WinZO ED Action: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के उल्लंघन के मामले में ऑनलाइन गेमिंग क्षेत्र की दिग्गज कंपनी विंजो (Winzo) के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। ईडी के बेंगलुरु जोनल ऑफिस ने कंपनी और उसकी सहयोगी इकाई ज़ो प्राइवेट लिमिटेड (Zo Pvt. Ltd.) की करीब 590 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली है। इस कार्रवाई ने स्टार्टअप जगत और ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर में हलचल पैदा कर दी है।

विंजो (Winzo) के खिलाफ ईडी की कार्रवाई: बैंक खाते और बॉन्ड सीज
जांच एजेंसी द्वारा जब्त की गई 590 करोड़ रुपये की संपत्ति में न केवल बैंक बैलेंस शामिल है, बल्कि फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), म्यूचुअल फंड और विभिन्न बॉन्ड भी शामिल हैं। विंजो, जो एक प्रमुख ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म है, पर आरोप है कि उसने विदेशी मुद्रा कानूनों की अनदेखी करते हुए विदेशों में पैसा भेजा। कंपनी दावा करती रही है कि उसके पास 25 करोड़ से अधिक सक्रिय यूजर्स हैं, लेकिन अब इसके वित्तीय लेन-देन जांच के दायरे में हैं।
डॉलर निवेश का संदिग्ध खेल: अमेरिका और सिंगापुर तक पहुंची जांच
ईडी की जांच में यह बात सामने आई है कि विंजो ने विदेशों में अपने व्यापार विस्तार के नाम पर भारी मात्रा में डॉलर खरीदे और करीब 492 करोड़ रुपये का निवेश किया। यह निवेश विशेष रूप से उसकी सहायक कंपनियों—WinzoUS Inc (अमेरिका) और Winzo SG PTE Ltd (सिंगापुर) में दिखाया गया था। एजेंसी का आरोप है कि यह निवेश नियमों के विरुद्ध किया गया था और इसका उद्देश्य विदेशी मुद्रा कानून की जटिलताओं से बचना था।
शेल कंपनियां और ऑनलाइन जुआ: ब्राजील और जर्मनी तक फैला नेटवर्क
जांच में जो सबसे चौंकाने वाला खुलासा हुआ, वह इन विदेशी कंपनियों की प्रकृति को लेकर है। ईडी के अनुसार, अमेरिका और सिंगापुर की ये कंपनियां केवल कागजों पर मौजूद थीं। इनके पास न तो कोई अपना कार्यालय था और न ही कोई कर्मचारी। लूडो, बिंगो, स्नेक-एंड-लैडर और ब्लैकजैक जैसे ऑनलाइन जुआ आधारित खेलों का पूरा संचालन और प्रबंधन भारत से ही किया जा रहा था। यहाँ तक कि विदेशी बैंक खातों का नियंत्रण भी भारतीय कार्यालयों से हो रहा था, जो कानूनन गलत है।
कानून के दायरे से बाहर जुआ गतिविधियां: 590 करोड़ रुपये अवैध घोषित
भारत में ऑनलाइन जुआ और सट्टेबाजी से जुड़ी गतिविधियों को लेकर सख्त नियम हैं। ईडी का तर्क है कि विंजो ने विदेशी इकाइयों के माध्यम से ऐसी गतिविधियों को अंजाम दिया जो कानून के तहत अनुमत नहीं हैं। निवेश के नाम पर पैसा बाहर रखा गया, जबकि वास्तविक व्यापारिक ऑपरेशन घरेलू स्तर पर हो रहा था। इसी आधार पर विदेशी खातों में जमा लगभग 590 करोड़ रुपये को अवैध माना गया और जब्ती की कार्रवाई की गई।
गुरुग्राम में अंसल ग्रुप पर भी गाज: 82 करोड़ की संपत्तियां अटैच
विंजो मामले के साथ ही ईडी के गुरुग्राम जोनल ऑफिस ने भी एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। रियल एस्टेट क्षेत्र की दिग्गज कंपनी अंसल हाउसिंग लिमिटेड (Ansal Housing Ltd) से जुड़े एक बड़े घोटाले में एजेंसी ने 82 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियां अटैच की हैं। यह मामला गुरुग्राम के सेक्टर-83 में स्थित ‘अंसल हब-83’ प्रोजेक्ट से जुड़ा है। जून 2023 में हरियाणा पुलिस द्वारा दर्ज धोखाधड़ी और साजिश की एफआईआर के आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी।
भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं पर कड़ा प्रहार
ईडी की ये दोनों कार्यवाहियां स्पष्ट संदेश देती हैं कि चाहे वह उभरता हुआ टेक स्टार्टअप हो या स्थापित रियल एस्टेट दिग्गज, वित्तीय अनियमितताओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विंजो के मामले में अभी जांच जारी है और आने वाले दिनों में कुछ और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है। वहीं, अंसल ग्रुप पर हुई कार्रवाई ने गुरुग्राम के रियल एस्टेट निवेशकों के बीच सुरक्षा और पारदर्शिता की नई उम्मीद जगाई है।
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