Voter Adhikar Yatra: बिहार में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ का समापन शनिवार को हुआ। यह यात्रा कुल 16 दिन तक चली और इसका अंतिम पड़ाव आरा में था। यात्रा की शुरुआत सारण से हुई थी, और इसमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव और समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित अन्य प्रमुख नेताओं ने भाग लिया। यात्रा का उद्देश्य लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा, वोट चोरी के खिलाफ जागरूकता फैलाना और निर्वाचन प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाए रखना था।
यात्रा के दौरान सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “हमें उम्मीद थी कि चुनाव आयोग निष्पक्ष रहेगा और संविधान का पालन करेगा, लेकिन यह आयोग अब भाजपा के साथ मिलकर काम कर रहा है।” अखिलेश ने इसे ‘जुगाड़ आयोग’ करार दिया और कहा कि चुनाव आयोग की स्थिति अब स्पष्ट रूप से भाजपा के पक्ष में काम करने वाली हो गई है। उनका यह बयान राज्य और केंद्र सरकार के खिलाफ एक और तीव्र हमला था।
तेजस्वी यादव ने अपने संबोधन में बेरोजगारी और पलायन के मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा, “पहले बिहार से युवा पलायन करते थे, लेकिन तेजस्वी यादव के नेतृत्व में अब रोजगार के अवसर बढ़े हैं।” तेजस्वी ने आगे कहा कि जब उनकी सरकार बनेगी, तो बेरोजगारों का पलायन नहीं होगा, बल्कि भाजपा का पलायन होगा। इस बयान के साथ ही तेजस्वी ने राज्य में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद जताई।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस यात्रा के समापन पर कहा कि बिहार से ही क्रांति की शुरुआत हुई थी और आज बिहार से ‘वोटर अधिकार यात्रा’ का संदेश पूरे देश में सुनाई दे रहा है। उन्होंने यह भी कहा, “यह यात्रा सिर्फ वोट के अधिकार की नहीं, बल्कि जनता के अधिकार और भविष्य की सुरक्षा के लिए है।” राहुल गांधी ने वोट चोरी के मुद्दे पर विशेष रूप से जोर देते हुए कहा, “बिहार में हम किसी भी कीमत पर वोट चोरी नहीं होने देंगे।” उन्होंने यह भी याद दिलाया कि महाराष्ट्र, कर्नाटक और लोकसभा चुनावों में वोट चोरी हुई थी, लेकिन बिहार में ऐसा नहीं होने देंगे।
यात्रा के दौरान सभी नेताओं ने भाजपा और एनडीए सरकार पर हमला किया। तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार को ‘नकलची’ और ‘विजनहीन’ करार दिया, जबकि राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा सिर्फ अपने स्वार्थ के लिए काम कर रही है, और यह सरकार जनता के मुद्दों से भाग रही है। इस यात्रा में इन नेताओं ने महागठबंधन के अंतर्गत बिहार में विभिन्न वर्गों के समान विकास की दिशा में काम करने का वादा किया।
कांग्रेस और आरजेडी के नेताओं ने यह स्पष्ट किया कि यह यात्रा केवल एक चुनावी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह जनता के अधिकारों की सुरक्षा और लोकतंत्र को मजबूत करने का कदम है। इस यात्रा के जरिए वे भ्रष्टाचार, वोट चोरी और विकास के मुद्दों पर गंभीर चर्चा चाहते हैं, ताकि आगामी चुनावों में जनता को सही विकल्प मिल सके।
‘वोटर अधिकार यात्रा’ का समापन बिहार में राजनीतिक हलचल को और भी बढ़ा गया है। अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और राहुल गांधी ने यह साबित किया कि उनका महागठबंधन न केवल भ्रष्टाचार और वोट चोरी के खिलाफ है, बल्कि यह लोकतंत्र और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए भी प्रतिबद्ध है। आने वाले दिनों में यह यात्रा बिहार के आगामी चुनावों के लिए सार्वजनिक मुद्दों और वोटिंग प्रक्रिया के संदर्भ में अहम भूमिका निभा सकती है।
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