राष्ट्रीय

Women Reservation Bill : महिला आरक्षण बिल फेल होने के बाद सरकार के पास बचे 5 रास्ते, देखें विश्लेषण!

Women Reservation Bill :  लोकसभा में शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026 की शाम भारतीय संसदीय इतिहास के लिए एक बड़ा मोड़ लेकर आई। महिला आरक्षण को जल्द लागू करने के उद्देश्य से लाया गया 131वां संविधान संशोधन विधेयक सदन में आवश्यक बहुमत न मिल पाने के कारण गिर गया। शाम 7:45 बजे हुई वोटिंग के नतीजों ने सरकार को चौंका दिया। बिल के पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि इसे पास कराने के लिए दो-तिहाई बहुमत यानी 326 वोटों की दरकार थी। विरोध में 230 सांसदों ने मतदान किया। इस विफलता के साथ ही 2029 के आम चुनावों से महिला आरक्षण लागू करने का सरकारी संकल्प फिलहाल अधर में लटक गया है।

संयुक्त सत्र की संभावना खत्म: संवैधानिक अड़चन सबसे बड़ी बाधा

सदन में बिल गिरने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठा कि क्या सरकार अनुच्छेद 108 के तहत ‘जॉइंट सेशन’ (संयुक्त सत्र) बुलाकर इसे पास करा सकती है? संवैधानिक विशेषज्ञों के अनुसार, इसका जवाब ‘नहीं’ है। अनुच्छेद 108 केवल साधारण विधेयकों के लिए होता है। संविधान संशोधन विधेयक (131वां संशोधन) के लिए अनुच्छेद 368 लागू होता है, जो स्पष्ट करता है कि संशोधन के लिए दोनों सदनों में अलग-अलग ‘विशेष बहुमत’ अनिवार्य है। चूंकि लोकसभा में ही बिल को बहुमत नहीं मिला, इसलिए संयुक्त सत्र का रास्ता पूरी तरह बंद है।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर असर: अब 2034 तक का इंतजार

2023 में पारित मूल ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ (106वां संशोधन) पहले से ही कानून बन चुका है, लेकिन इसका क्रियान्वयन जनगणना और उसके बाद होने वाले परिसीमन पर निर्भर था। 131वां संशोधन बिल इसी शर्त को हटाने के लिए लाया गया था ताकि 2011 की जनगणना के आधार पर 2029 से ही 33% आरक्षण शुरू हो सके। अब इस बिल के गिरने से पुराना कानून प्रभावी रहेगा। इसका सीधा अर्थ है कि महिला आरक्षण अब अगली जनगणना और उसके बाद की परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लागू होगा, जिसमें 2034 या उसके बाद तक का समय लग सकता है।

सरकार के पास मौजूद विकल्प: दोबारा पेश करना या राजनीतिक समझौता

बिल गिरने का मतलब यह नहीं है कि राह पूरी तरह बंद हो गई है। सरकार के पास कुछ व्यावहारिक विकल्प शेष हैं। पहला, सरकार अगले सत्र (मानसून या बजट सत्र) में इस बिल को नए सिरे से पेश कर सकती है। दूसरा रास्ता यह है कि विपक्षी दलों, विशेषकर दक्षिण भारतीय राज्यों के दलों की चिंताओं (सीटों के असंतुलन) को दूर करने के लिए बिल में संशोधन किया जाए और आम सहमति बनाई जाए। यदि सरकार केवल महिला आरक्षण को लागू करने पर ध्यान दे और परिसीमन को अलग रखे, तो विपक्ष का समर्थन जुटाना आसान हो सकता है।

2029 के चुनावी समीकरण: सीटों की संख्या में नहीं होगा बदलाव

इस बिल के पास न होने का सीधा असर 2029 के लोकसभा चुनावों पर पड़ेगा। विशेषज्ञ बताते हैं कि अब 2029 के चुनाव वर्तमान 543 सीटों पर ही होंगे। चूँकि परिसीमन से जुड़ा बिल गिर गया है, इसलिए सीटों की संख्या नहीं बढ़ेगी और न ही महिला आरक्षण लागू होगा। इससे दक्षिण भारतीय राज्यों की सीटें घटने की चिंता तो तुरंत टल गई है, लेकिन महिला सशक्तिकरण का लक्ष्य काफी पीछे छूट गया है। सरकार के अनुसार, यदि बिल पास हो जाता तो 2029 से ही नई सीटें और 33% आरक्षण दोनों एक साथ प्रभावी हो जाते।

संघीय ढांचे और महिला सशक्तिकरण के बीच फंसा पेंच

यह बिल केवल आंकड़ों का खेल नहीं था, बल्कि यह भारत के संघीय ढांचे और संसद की नई संरचना से जुड़ा था। परिसीमन को लेकर उत्तर और दक्षिण भारत के बीच के संतुलन पर सहमति न बन पाना ही बिल के गिरने की मुख्य वजह बनी। अब सरकार के सामने चुनौती है कि वह महिला सशक्तिकरण के बड़े लक्ष्य और राज्यों के क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व के बीच कैसे तालमेल बिठाती है। फिलहाल, 2029 के लिए महिलाओं की उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है और पूरी प्रक्रिया फिर से शून्य से शुरू करनी होगी।

Read More :  Women Reservation Bill : “आरक्षण तो बहाना था, निशाना कुछ और”, महिला आरक्षण बिल गिरने पर राहुल गांधी का बड़ा हमला!

Thetarget365

Recent Posts

Liver Health Tips : महिलाओं में तेजी से बढ़ रहा है फैटी लिवर का खतरा, नजरअंदाज न करें ये 5 साइलेंट लक्षण

Liver Health Tips  : आज के दौर में लिवर से जुड़ी बीमारियाँ एक वैश्विक स्वास्थ्य…

3 hours ago

Akshaya Tritiya 2026: पूजा के लिए मिलेगा सिर्फ 1 घंटा 32 मिनट, जानें सटीक शुभ मुहूर्त

Akshaya Tritiya 2026:  अक्षय तृतीया का पावन पर्व भारतीय संस्कृति और हिंदू धर्म में अटूट…

5 hours ago

IPL 2026 Orange Cap : ऑरेंज कैप पर क्लासेन का कब्जा, पर्पल कैप रेस में कंबोज निकले आगे

IPL 2026 Orange Cap : इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 का रोमांच अपने चरम पर…

5 hours ago

Akshaya Tritiya: 100 साल बाद ‘अक्षय योग’ का महासंयोग, आज सोना खरीदने का ये है सबसे श्रेष्ठ मुहूर्त!

Akshaya Tritiya:  वर्ष 2026 की अक्षय तृतीया ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत ऐतिहासिक होने वाली है।…

5 hours ago

Miss India 2026: गोवा की साध्वी सेल के सिर सजा ताज, विनीत जैन ने बताया क्या है असली सफलता!

Miss India 2026: आज के दौर में फेमिना मिस इंडिया केवल सुंदरता को आंकने का…

6 hours ago

Chanakya Niti: सफलता कदम चूमेगी! आज ही अपने जीवन में उतारें आचार्य चाणक्य के ये अनमोल विचार

Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य, जिन्हें हम कौटिल्य के नाम से भी जानते हैं, भारतीय इतिहास…

6 hours ago

This website uses cookies.