Iran Russia Relations : ईरान और रूस ने अपने रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने का संकल्प लिया है। सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को ईरान की राजधानी तेहरान में ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची और रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक के बाद दोनों नेताओं ने कहा कि क्षेत्रीय विवादों और युद्ध जैसी परिस्थितियों का समाधान सैन्य कार्रवाई के बजाय बातचीत और कूटनीति के जरिए तलाशना चाहिए। दोनों देशों ने आपसी सहयोग बढ़ाने और साझा हितों की रक्षा करने पर भी जोर दिया।
20 वर्षीय रणनीतिक समझौते से मजबूत होंगे द्विपक्षीय संबंध
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि दोनों देशों के बीच 20 साल के व्यापक रणनीतिक समझौते के लागू होने के बाद राजनीतिक और आर्थिक सहयोग में प्रगति हुई है। उनके अनुसार, यह समझौता दोनों देशों के बीच व्यापार, कूटनीति और क्षेत्रीय साझेदारी को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ईरान और रूस का लक्ष्य अपने दीर्घकालिक संबंधों को मजबूत बनाना और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर समन्वय बढ़ाना है।
होर्मुज जलडमरूमध्य और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता
बैठक में कैस्पियन सागर, फारस की खाड़ी और यूरोप की मौजूदा परिस्थितियों पर भी चर्चा हुई। दोनों देशों ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अस्थिरता को लेकर चिंता जताई। यह समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके जरिए बड़ी मात्रा में तेल और अन्य ऊर्जा संसाधनों का परिवहन होता है। ईरान और रूस ने क्षेत्रीय तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा परिवहन पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को लेकर चिंता व्यक्त की। ईरानी पक्ष ने अमेरिका और इजरायल की कार्रवाइयों को भी क्षेत्रीय अस्थिरता से जोड़ा।
फिलिस्तीन में हिंसा रोकने की मांग
बैठक के दौरान फिलिस्तीन में जारी हिंसा और मानवीय संकट का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। दोनों पक्षों ने वहां हिंसा तत्काल रोकने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। ईरान और रूस ने फिलिस्तीन के हालात को लेकर चिंता जताते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से प्रभावी कदम उठाने की अपील की। हालांकि, बैठक के बाद सामने आई जानकारी में किसी नए संयुक्त शांति प्रस्ताव का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया।
BRICS और SCO में सहयोग बढ़ाने पर ईरान का जोर
ईरान ने अमेरिका के एकतरफा प्रभाव का मुकाबला करने के लिए बहुपक्षीय संगठनों में सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता बताई। अराघची ने BRICS और शंघाई सहयोग संगठन (SCO) जैसे मंचों पर रूस के साथ मिलकर काम जारी रखने की बात कही। इन संगठनों के जरिए दोनों देश आर्थिक सहयोग, राजनीतिक संवाद और क्षेत्रीय साझेदारी को मजबूत करना चाहते हैं। उनका मानना है कि बहुपक्षीय व्यवस्था अंतरराष्ट्रीय समस्याओं के समाधान में अहम भूमिका निभा सकती है।
रूस ने ईरान को मानवीय सहायता जारी रखने का दिया भरोसा
रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने संकट की परिस्थितियों में ईरानी जनता के साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि रूस की ओर से ईरान के लोगों के लिए मानवीय और खाद्य सहायता भेजने का सिलसिला जारी रहेगा। बैठक में सहयोग के अन्य क्षेत्रों पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा, लावरोव ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान को रूस में आयोजित होने वाले विश्व गैस सम्मेलन में शामिल होने का निमंत्रण दिया।
वैश्विक राजनीति में ईरान-रूस साझेदारी का बढ़ता महत्व
तेहरान की यह बैठक ऐसे समय हुई है, जब पश्चिम एशिया में तनाव, ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा और वैश्विक कूटनीतिक प्रतिस्पर्धा महत्वपूर्ण मुद्दे बने हुए हैं। ईरान और रूस के बीच बढ़ता सहयोग क्षेत्रीय राजनीति और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर असर डाल सकता है। हालांकि, दोनों देशों की घोषणाओं का वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि रणनीतिक समझौते, मानवीय सहायता और कूटनीतिक पहल को आगे किस तरह लागू किया जाता है।
Read More : Raul Castro Arrest Warrant: राउल कास्त्रो के खिलाफ अमेरिका में गिरफ्तारी वारंट, 1996 विमान हमले में चार मौतों का मामला