Shashi Tharoor Tariff : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए 25% टैरिफ को लेकर सोमवार को संसद की विदेश मामलों की स्थायी समिति की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने की। बैठक के बाद थरूर ने साफ कहा कि यह टैरिफ भारत के लिए स्वीकार्य नहीं है और सरकार को अमेरिका से बातचीत कर जल्द समाधान निकालना चाहिए।

थरूर ने कहा, “भारत रूस से तेल खरीद रहा है, इससे अमेरिका को क्या परेशानी हो सकती है? भारत को इस मुद्दे पर भी अमेरिका से खुलकर बातचीत करनी चाहिए। टैरिफ के मसले को केवल आर्थिक नज़रिए से नहीं, बल्कि रणनीतिक साझेदारी के लिहाज़ से भी देखा जाना चाहिए।” उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका से भारत के रिश्ते ऐतिहासिक रूप से मजबूत और बहुआयामी रहे हैं, इसलिए व्यापारिक मतभेदों को संवाद के जरिए सुलझाया जा सकता है। “हम अमेरिका से रिश्ते को एक व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखते हैं। टैरिफ सिर्फ एक मुद्दा है, पर यह ऐसा मुद्दा है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।” थरूर ने कहा।

अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के दौरे पर उम्मीदें
थरूर ने जानकारी दी कि 25 अगस्त को अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल भारत आने वाला है ताकि दोनों देशों के बीच व्यापार और रणनीतिक सहयोग को लेकर उच्च स्तरीय वार्ता हो सके। “अभी तक प्रतिनिधिमंडल के कार्यक्रम में किसी बदलाव की सूचना नहीं है, इसलिए हम उम्मीद करते हैं कि बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ेगी,” उन्होंने कहा।
असीम मुनीर के बयान पर प्रतिक्रिया
बैठक में पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर द्वारा भारत के खिलाफ दिए गए बयान पर भी चर्चा हुई। इस पर थरूर ने कहा कि विदेश मंत्रालय ने पहले ही इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया दे दी है। “हालांकि, यह जरूर कहा जाना चाहिए कि किसी मित्र देश की धरती से भारत के खिलाफ परमाणु हमले जैसी भाषा का इस्तेमाल बेहद आपत्तिजनक और अस्वीकार्य है,” उन्होंने कहा। बैठक के निष्कर्षों से साफ है कि भारत-अमेरिका संबंधों में व्यापारिक तनाव के बावजूद रणनीतिक साझेदारी को प्राथमिकता दी जा रही है। शशि थरूर और समिति का मत है कि अमेरिका से संबंध भारत की विदेश नीति का अहम हिस्सा हैं और टैरिफ जैसे मुद्दों को द्विपक्षीय बातचीत से हल किया जाना चाहिए।










