Independence Day 2026 : देश शनिवार को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाने के लिए तैयार है। राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले पर होने वाले राष्ट्रीय समारोह को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार 13वीं बार लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करेंगे। इस वर्ष समारोह में ‘विकसित भारत 2047’, युवा शक्ति और ‘वंदे मातरम्’ की 150 साल की विरासत को विशेष महत्व दिया जाएगा। समारोह की शुरुआत पारंपरिक सैन्य सम्मान के साथ होगी।


लाल किले पहुंचते ही पीएम मोदी का होगा स्वागत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाल किले पहुंचने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह उनका स्वागत करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री को दिल्ली एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल राजेश सेठी से मिलवाया जाएगा। वह प्रधानमंत्री को सलामी मंच तक लेकर जाएंगे, जहां तीनों सेनाओं और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टुकड़ी प्रधानमंत्री को जनरल सैल्यूट देगी।

गार्ड ऑफ ऑनर में चारों सुरक्षा बल शामिल होंगे
प्रधानमंत्री इसके बाद गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण करेंगे। इस विशेष दल में भारतीय सेना, नौसेना, वायुसेना और दिल्ली पुलिस के अधिकारी तथा जवान शामिल होंगे। प्रत्येक बल से एक अधिकारी और 24-24 जवान गार्ड ऑफ ऑनर का हिस्सा होंगे। इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह की कोऑर्डिनेटिंग सर्विस भारतीय सेना है। गार्ड ऑफ ऑनर की कमान लेफ्टिनेंट कर्नल अर्जुन सिंह संभालेंगे।
चारों टुकड़ियों की जिम्मेदारी तय
गार्ड ऑफ ऑनर में सेना की टुकड़ी का नेतृत्व मेजर आदित्य शर्मा करेंगे। नौसेना की टुकड़ी की कमान लेफ्टिनेंट कमांडर नीलम राणा के हाथों में होगी, जबकि वायुसेना की टुकड़ी का नेतृत्व स्क्वाड्रन लीडर विपिन कुमार करेंगे। दिल्ली पुलिस की टुकड़ी की जिम्मेदारी एडिशनल डीसीपी विनीत कुमार संभालेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर की ओर जाएंगे।
तिरंगा फहराते ही गूंजेगी 21 तोपों की सलामी
लाल किले की प्राचीर पर पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराएंगे। तिरंगा फहराने के दौरान कैप्टन सोनिया सिंह चौहान उनकी सहायता करेंगी। ध्वजारोहण के साथ ही 21 तोपों की सलामी दी जाएगी। इसके लिए औपचारिक 1721 फील्ड बैटरी में स्वदेशी 105 एमएम लाइट फील्ड गन्स का इस्तेमाल किया जाएगा। बैटरी की कमान मेजर पवन सिंह शेखावत संभालेंगे।

