West Bengal Election 2026: भारतीय निर्वाचन आयोग ने रविवार, 15 मार्च को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के कार्यक्रमों की आधिकारिक घोषणा कर दी है। राज्य की सभी 294 विधानसभा सीटों पर इस बार चुनाव दो चरणों में संपन्न होंगे। पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को और दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल 2026 को निर्धारित किया गया है। चुनाव परिणामों की घोषणा और वोटों की गिनती 4 मई 2026 को होगी। तारीखों के ऐलान के साथ ही बंगाल की राजनीति में सरगर्मी तेज हो गई है और राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। सभी राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।

ममता बनर्जी का मास्टरस्ट्रोक: 291 उम्मीदवारों के नाम फाइनल
चुनाव तारीखों की घोषणा के तुरंत बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उम्मीदवारों की सूची जारी कर सबको चौंका दिया। ममता बनर्जी ने कुल 294 सीटों में से 291 सीटों पर प्रत्याशियों के नाम घोषित किए हैं। शेष 3 सीटें उन्होंने गठबंधन के साथी ‘भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा’ के लिए छोड़ी हैं, जो दार्जिलिंग क्षेत्र की महत्वपूर्ण सीटें हैं। उम्मीदवारों की घोषणा करते समय ममता बनर्जी के साथ टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी भी मौजूद रहे। इस बार पार्टी ने युवा चेहरों और अनुभवी नेताओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है ताकि सत्ता विरोधी लहर का मुकाबला किया जा सके।
भवानीपुर में दिग्गजों की टक्कर: ममता बनाम सुवेंदु
इस चुनाव का सबसे रोमांचक मुकाबला कोलकाता की भवानीपुर सीट पर देखने को मिलेगा। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी पारंपरिक सीट भवानीपुर से चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने ममता के इस गढ़ में सेंध लगाने के लिए अपने सबसे बड़े योद्धा और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी को मैदान में उतारा है। कभी ममता बनर्जी के सबसे खास सिपहसालार रहे सुवेंदु अब उनके सबसे कड़े प्रतिद्वंद्वी बन चुके हैं। भवानीपुर की इस जंग पर पूरे देश की निगाहें टिकी हैं, क्योंकि यह मुकाबला केवल एक सीट का नहीं, बल्कि साख और वर्चस्व की लड़ाई बन चुका है।
नंदीग्राम का रण: सुवेंदु के खिलाफ पवित्रा कर पर भरोसा
बीजेपी ने एक बड़ा दांव खेलते हुए सुवेंदु अधिकारी को दो सीटों से चुनाव लड़ने का टिकट दिया है। सुवेंदु भवानीपुर के साथ-साथ अपनी घरेलू सीट नंदीग्राम से भी चुनाव लड़ेंगे। गौरतलब है कि पिछले चुनाव में सुवेंदु ने नंदीग्राम में ममता बनर्जी को बेहद नजदीकी मुकाबले में 1956 वोटों से शिकस्त दी थी। इस बार ममता बनर्जी ने खुद नंदीग्राम से चुनाव न लड़कर अपने भरोसेमंद नेता पवित्रा कर को सुवेंदु के खिलाफ मैदान में उतारा है। टीएमसी को उम्मीद है कि पवित्रा कर नंदीग्राम में सुवेंदु के विजय रथ को रोकने में सफल होंगे और पिछली हार का बदला लेंगे।
बीजेपी की पहली सूची: 144 उम्मीदवारों के साथ आक्रामक शुरुआत
चुनाव आयोग की घोषणा के चंद घंटों के भीतर ही भारतीय जनता पार्टी ने अपने 144 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी। बीजेपी इस बार पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के लक्ष्य के साथ पूरी ताकत झोंक रही है। पार्टी ने सुवेंदु अधिकारी जैसे कद्दावर नेताओं को अग्रिम पंक्ति में रखा है। बीजेपी का फोकस उन क्षेत्रों पर अधिक है जहाँ पिछले चुनावों में उनकी बढ़त रही थी। राज्य में दो चरणों के मतदान के कारण सुरक्षा व्यवस्था भी बेहद सख्त रहेगी। 4 मई को आने वाले नतीजे यह तय करेंगे कि क्या ‘दीदी’ अपनी सत्ता बचा पाएंगी या बीजेपी बंगाल में नया इतिहास लिखेगी।


















