Vladimir Putin India Visit: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आज, यानी 4 दिसंबर की शाम भारत पहुँच रहे हैं। यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा है। यह दो दिवसीय यात्रा भारत-रूस की 25 साल पुरानी रणनीतिक साझेदारी का उत्सव मनाने और दोनों देशों के संबंधों को नई दिशा देने के उद्देश्य से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस दौरे में दोनों देश राजनीतिक, आर्थिक, रक्षा, ऊर्जा, विज्ञान-तकनीक, संस्कृति और मानवीय क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर व्यापक चर्चा करेंगे।

Vladimir Putin India Visit: ‘उड़ते कमांड सेंटर’ से आगमन और निजी मुलाकात
राष्ट्रपति पुतिन एक विशेष आईएल-96 जेटलाइनर विमान से भारत पहुँचेंगे, जिसे ‘उड़ता कमांड सेंटर’ (Flying Command Center) भी कहा जाता है। उनका विमान नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शाम 4:30 बजे (कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार 6:30 बजे) लैंड करेगा।
एयरपोर्ट पर स्वागत के बाद, पुतिन सीधे प्रधानमंत्री आवास 7, लोक कल्याण मार्ग के लिए रवाना होंगे। यहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी एक निजी डिनर (Private Dinner) पर मुलाकात होगी। यह अनौपचारिक मुलाकात दोनों नेताओं को द्विपक्षीय संबंधों के संवेदनशील पहलुओं पर खुल कर बात करने का अवसर देगी।
Vladimir Putin India Visit: सुरक्षा व्यवस्था और राजघाट पर श्रद्धांजलि
राष्ट्रपति पुतिन के आगमन को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है। पूरी दिल्ली को पाँच लेयर के सुरक्षा घेरे में रखा गया है। दिल्ली पुलिस, केंद्रीय खुफिया एजेंसियां और पुतिन की निजी सुरक्षा टीमें हर गतिविधि पर पैनी नज़र रखेंगी। सड़कों पर विशेष SWAT टीमें और एंटी-टेरर स्क्वायड तैनात रहेंगे।
5 दिसंबर को, पुतिन भारतीय परंपरा का निर्वहन करते हुए सबसे पहले राजघाट जाएंगे। वहाँ वह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे और उनकी समाधि पर फूल चढ़ाकर शांति का संदेश देंगे। यह परंपरा हर विदेशी राष्ट्राध्यक्ष द्वारा निभाई जाती है।
हैदराबाद हाउस में 23वाँ वार्षिक शिखर सम्मेलन
पुतिन के दौरे का मुख्य आकर्षण 5 दिसंबर को दोपहर में हैदराबाद हाउस में आयोजित होने वाला 23वां भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन होगा। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। यह चर्चा पहले अकेले में (वन-टू-वन) होगी, जिसके बाद दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल इसमें हिस्सा लेंगे।
इस बैठक का प्रमुख फोकस रक्षा सौदों पर रहेगा। इसमें एसयू-57 फाइटर जेट, उन्नत एस-500 मिसाइल सिस्टम और ब्रह्मोस मिसाइल के नए संस्करण की खरीद पर बातचीत होने की संभावना है। दोनों नेता व्यापार असंतुलन को ठीक करने की कोशिश भी करेंगे; वर्तमान में भारत रूस से सालाना $65 अरब का सामान आयात करता है, जबकि निर्यात केवल $5 अरब का है। इसके अलावा, ऊर्जा सुरक्षा और तेल आपूर्ति भी एजेंडे में प्रमुखता से शामिल होगी।
भारत मंडपम और स्टेट बैनक्वेट के साथ विदाई
शाम को, दोनों नेता भारत मंडपम में भारत-रूस बिजनेस फोरम के सम्मेलन को संबोधित करेंगे। उनके भाषणों का मुख्य विषय व्यापार, मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी में सहयोग बढ़ाना होगा। इसी कार्यक्रम के दौरान, रूस का सरकारी न्यूज़ चैनल रूस टुडे (RT) भारत में अपना ब्यूरो खोलने की घोषणा करेगा, जिसमें 100 लोग काम करेंगे।
पुतिन के सम्मान में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शाम को राष्ट्रपति भवन में एक स्टेट बैनक्वेट (आलीशान दावत) देंगीं। इस राजकीय रात्रिभोज के बाद, रूसी राष्ट्रपति रात लगभग 9:30 बजे ही अपने देश के लिए लौट जाएंगे। उनका यह बेहद संक्षिप्त दौरा, जिसमें दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण समझौते होने हैं, लगभग 28-30 घंटे का रहेगा।
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