West Bengal Madrasa News : पश्चिम बंगाल में वंदे मातरम को लेकर राजनीतिक बहस के बीच मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पंजीकृत मदरसों में राष्ट्रगीत के गायन को अनिवार्य किए जाने की जानकारी दी है। शनिवार को कोलकाता स्थित राष्ट्रीय पुस्तकालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने राज्य के स्कूलों और पंजीकृत मदरसों में वंदे मातरम के गायन को जरूरी किया है। स्कूलों में सुबह की सभा के दौरान वंदे मातरम के गायन को लेकर राज्य सरकार पहले ही आदेश जारी कर चुकी है।
राष्ट्रीय पुस्तकालय के कार्यक्रम में सीएम ने रखा सरकार का पक्ष
राष्ट्रीय पुस्तकालय में आयोजित कार्यक्रम में शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उनकी सरकार राष्ट्रवादी विचारधारा के साथ काम कर रही है। उन्होंने राज्य की सीमाओं की सुरक्षा और अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर भी अपनी सरकार की प्राथमिकताएं गिनाईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार के कार्यकाल में सीमा सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और अवैध घुसपैठ के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
घुसपैठ को लेकर पूर्व टीएमसी सरकार पर निशाना
मुख्यमंत्री ने इस दौरान पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार पर भी आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में राज्य में घुसपैठ को बढ़ावा मिला, जिससे राज्य की जनसांख्यिकी में बदलाव हुआ। अधिकारी ने कहा कि उनकी सरकार राज्य की सीमाओं को सुरक्षित रखने और अवैध तरीके से प्रवेश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने को प्राथमिकता देगी। ये आरोप मुख्यमंत्री की ओर से किए गए राजनीतिक दावे हैं।
‘हर घुसपैठिए को खदेड़ा जाएगा’ का दावा
शुभेंदु अधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार अवैध घुसपैठ के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। उन्होंने इसी संदर्भ में स्कूलों और पंजीकृत मदरसों में वंदे मातरम के गायन को अनिवार्य किए जाने का उल्लेख किया। इससे पहले मई 2026 में राज्य के स्कूलों में सुबह की सभा के दौरान वंदे मातरम गाने को अनिवार्य करने का सरकारी आदेश जारी हुआ था।
6 दिसंबर को लेकर भी पूर्व सरकार पर आरोप
मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती टीएमसी सरकार पर भाजपा और हिंदुत्व संगठनों से जुड़े कार्यक्रमों को लेकर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने 6 दिसंबर को ‘शौर्य दिवस’ के तौर पर मनाए जाने की अनुमति नहीं दी थी। अधिकारी ने अपने भाषण में अयोध्या में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह का भी उल्लेख किया और उस समय पश्चिम बंगाल में तत्कालीन सरकार की भूमिका को लेकर आरोप लगाए।
राम मंदिर समारोह को लेकर ममता बनर्जी पर निशाना
शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि जनवरी 2024 में अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान देश के अन्य हिस्सों में उत्सव का माहौल था, जबकि पश्चिम बंगाल में तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंदिर के विरोध में रैली आयोजित करने के लिए सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल किया। यह आरोप अधिकारी ने अपने राजनीतिक संबोधन के दौरान लगाया है।
वंदे मातरम पर पहले भी जारी हो चुका है सरकारी आदेश
पश्चिम बंगाल सरकार ने मई 2026 में स्कूल शिक्षा विभाग के तहत आने वाले स्कूलों में सुबह की सभा से पहले वंदे मातरम के गायन को अनिवार्य किया था। संबंधित आदेश में सरकारी, सरकार प्रायोजित और सहायता प्राप्त स्कूलों समेत राज्य के मान्यता प्राप्त संस्थानों में इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू करने की बात कही गई थी। बाद में मदरसा संस्थानों को लेकर भी इसी तरह का निर्देश सामने आया।
मदरसों को लेकर सरकार पहले भी कर चुकी है कार्रवाई
गौरतलब है कि सितंबर 2026 में पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्यव्यापी सर्वे के बाद 252 मदरसों को बंद करने का आदेश दिया था, जबकि करीब 100 अन्य संस्थानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। सरकार के अनुसार, सर्वे में कुछ संस्थानों में आवश्यक मंजूरी और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी कमियां सामने आई थीं। अधिकारियों ने कहा था कि जरूरी मंजूरी वाले मदरसे संचालित होते रहेंगे।
वंदे मातरम को लेकर राजनीतिक बहस जारी
वंदे मातरम को स्कूलों और मदरसों में अनिवार्य करने के फैसले ने पश्चिम बंगाल में राजनीतिक और सामाजिक बहस को तेज किया है। विपक्षी पक्षों और कुछ मुस्लिम संगठनों ने इस व्यवस्था पर आपत्ति जताई है, जबकि भाजपा और उससे जुड़े संगठनों ने इसे राष्ट्रगीत के सम्मान से जोड़कर समर्थन किया है। ऐसे में राज्य सरकार का यह फैसला आने वाले समय में राजनीतिक चर्चा का प्रमुख विषय बना रह सकता है।
Read More : CISCE Mental Health Initiative: स्कूलों में शुरू होगी मानसिक स्वास्थ्य पहल, 16 लाख छात्रों को मिलेगा बड़ा लाभ