Zojila Avalanche: केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के सामरिक रूप से महत्वपूर्ण श्रीनगर-लेह राजमार्ग पर शुक्रवार को प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिला। ज़ोजिला दर्रे के पास स्थित ‘ज़ीरो पॉइंट’ पर एक भीषण हिमस्खलन (एवलांच) होने से बड़ा हादसा हो गया। इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में आने से एक यात्री वाहन पूरी तरह दब गया, जिसके कारण कम से कम छह लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अचानक गिरे बर्फ के विशाल ढेर ने सड़क पर चल रही गाड़ियों को संभलने का मौका तक नहीं दिया। इस हादसे में पाँच अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें आनन-फानन में नजदीकी चिकित्सा केंद्रों में भर्ती कराया गया है।

श्रीनगर-लेह हाईवे ठप: सेना और बीआरओ का महा-बचाव अभियान
हादसे की खबर मिलते ही प्रशासन ने युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है। द्रास के ज़ोजिला पास पर ‘कैप्टन-टर्न’ के पास हुए इस हिमस्खलन के बाद राजमार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। मौके पर पुलिस, भारतीय सेना, सीमा सड़क संगठन (BRO), SDRF और सोनमर्ग व द्रास के जिला प्रशासन की टीमें तैनात हैं। बर्फ हटाने के लिए आधुनिक मशीनों और स्निफर डॉग्स की मदद ली जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि बर्फ के नीचे और कितने लोग दबे हो सकते हैं। एक व्यक्ति अभी भी लापता बताया जा रहा है, जिसकी तलाश के लिए रेस्क्यू टीमें शून्य से नीचे के तापमान में भी निरंतर कार्य कर रही हैं।
मृतकों में महिला और बच्चा शामिल: बढ़ सकता है हताहतों का आंकड़ा
द्रास के सब-डिविज़नल मजिस्ट्रेट विशाल अत्री ने इस दुखद घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि अब तक छह शव बरामद किए जा चुके हैं। अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि मृतकों में एक महिला और एक मासूम बच्चा भी शामिल है। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि मरने वालों की संख्या अभी और बढ़ सकती है, क्योंकि कई गाड़ियाँ अभी भी बर्फ की मोटी परतों के नीचे दबी हुई हैं। मलबे को हटाने के साथ-साथ यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी जीवित व्यक्ति अंदर न फंसा रह जाए। अस्पताल में भर्ती घायलों की स्थिति पर भी डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
उपराज्यपाल वीके सक्सेना की पैनी नजर: एजेंसियों को हाई अलर्ट के निर्देश
लद्दाख के उपराज्यपाल (LG) वीके सक्सेना ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कारगिल के उपायुक्त (DC) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को तुरंत घटनास्थल का दौरा करने और राहत कार्यों की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। एलजी ने कहा कि उन्होंने सभी सरकारी एजेंसियों और आपदा राहत बलों को हाई अलर्ट पर रहने को कहा है ताकि फंसे हुए लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकाला जा सके। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फीले तूफान का बढ़ता खतरा और सुरक्षा चिंताएं
मार्च के अंत में हुए इस भारी हिमस्खलन ने हिमालयी क्षेत्रों में यात्रा की सुरक्षा पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि तापमान में उतार-चढ़ाव और हालिया बर्फबारी के कारण बर्फ की परतें अस्थिर हो गई हैं। प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे मौसम विभाग और ट्रैफिक पुलिस की एडवाइजरी के बिना हाईवे पर सफर न करें। ज़ोजिला दर्रा, जो कश्मीर घाटी को लद्दाख से जोड़ता है, अपनी कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के लिए जाना जाता है, और यहाँ हर साल सर्दियों के दौरान एवलांच का खतरा बना रहता है।
Read More : Surguja Khelo India : सरगुजा में कल से गूंजेगी कुश्ती की दहाड़, ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ की तैयारी पूरी

















