Zohran Mamdani Victory: भारतीय मूल के जोहरान ममदानी ने न्यूयॉर्क शहर के मेयर पद का चुनाव जीतकर इतिहास रच दिया है। ममदानी (34) अमेरिका के सबसे बड़े शहर के शीर्ष पद पर आसीन होने वाले पहले दक्षिण एशियाई और मुस्लिम व्यक्ति बन गए हैं। यह जीत न केवल न्यूयॉर्क बल्कि अमेरिका में राजनीतिक परिदृश्य के लिए भी ऐतिहासिक मानी जा रही है।
मंगलवार को हुए चुनाव में ममदानी ने रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार कर्टिस स्लिवा और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली नेता, न्यूयॉर्क राज्य के पूर्व गवर्नर एंड्रयू कुओमो को पराजित किया। कुओमो ने इस बार स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था और उन्हें मतदान से ठीक पहले तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन भी मिला था।
अपनी जीत के बाद ममदानी ने अपने भाषण में भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का ऐतिहासिक ‘ट्रस्ट विद डेस्टिनी’ भाषण का उल्लेख किया और कहा, “इतिहास में कभी-कभी ऐसा क्षण आता है जब हम पुराने से नए की ओर कदम बढ़ाते हैं, जब एक युग समाप्त होता है और लंबे समय से दबाई गई राष्ट्र की आत्मा अपनी अभिव्यक्ति पाती है।” विशेषज्ञों का कहना है कि ममदानी के इस भाषण में उनके भारतीय मूल और वैश्विक दृष्टिकोण दोनों की झलक देखने को मिलती है।
जोहरान ममदानी का जन्म युगांडा की राजधानी कंपाला में हुआ था। वे प्रसिद्ध फिल्मकार मीरा नायर और कोलंबिया विश्वविद्यालय के प्रोफेसर महमूद ममदानी के पुत्र हैं। सात साल की उम्र में ममदानी अपने परिवार के साथ न्यूयॉर्क आ गए। उन्होंने ‘ब्रॉन्क्स हाई स्कूल ऑफ साइंस’ से पढ़ाई की और बॉडविन कॉलेज से अफ्रीकाना स्टडीज में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। ममदानी ने वर्ष 2018 में अमेरिकी नागरिकता हासिल की थी।
ममदानी ने अपने मेयर बनने के बाद न्यूयॉर्कवासियों को राहत देने के लिए कई बड़े वादे किए हैं। उन्होंने कहा कि उनके प्रशासन का प्रमुख लक्ष्य जीवनयापन की लागत कम करना और शहर में सभी स्थायी किरायेदारों के लिए तुरंत किराया स्थिर करना होगा। इसके अलावा ममदानी ने यह भी कहा कि वह न्यूयॉर्कवासियों की जरूरतों के अनुसार किफायती आवास उपलब्ध कराने और किराया नियंत्रित करने के लिए हर उपलब्ध संसाधन का उपयोग करेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि ममदानी की जीत से न केवल न्यूयॉर्क की राजनीति में बदलाव आएगा, बल्कि यह अमेरिका में दक्षिण एशियाई और मुस्लिम समुदायों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश भी है। उनकी यह ऐतिहासिक सफलता भविष्य में वैश्विक राजनीति में भारत के प्रभाव और भारतीय मूल के नेताओं की पहचान को और मजबूत करेगी।
ममदानी की यह जीत न्यूयॉर्क के लिए एक नए युग की शुरुआत के रूप में देखी जा रही है, जहां शहर के सभी नागरिकों के लिए समान अवसर और बेहतर जीवन सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता होगी।
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