Gastric Problem Vitamins
Gastric Problem Vitamins : अक्सर जब हमें पेट फूलने (Bloating), गैस या एसिडिटी की शिकायत होती है, तो हमारा पहला ध्यान खाने-पीने की आदतों पर जाता है। हम सोचते हैं कि शायद ज्यादा मसालेदार भोजन, बाहर का खाना या भोजन के गलत समय के कारण पेट खराब है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके पाचन तंत्र की इस परेशानी के पीछे शरीर में मौजूद किसी खास विटामिन की कमी भी हो सकती है?
शारदा हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट के प्रोफेसर डॉ. भुमेश त्यागी के अनुसार, हमारे शरीर के कुछ विटामिन्स का सीधा संबंध डाइजेशन से होता है। यदि इन विटामिन्स का स्तर शरीर में गिर जाए, तो पाचन तंत्र सुचारू रूप से काम करना बंद कर देता है, जिससे गैस और भारीपन जैसी समस्याएं स्थाई रूप से घर कर लेती हैं।
विटामिन B12 न केवल हमारे दिमाग और नसों के लिए जरूरी है, बल्कि यह हमारे मेटाबॉलिज्म और पाचन क्रिया को नियंत्रित करने में भी बड़ी भूमिका निभाता है। शरीर में Vitamin B12 की कमी होने पर रेड ब्लड सेल्स का निर्माण प्रभावित होता है, जिससे पाचन तंत्र को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती। इसकी कमी के कारण अक्सर लोगों को कब्ज (Constipation), बार-बार गैस बनना और पेट में भारीपन महसूस होता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि यदि आपको लगातार पेट की समस्या बनी रहती है, तो साल में कम से कम एक बार विटामिन B12 का चेकअप जरूर कराना चाहिए।
विटामिन D, जिसे हम अक्सर हड्डियों की मजबूती से जोड़कर देखते हैं, वास्तव में हमारी आंतों (Guts) के स्वास्थ्य के लिए भी अनिवार्य है। शोध से पता चला है कि विटामिन D की कमी सीधे तौर पर आंतों में सूजन और जलन पैदा कर सकती है। यह विटामिन शरीर के भीतर सूजन (Inflammation) को कंट्रोल करने वाले रिसेप्टर्स को सक्रिय करता है। जब शरीर में विटामिन D का स्तर कम होता है, तो आंतों की कार्यक्षमता प्रभावित होती है, जिससे भोजन सही से नहीं पचता और गैस की समस्या गंभीर रूप ले लेती है।
विटामिन के साथ-साथ ‘मैग्नीशियम’ जैसा महत्वपूर्ण मिनरल भी पाचन के लिए आवश्यक है। मैग्नीशियम पेट की मांसपेशियों को रिलैक्स (शिथिल) करने में मदद करता है। यदि शरीर में इसकी कमी हो जाए, तो पाचन मार्ग की मांसपेशियां सख्त हो जाती हैं, जिससे मल त्याग में कठिनाई होती है और पेट में गैस व ब्लोटिंग महसूस होने लगती है। मैग्नीशियम की कमी से आंतों की गतिशीलता धीमी पड़ जाती है, जो पाचन संबंधी विकारों का प्रमुख कारण बनती है।
विटामिन की कमी को दूर करने के लिए अपनी डाइट में बदलाव करना सबसे पहला कदम है। विटामिन B12 के लिए मांसाहारी लोग अंडा, मछली और मीट का सेवन कर सकते हैं, जबकि शाकाहारियों के लिए दूध, दही, पनीर और फोर्टिफाइड अनाज बेहतरीन विकल्प हैं। वहीं, विटामिन D के लिए सुबह की गुनगुनी धूप सबसे अच्छी है। इसके अलावा, पेट में ‘गुड बैक्टीरिया’ की संख्या बढ़ाने के लिए प्रोबायोटिक्स जैसे दही और छाछ को भोजन का हिस्सा बनाएं।
पाचन को बेहतर बनाने के लिए फाइबर युक्त भोजन (जैसे फल, सब्जियां, साबुत अनाज) जरूरी है, लेकिन ध्यान रहे कि इसकी मात्रा का संतुलन बना रहे। बहुत ज्यादा फाइबर या अचानक से फाइबर बढ़ा देना भी गैस का कारण बन सकता है। इसलिए धीरे-धीरे अपनी डाइट में फाइबर जोड़ें। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि फाइबर के साथ भरपूर पानी पिएं, क्योंकि बिना पर्याप्त पानी के फाइबर शरीर में जम सकता है और कब्ज पैदा कर सकता है। सप्लीमेंट्स लेने से पहले हमेशा डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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