US China AI : चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अमेरिका की यात्रा के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के विकास और इस्तेमाल को लेकर महत्वपूर्ण बात कही। 24 सितंबर 2026 को व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बैठक के दौरान जिनपिंग ने कहा कि चीन और अमेरिका को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि AI का विकास हमेशा मानव नियंत्रण में रहे। उन्होंने कहा कि इस तकनीक का इस्तेमाल लोगों के कल्याण और मानव विकास के लिए किया जाना चाहिए।
चीन और अमेरिका AI के क्षेत्र में अग्रणी देश
व्हाइट हाउस के ग्रैंड फोयर में अपने शुरुआती संबोधन के दौरान शी जिनपिंग ने कहा कि चीन और अमेरिका दोनों आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अग्रणी देश हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के पास AI को विकसित करने और उसके इस्तेमाल को बेहतर तरीके से प्रबंधित करने की क्षमता मौजूद है। जिनपिंग के मुताबिक, AI के क्षेत्र में दोनों देशों की स्थिति उन्हें इस तकनीक के जिम्मेदार विकास को लेकर विशेष जिम्मेदारी भी देती है।
AI पर मानव नियंत्रण बनाए रखने की अपील
चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि दोनों देशों को मिलकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि AI का विकास मानव नियंत्रण के दायरे में ही रहे। उन्होंने AI को लोगों के कल्याण के लिए इस्तेमाल किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। जिनपिंग ने कहा कि तकनीकी प्रगति का उद्देश्य मानव जीवन को बेहतर बनाना होना चाहिए। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब AI को लेकर अमेरिका और चीन के बीच तकनीकी प्रतिस्पर्धा लगातार चर्चा में है।
मानव विकास और प्रगति को लेकर जिम्मेदारी
शी जिनपिंग ने कहा कि चीन और अमेरिका के सामने मानव विकास तथा प्रगति को आगे बढ़ाने की ऐतिहासिक जिम्मेदारी है। उन्होंने संकेत दिया कि AI जैसी तेजी से विकसित हो रही तकनीक को केवल वैश्विक प्रतिस्पर्धा के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। इसके साथ ही इसके सुरक्षित और जिम्मेदार इस्तेमाल पर भी ध्यान देने की जरूरत है। AI के बढ़ते प्रभाव के बीच दोनों देशों के बीच तकनीकी सहयोग और सुरक्षा संबंधी संवाद भी महत्वपूर्ण हो गया है।
अमेरिका-चीन प्रतिस्पर्धा स्वस्थ रखने की अपील
बैठक के दौरान शी जिनपिंग ने अमेरिका और चीन के बीच जारी व्यापक प्रतिस्पर्धा को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच प्रतिस्पर्धा स्वस्थ होनी चाहिए और इसे एक सीमा के भीतर रखा जाना चाहिए। जिनपिंग ने इस प्रतिस्पर्धा को ऐसी होड़ के रूप में बदलने से बचने की बात कही, जिसमें केवल एक पक्ष की जीत और दूसरे की हार हो। उन्होंने दोनों देशों के बीच संबंधों को स्थिर रखने पर भी जोर दिया।
ड्रग्स के खिलाफ सहयोग बढ़ाने की पेशकश
चीनी राष्ट्रपति ने मादक पदार्थों और ड्रग्स से निपटने के लिए अमेरिका के साथ सहयोग बढ़ाने की इच्छा भी जताई। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को साझा समस्याओं से निपटने के लिए आपसी संपर्क और सहयोग को मजबूत करना चाहिए। जिनपिंग ने चीन और अमेरिका के संबंधित सरकारी विभागों के बीच संवाद बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। यह प्रस्ताव दोनों देशों के बीच सहयोग के संभावित क्षेत्रों को रेखांकित करता है।
दोनों देशों की सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय
शी जिनपिंग ने चीन और अमेरिका की सेनाओं के बीच बेहतर संपर्क और समन्वय बनाए रखने की अपील भी की। दोनों देशों के बीच कई रणनीतिक मुद्दों पर मतभेद हैं। ऐसे में सैन्य स्तर पर संवाद को गलतफहमियों और तनाव को नियंत्रित करने के एक माध्यम के रूप में देखा जाता है। जिनपिंग ने दोनों पक्षों के बीच संपर्क बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया।
ट्रंप ने व्यापार और निजी संबंधों का किया जिक्र
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बैठक के दौरान चीन के साथ व्यापार संबंधों में हुई प्रगति और शी जिनपिंग के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों को भी प्रमुखता दी। ट्रंप इससे पहले जिनपिंग के साथ अपनी दोस्ती को बेहद करीबी बता चुके हैं। दोनों नेताओं की बैठक में AI के अलावा व्यापार और अन्य रणनीतिक मुद्दों पर भी चर्चा का एजेंडा रहा।
AI पर अमेरिका-चीन के रुख पर दुनिया की नजर
शी जिनपिंग और डोनाल्ड ट्रंप की यह बैठक ऐसे समय हुई है, जब अमेरिका और चीन AI के क्षेत्र में तकनीकी बढ़त हासिल करने के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। AI के विकास के साथ सुरक्षा, साइबर जोखिम और मानव नियंत्रण जैसे मुद्दे भी महत्वपूर्ण होते जा रहे हैं। ऐसे में जिनपिंग का मानव नियंत्रण पर जोर देना और दोनों देशों के बीच सहयोग की अपील बैठक के प्रमुख बिंदुओं में शामिल रही।
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