China North Korea Relations
China North Korea Relations : एशिया-प्रशांत क्षेत्र में बदलते कूटनीतिक समीकरणों के बीच चीन और उत्तर कोरिया (DPRK) के बीच रणनीतिक संबंधों में एक बेहद महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है। शुक्रवार को चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने प्योंगयांग का दौरा किया, जहाँ उन्होंने उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता और वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया के महासचिव किम जोंग उन से मुलाकात की। यह उच्च-स्तरीय बैठक न केवल दोनों देशों के बीच दशकों पुराने ‘समाजवादी भाईचारे’ को दर्शाती है, बल्कि वर्तमान वैश्विक अस्थिरता के दौर में एक मजबूत रणनीतिक गठबंधन का संदेश भी देती है। बैठक के दौरान चीन ने स्पष्ट किया कि वह उत्तर कोरिया के विकास और सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मुलाकात के दौरान वांग यी ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की ओर से किम जोंग उन को एक विशेष संदेश और बधाई प्रेषित की। वांग यी ने उत्तर कोरियाई संसद (15वीं सुप्रीम पीपल्स असेंबली) और वर्कर्स पार्टी की 9वीं कांग्रेस के सफल आयोजन पर किम को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि किम जोंग उन के कुशल नेतृत्व में उत्तर कोरिया की जनता ने आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में जो प्रगति की है, वह सराहनीय है। चीन ने उत्तर कोरिया के ‘समाजवादी निर्माण’ के प्रति अपना पूर्ण और अटूट समर्थन दोहराते हुए कहा कि दोनों देशों का भविष्य एक-दूसरे के सहयोग पर टिका है।
इस बैठक के दौरान पिछले वर्ष सितंबर में किम जोंग उन की चीन यात्रा और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ हुई उनकी ऐतिहासिक मुलाकात को बड़े ही गर्मजोशी के साथ याद किया गया। वांग यी ने रेखांकित किया कि उस बैठक ने दोनों देशों के रिश्तों को एक नई रणनीतिक दिशा और गहराई प्रदान की है। किम जोंग उन ने भी इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि उस समय जो द्विपक्षीय सहमतियां बनी थीं, वे अब व्यावहारिक धरातल पर उतर रही हैं। उन्होंने कहा कि चीन के साथ बढ़ता यह सहयोग उत्तर कोरिया की जनता की इच्छाओं के अनुरूप है और इससे दोनों देशों के संबंधों में एक नई ऊँचाई हासिल हुई है।
उत्तर कोरिया ने स्पष्ट किया है कि वह वर्कर्स पार्टी की 9वीं कांग्रेस में निर्धारित अपने महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए चीन को अपना सबसे भरोसेमंद साथी मानता है। भविष्य की कार्ययोजना को लेकर दोनों देशों ने निम्नलिखित तीन प्रमुख बिंदुओं पर सहमति जताई है:
उच्च स्तरीय संवाद: दोनों देश अपने शीर्ष नेतृत्व के बीच रणनीतिक संवाद और नियमित आदान-प्रदान को और अधिक तेज करेंगे।
पारस्परिक समर्थन: एक-दूसरे के आंतरिक समाजवादी विकास और संप्रभुता की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय मंचों पर समर्थन को गहरा किया जाएगा।
क्षेत्रीय स्थिरता: कोरियाई प्रायद्वीप में शांति बनाए रखने और दोनों देशों के नागरिकों की आर्थिक भलाई के लिए संयुक्त प्रयास किए जाएंगे।
यह बैठक एक ऐसे नाजुक समय में हुई है जब वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक गुटबाजी बढ़ रही है। अमेरिका और उसके सहयोगियों के बढ़ते प्रभाव के बीच चीन और उत्तर कोरिया की यह नजदीकी इस क्षेत्र में एक शक्ति संतुलन बनाने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है। वांग यी की यह यात्रा इस बात का प्रमाण है कि चीन अपने पड़ोसी मित्र देश को अलग-थलग नहीं पड़ने देगा। अंततः, यह मुलाकात अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह संकेत देती है कि चीन और उत्तर कोरिया की ‘समाजवादी प्रतिबद्धता’ आने वाले समय में क्षेत्रीय राजनीति का एक मुख्य केंद्र बनी रहेगी।
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