की स्टार पहलवान विनेश फोगाट को दिल्ली हाईकोर्ट से एक बहुत बड़ी कानूनी राहत मिली है। अदालत ने विनेश को आगामी एशियन गेम्स 2026 के लिए आयोजित होने वाले राष्ट्रीय चयन ट्रायल्स में भाग लेने की सशर्त अनुमति प्रदान कर दी है। इसके साथ ही माननीय न्यायालय ने भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) की वर्तमान चयन नीति को बेहद दोषपूर्ण और बहिष्कारी करार दिया है। कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि इस नीति में मैटरनिटी ब्रेक (मातृत्व अवकाश) के बाद खेल के मैदान पर वापसी करने वाली विनेश जैसी अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित खिलाड़ी के नाम और उनके अधिकारों पर विचार करने का कोई तार्किक प्रावधान नहीं है।
भारतीय कुश्ती महासंघ ने विनेश फोगाट पर घोर अनुशासनहीनता और एंटी-डोपिंग नियमों के कथित उल्लंघन का गंभीर आरोप लगाते हुए एक कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस जारी किया था। इसके साथ ही महासंघ ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए विनेश को 26 जून 2026 तक के लिए सभी प्रकार की घरेलू खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने से पूरी तरह प्रतिबंधित (बैन) कर दिया था। महासंघ के इसी दंडात्मक आदेश को चुनौती देते हुए विनेश ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था, जहां से अब उन्हें हरी झंडी मिल गई है और महासंघ के मंसूबों पर पानी फिर गया है।
दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की प्रतिष्ठित खंडपीठ ने 22 मई को इस मामले पर अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाया था, जिसे शनिवार को आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक किया गया। अदालत ने पूरी तरह स्पष्ट किया कि आगामी 30 और 31 मई 2026 को होने वाले एशियन गेम्स के मुख्य ट्रायल्स में विनेश फोगाट अनिवार्य रूप से हिस्सा लेंगी। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कोर्ट ने आदेश दिया है कि पूरे चयन ट्रायल्स की डब्ल्यूएफआई द्वारा अनिवार्य रूप से वीडियोग्राफी कराई जाएगी। साथ ही, भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) और भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के एक-एक स्वतंत्र सुपरवाइजर भी वहां मौके पर मौजूद रहेंगे।
मामले की बारीकी से समीक्षा करने के बाद अदालत ने कहा कि महासंघ द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस में जो भी आधार बनाए गए हैं, वे पूरी तरह से पूर्वाग्रह से ग्रसित, पहले से सोचे-समझे और पुराने बंद हो चुके मुद्दों को दोबारा तूल देने वाले प्रतीत होते हैं। न्यायालय ने माना कि खेल भावना और न्याय के सिद्धांत के हित में यह बेहद जरूरी है कि विनेश को अपनी प्रतिभा साबित करने का मौका दिया जाए। इससे पहले डब्ल्यूएफआई ने अपने 15 पन्नों के नोटिस में विनेश पर आरोप लगाया था कि उनके आचरण से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि धूमिल हुई है और उन्होंने कुश्ती महासंघ के संविधान के नियमों का उल्लंघन किया है।
विनेश फोगाट लगभग 18 महीने के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर पेशेवर कुश्ती के अखाड़े में उतरने जा रही हैं। उन्होंने पिछले साल अगस्त में पेरिस ओलंपिक के विवाद के बाद कुश्ती से संन्यास की घोषणा कर दी थी और राजनीति की मुख्यधारा में शामिल हो गई थीं। पेरिस ओलंपिक 2024 विनेश के करियर के लिए एक बुरा सपना साबित हुआ था, जहां उन्होंने अद्वितीय खेल का प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की 50 किलोग्राम फ्रीस्टाइल कैटेगरी के फाइनल में जगह बनाई थी। लेकिन फाइनल मुकाबले से ठीक कुछ घंटे पहले महज 100 ग्राम वजन अधिक होने के कारण उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया था, जिससे वह पक्का पदक जीतने से चूक गई थीं।
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