राष्ट्रीय सलामी में इंटर-सर्विसेज गार्ड की भूमिका
राष्ट्रीय ध्वज गार्ड में सेना, नौसेना, वायुसेना और दिल्ली पुलिस के अधिकारी और जवान शामिल होंगे। प्रधानमंत्री के ध्वजारोहण के दौरान इंटर-सर्विसेज और पुलिस गार्ड की ओर से राष्ट्रीय सलामी दी जाएगी। नेशनल फ्लैग गार्ड की कमान मेजर लोकेन्द्र सिंह शेखावत संभालेंगे। सेना की टुकड़ी का नेतृत्व मेजर विकास यादव, नौसेना की टुकड़ी का नेतृत्व लेफ्टिनेंट कमांडर अभिलाष और वायुसेना की टुकड़ी का नेतृत्व स्क्वाड्रन लीडर उमेश जी करेंगे।
हेलीकॉप्टरों से होगी फूलों की बारिश
स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान इस बार आसमान में भी खास नजारा देखने को मिलेगा। भारतीय वायुसेना के दो Mi-17 हेलीकॉप्टर लाल किले के ऊपर से फूलों की पंखुड़ियों की वर्षा करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करेंगे। उनका संबोधन समारोह का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।
युवा शक्ति और विकसित भारत पर रहेगा जोर
प्रधानमंत्री के भाषण में इस वर्ष युवाओं की भूमिका पर विशेष जोर रहने की संभावना है। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में देश की युवा शक्ति की भूमिका को रेखांकित किया जा सकता है। साथ ही भारत की विकास यात्रा, आत्मनिर्भरता और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषय भी उनके संबोधन में प्रमुखता पा सकते हैं।
पहली बार स्वतंत्रता दिवस समारोह में गूंजेगा वंदे मातरम्
इस वर्ष का स्वतंत्रता दिवस राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150 साल की विरासत के लिए भी खास है। लाल किले पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में पहली बार ‘वंदे मातरम्’ का विशेष गायन किया जाएगा। इससे सैन्य परंपराओं के साथ समारोह में भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत की झलक भी देखने को मिलेगी।
लाल किले की सुरक्षा में एआई तकनीक का इस्तेमाल
स्वतंत्रता दिवस समारोह में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को बेहद मजबूत किया है। लाल किले और आसपास के इलाकों में मल्टी-लेयर एंटी-टेरर सिक्योरिटी प्लान लागू किया गया है। सुरक्षा निगरानी के लिए लाल किले के अंदर और बाहर 1,000 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
एआई कैमरों से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर
इन सीसीटीवी कैमरों को एआई आधारित वीडियो एनालिटिक्स सिस्टम से जोड़ा गया है। सभी कैमरों की लाइव फीड एक विशेष कंट्रोल रूम से लगातार मॉनिटर की जाएगी। इस तकनीक की मदद से संदिग्ध गतिविधियों, भीड़ से जुड़ी समस्याओं और कानून-व्यवस्था से संबंधित संभावित घटनाओं की पहचान जल्द करने की कोशिश की जाएगी। जरूरत पड़ने पर सुरक्षा दल तत्काल कार्रवाई करेंगे।
पिछले साल की घटनाओं के बाद बढ़ाई गई सतर्कता
सुरक्षा एजेंसियों ने पिछले वर्ष राजधानी में सामने आई घटनाओं को ध्यान में रखते हुए इस बार सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए हैं। उत्तर दिल्ली के डीसीपी राजा बंथिया के अनुसार, समारोह को सुरक्षित बनाने के साथ यह भी ध्यान रखा जा रहा है कि आम लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। लाल किले के अंदर और आसपास कई स्तरों पर सुरक्षा जांच और स्क्रीनिंग की व्यवस्था रहेगी।
मॉक ड्रिल से तैयारियों को परखा गया
समारोह से पहले सुरक्षा एजेंसियों ने विभिन्न संबंधित विभागों और हितधारकों के साथ मॉक ड्रिल भी की हैं। इसका उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में अलग-अलग एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करना है। संभावित आतंकी खतरे या किसी अन्य आपात परिस्थिति से निपटने के लिए विशेष एंटी-टेरर रिस्पॉन्स सिस्टम तैयार रखा गया है।
रणनीतिक स्थानों पर तैनात रहेंगी विशेष टीमें
लाल किले और आसपास के महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस तथा विशेष प्रतिक्रिया दलों की तैनाती की गई है। सुरक्षा एजेंसियों के बीच पहले से समन्वय स्थापित किया गया है, ताकि किसी भी चुनौती का तत्काल सामना किया जा सके। अधिकारियों के अनुसार, रणनीतिक स्थानों पर तैनात टीमें किसी भी कानून-व्यवस्था की स्थिति में तुरंत सक्रिय होंगी।
ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान
सुरक्षा के अलावा लाल किले के आसपास यातायात और लोगों की आवाजाही को नियंत्रित करने की भी व्यापक तैयारी की गई है। प्रवेश मार्गों पर सुरक्षा जांच के कई चरण होंगे। पुलिस का उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखते हुए आगंतुकों को कम से कम असुविधा देना है। भीड़ और वाहनों की आवाजाही पर नजर रखकर ट्रैफिक जाम जैसी स्थिति से बचने की कोशिश की जाएगी।
ऐतिहासिक समारोह के लिए राजधानी तैयार
कुल मिलाकर, 80वें स्वतंत्रता दिवस का समारोह सैन्य परंपरा, सांस्कृतिक विरासत, तकनीक और भविष्य के भारत के संकल्प का संगम बनने जा रहा है। लाल किले से प्रधानमंत्री मोदी का लगातार 13वां संबोधन, ‘विकसित भारत 2047’ और युवा शक्ति पर फोकस तथा ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ इस समारोह को खास बनाएगी। वहीं, एआई निगरानी और बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के जरिए राजधानी में समारोह को सुरक्षित और सुचारु बनाने की पूरी तैयारी की गई है।











