अंबिकापुर। केआर टेक्निकल कॉलेज अंबिकापुर के राष्ट्रीय सेवा योजना का सात दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन किया जा रहा है। रविवार 17 दिसंबर से 23 दिसंबर तक ग्राम संजय नगर (कालीघाट), सूरजपुर में यह आयोजन किया जा रहा है। जिसका उद्घाटन डॉ एसएन पाण्डेय, कार्यक्रम समन्वयक रासेयो, संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय के मुख्य आतिथ्य और अनंगपाल दीक्षित भूतपूर्व स्वयंसेवक राष्ट्रीय सेवा योजना, प्रणय राज सिंह भूतपूर्व स्काउट गाइड स्वयंसेवक के उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस दौरान महाविद्यालय के सलाहकार राहुल जैन, प्राचार्य डॉ रितेश वर्मा, कार्यक्रम अधिकारी विनितेश गुप्त, सहायक कार्यक्रम अधिकारी सुश्री एलीस एंजिल तिर्की और महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक वेद प्रकाश पटेल, रविराज यादव, रायचंद प्रसाद गुप्ता, नितेश कुमार साहू, सुश्री रुबीना खातून, सुश्री नेहा कुमारी और श्रीमती प्रियंका गुप्ता उपस्थित थे। इस बार की शिविर का थीम – नशा मुक्त समाज के लिए युवा है। इस शिविर में लगभग 50 स्वयंसेवक, कार्यक्रम अधिकारी विनितेश गुप्त एवं समाज कार्य विभाग की सहायक प्राध्यापक सुश्री एलीस एंजिल तिर्की के साथ 7 दिनों तक शिविर में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम चलाने के साथ-साथ विभिन्न गतिविधि में शामिल होंगे।
उद्घाटन कार्यक्रम के शुरुआत में स्वामी विवेकानंद के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलित करने के पश्चात समस्त अतिथियों को राष्ट्रीय सेवा योजना का बैच लगाकर स्वागत किया गया। इसके पश्चात स्वयंसेवकों द्वारा राष्ट्रीय सेवा योजना का लक्ष्य गीत गाया गया। इस दौरान महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रितेश वर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि 7 दिनों तक चलने वाले इस कैंप में महाविद्यालय के स्वयंसेवक राष्ट्रीय सेवा योजना के सिद्धान्त वाक्य को उद्देश्य बनाकर काम करें, उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना का सिद्धान्त वाक्य “मुझको नहीं तुमको” का मतलब ग्रामीणों को समझाना है एवं इसे पालन करने के प्रति प्रेरित भी करना है। उन्होंने कहा कि इस शिविर के माध्यम से इतना अच्छा काम करें कि कैंप के समापन का कभी मन ही ना करें। उक्त शिविर में स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए डॉ एसएन पाण्डेय ने कहा कि कार्यक्रम अधिकारी विनितेश गुप्त के नेतृत्व में महाविद्यालय 9वीं बार विशेष शिविर का आयोजन कर रहा है, उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सेवा योजना व्यक्तित्व विकास का एक सशक्त माध्यम है, साथ ही साथ स्वयंसेवकों के लिए शिविर एक प्रायोगिक कार्य है जिसको पूर्ण करके स्वयंसेवक अपने व्यक्तित्व का विकास कर सकता है।
अनंगपाल दीक्षित ने कहा कि आपके आगमन से निश्चित रूप से गांव के लोग जागरूक होंगे एवं स्वच्छता, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण जैसे सामाजिक मामलों के प्रति सजग भी होंगे। प्रणय राज सिंह राणा ने कहा कि ऐसे शिविर में समस्याएँ आती हैं परन्तु हमें विचलित नहीं होना है और अपने कर्तव्य का निर्वाहन करना है। कार्यक्रम अधिकारी विनितेश गुप्त ने कहा कि प्रतिवर्ष हम स्वयंसेवकों के साथ किसी गांव में निश्चित उद्देश लेकर जाते हैं एवं स्वयंसेवकों के साथ मिलकर उसे पूरा करने का प्रयास करते हैं। उन्होंने अतिथियों को आश्वस्त किया कि इस बार भी सामाजिक सरोकार से संबंधित जितने भी उद्देश्यों को लेकर वे इस गांव में आए हैं उसे पूरा करने का प्रयास करेंगे। कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय के सलाहकार राहुल जैन ने समस्त अतिथियों एवं ग्रामीणों से शिविरार्थी स्वयंसेवक एवं कार्यक्रम अधिकारी के सहयोग हेतु अपील किया साथ ही साथ ना सिर्फ आज बल्कि आगामी 7 दिनों तक मिलने वाले उनके सहयोग के प्रति आभार भी जताया। इस दौरान वरिष्ठ स्वयंसेवक कामता शाह, बिंदु सिंह, पुष्पांजलि पैकरा, दुर्गावती राजवाड़े, सुधीर, प्रिया, जूही आदि सक्रिय रहे।