Weather Alert
Weather Alert: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर और मध्य भारत के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। इस सप्ताह लगातार दो पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) के सक्रिय होने के कारण मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। 3 और 4 अप्रैल को इन प्रणालियों का असर अपने चरम पर रहेगा, जिससे कई राज्यों में बेमौसम बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि की प्रबल संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के बड़े हिस्से के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। विशेष रूप से कश्मीर घाटी में भारी वर्षा की उम्मीद है, जबकि झारखंड और बिहार के कुछ हिस्सों में भी आने वाले दिनों में ओले गिरने की आशंका बनी हुई है। मौसम की यह सक्रियता 7 अप्रैल तक जारी रह सकती है।
आने वाले दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की कमी आने की संभावना है। 4 अप्रैल तक लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, हालांकि 5 और 6 अप्रैल को पारे में मामूली बढ़ोतरी देखी जा सकती है। इसके बाद, 7 से 9 अप्रैल के बीच फिर से तापमान गिरेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि 9 अप्रैल, 2026 तक उत्तर भारत में तापमान सामान्य से नीचे ही बना रहेगा, जिससे अप्रैल की शुरुआत में ठंडक का अहसास होगा।
मध्य भारत और महाराष्ट्र के तापमान में मिला-जुला असर देखने को मिलेगा। विदर्भ क्षेत्र में गर्मी बढ़ने के संकेत हैं, जहाँ 3 अप्रैल तक तापमान 3-5 डिग्री तक बढ़ सकता है। वहीं, गुजरात में इसी अवधि के दौरान 2-3 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है। पूर्वी भारत में भी 5 से 7 अप्रैल के बीच धीरे-धीरे पारा लुढ़कने की संभावना है। महाराष्ट्र में 5 अप्रैल के बाद गर्मी में दोबारा बढ़ोतरी होने के आसार जताए गए हैं।
उत्तर प्रदेश में शुक्रवार को मौसम के कई रंग देखने को मिले। जहाँ एक ओर सुलतानपुर 38.6 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे गर्म जिला रहा, वहीं प्रयागराज, वाराणसी, गाजीपुर और फुरसतगंज जैसे क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। राजधानी लखनऊ में भी मौसम सुहावना बना रहा, जहाँ अधिकतम तापमान 35.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। राज्य में आने वाले 48 घंटों में बारिश का दायरा और बढ़ने की उम्मीद है।
बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने महाराष्ट्र के किसानों की कमर तोड़ दी है। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में लगभग 1.22 लाख हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि पर फसलों को गंभीर क्षति पहुँची है। नासिक क्षेत्र में बारिश से जुड़ी घटनाओं में दो लोगों की जान जाने की दुखद खबर भी सामने आई है। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने आश्वासन दिया है कि सरकार प्रभावित किसानों को मुआवजा प्रदान करेगी। वर्तमान में प्रशासन द्वारा नुकसान का सटीक आकलन करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में सर्वेक्षण कार्य तेजी से किया जा रहा है।
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