Vishnu Vinod Century: अहमदाबाद का नरेंद्र मोदी स्टेडियम मंगलवार को एक ऐसी आतिशी पारी का गवाह बना, जिसे क्रिकेट प्रशंसक लंबे समय तक याद रखेंगे। केरल के विस्फोटक बल्लेबाज विष्णु विनोद ने विजय हजारे ट्रॉफी के एक मुकाबले में पुडुचेरी के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए मैदान के चारों ओर रनों की बौछार कर दी। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने महज 84 गेंदों में नाबाद 162 रनों की ऐसी पारी खेली, जिसने विपक्षी टीम के हौसले पस्त कर दिए। इस तूफानी प्रदर्शन की बदौलत केरल ने जीत के लिए मिले 248 रनों के लक्ष्य को मात्र 29 ओवरों में ही हासिल कर लिया।

Vishnu Vinod Century: शुरुआती झटकों के बाद विष्णु विनोद का काउंटर अटैक
केरल की पारी की शुरुआत काफी निराशाजनक रही थी। टीम ने अपने दो सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों को सस्ते में खो दिया था। कप्तान रोहन कुन्नूमल मात्र 8 रन बनाकर पवेलियन लौट गए, जबकि स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन भी उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे और केवल 11 रन बनाकर आउट हो गए। जब स्कोरबोर्ड पर केरल की स्थिति नाजुक नजर आ रही थी, तब विष्णु विनोद क्रीज पर आए। उन्होंने आते ही आक्रामक रुख अपनाया और पुडुचेरी के गेंदबाजों को संभलने का एक भी मौका नहीं दिया।
Vishnu Vinod Century: बिना दौड़े ही बना डाले 135 रन: चौकों-छक्कों की बारिश
विष्णु विनोद की इस पारी की सबसे बड़ी खासियत उनका ‘पावर हिटिंग’ अंदाज रहा। उन्होंने अपनी नाबाद 162 रनों की पारी में कुल 13 चौके और 14 गगनचुंबी छक्के जड़े। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने अपनी पारी के 136 रन केवल बाउंड्री के जरिए (बिना दौड़े) हासिल किए। हालांकि उन्होंने अपनी पारी में 29 गेंदे खाली (डॉट) भी खेलीं, लेकिन उनका स्ट्राइक रेट 192.86 का रहा, जो लिस्ट-ए क्रिकेट में असाधारण माना जाता है। यह विष्णु विनोद के करियर का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर भी बन गया है।
विजय हजारे ट्रॉफी में छक्कों का रिकॉर्ड और मनीष पांडे को चुनौती
विष्णु विनोद ने इस पारी के साथ ही विजय हजारे ट्रॉफी के इतिहास में एक बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। अब उनके नाम इस टूर्नामेंट में कुल 106 छक्के दर्ज हो गए हैं। वह सर्वाधिक 109 छक्के लगाने वाले मनीष पांडे के सर्वकालिक रिकॉर्ड से मात्र 4 कदम दूर हैं। आंकड़ों की मानें तो विष्णु विनोद इस टूर्नामेंट में हर 19.9 गेंदों पर एक छक्का लगाते हैं, जो विजय हजारे ट्रॉफी के इतिहास में सबसे बेहतरीन ‘बॉल्स प्रति छक्का’ अनुपात है। यह रिकॉर्ड दर्शाता है कि वे सफेद गेंद के क्रिकेट में कितने खतरनाक बल्लेबाज हैं।
आईपीएल करियर: प्रतिभा के बावजूद अब तक नहीं मिले पर्याप्त मौके
इतने शानदार घरेलू रिकॉर्ड के बावजूद, विष्णु विनोद को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में खुद को साबित करने के ज्यादा अवसर नहीं मिले हैं। साल 2017 में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) के लिए डेब्यू करने वाले विनोद को उस सीजन में सिर्फ 3 मैच खेलने को मिले थे। इसके बाद एक लंबा अंतराल आया और 2023 में मुंबई इंडियंस ने उन्हें 3 मैचों में मौका दिया। आईपीएल की टीमें उनकी काबिलियत से वाकिफ तो हैं, लेकिन वे अब तक किसी टीम के नियमित प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं बन पाए हैं।
आईपीएल 2026 और पंजाब किंग्स के लिए बढ़ी उम्मीदें
वर्तमान में विष्णु विनोद पंजाब किंग्स की टीम का हिस्सा हैं। जिस तरह से उन्होंने अहमदाबाद में पुडुचेरी के खिलाफ बल्ले से आग उगली है, उसने निश्चित रूप से पंजाब किंग्स के प्रबंधन का ध्यान अपनी ओर खींचा होगा। आईपीएल 2026 के आगामी सीजन के लिए यह पारी उनके लिए ‘कॉलिंग कार्ड’ साबित हो सकती है। क्रिकेट पंडितों का मानना है कि यदि उन्हें मिडिल ऑर्डर या फिनिशर के तौर पर लगातार मौके दिए जाएं, तो वे आईपीएल में भी वही तबाही मचा सकते हैं जो उन्होंने घरेलू क्रिकेट में मचाई है।
बाबा अपराजित के साथ महत्वपूर्ण साझेदारी
मैच की बात करें तो विष्णु विनोद को दूसरे छोर पर अनुभवी बाबा अपराजित का भरपूर साथ मिला। दोनों बल्लेबाजों के बीच हुई शतकीय साझेदारी ने पुडुचेरी के गेंदबाजों को पूरी तरह से मैच से बाहर कर दिया। केरल ने जिस अंदाज में 248 रनों का पीछा किया, उसने अन्य टीमों को भी चेतावनी दे दी है। इस जीत के हीरो निश्चित रूप से विष्णु विनोद रहे, जिन्होंने अपनी बल्लेबाजी से यह साबित कर दिया कि वे वर्तमान में भारतीय घरेलू सर्किट के सबसे विध्वंसक बल्लेबाजों में से एक हैं।
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