Yemen Missile Attack : यमन में एक बार फिर हिंसक संघर्ष तेज हो गया है। दक्षिणी यमन के शाबवा प्रांत में सरकारी सेना के एक सैन्य शिविर पर ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने मिसाइल हमला किया। सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को हुए इस हमले में कम से कम 53 सैनिकों की मौत हो गई, जबकि करीब 200 अन्य घायल बताए गए हैं। हाल के महीनों में यमन में हुई यह सबसे घातक घटनाओं में से एक मानी जा रही है।
अल-अलम सैन्य शिविर बना हूतियों के हमले का निशाना
शाबवा प्रांतीय प्रशासन के अनुसार, विद्रोहियों ने अल-अलम सैन्य शिविर को निशाना बनाकर तीन बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हमले के समय शिविर में बड़ी संख्या में नए भर्ती हुए सैनिक मौजूद थे। अधिकारियों के मुताबिक, घायल जवानों में कई ऐसे सैनिक शामिल हैं, जो हाल ही में सुरक्षा बलों में भर्ती हुए थे। हूती विद्रोहियों ने भी इस सैन्य शिविर पर हमले की जिम्मेदारी स्वीकार की है।
प्रशिक्षण के दौरान सैनिकों पर बरसीं मिसाइलें
यमन की सैन्य व्यवस्था से जुड़े प्रवक्ता कर्नल माजिद अल-नाजिली ने बताया कि मिसाइलें पुलिस और सुरक्षा बलों के प्रशिक्षण केंद्र पर दागी गईं। सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, हमले के समय नए सैनिक प्रशिक्षण के लिए कतार में खड़े थे। इस हमले में ‘रैपिड इंटरवेंशन’ नामक नवगठित सुरक्षा बल के सदस्य हताहत हुए हैं। इस बल को क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
आतक के उत्तर में स्थित है सैन्य शिविर
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अल-अलम सैन्य शिविर शाबवा की प्रांतीय राजधानी आतक के उत्तर में जर्दान जिले में स्थित है। यह इलाका सरकारी नियंत्रण वाले मारिब प्रांत और सरकारी सेना के महत्वपूर्ण आपूर्ति मार्गों से जुड़ा हुआ है। इससे पहले इस शिविर का इस्तेमाल संयुक्त अरब अमीरात समर्थित एक मिलिशिया समूह करता था। हमले के बाद क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
यमन की प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के प्रमुख रशाद अल-अलीमी ने हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इस हमले का सख्त जवाब देने का संकल्प जताया। हालांकि, जवाबी कार्रवाई की प्रकृति और समय को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। भारी संख्या में सैनिकों के हताहत होने से सरकारी बलों पर दबाव बढ़ने और संघर्ष के नए सिरे से भड़कने की आशंका है।
सादा प्रांत में हवाई हमले में नौ लोगों की मौत का दावा
इससे एक दिन पहले रविवार को उत्तरी यमन के सादा प्रांत में हवाई हमले में कम से कम नौ लोगों की मौत होने का दावा किया गया था। हूती नियंत्रित स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, मृतकों में पांच बच्चे और दो महिलाएं शामिल थीं। विद्रोहियों ने सप्ताहांत के दौरान हुए कई हमलों में 30 से अधिक लोगों के मारे जाने या घायल होने की बात भी कही। इन दावों पर सऊदी अरब की तत्काल प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
युद्धविराम के बावजूद यमन में बढ़ रहा क्षेत्रीय तनाव
वर्ष 2022 में युद्धविराम के बाद यमन में लड़ाई की तीव्रता कम हुई थी, लेकिन हाल के महीनों में क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के साथ हालात फिर बिगड़ने लगे हैं। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते टकराव ने भी स्थिति को प्रभावित किया है। हूती विद्रोहियों ने हालिया हफ्तों में सऊदी अरब के हवाई अड्डों, तेल प्रतिष्ठानों और सैन्य ढांचे को निशाना बनाने का दावा किया है।
लाल सागर और बाब अल-मंदेब पर बढ़ा सैन्य दबाव
रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण लाल सागर तट और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के आसपास हूतियों की गतिविधियों को रोकने के लिए सऊदी नेतृत्व वाला गठबंधन इस महीने बड़े सैन्य अभियान में जुटा है। ऐसे में शाबवा के सैन्य शिविर पर हुआ हमला यमन के संघर्ष को और व्यापक बना सकता है। लगातार बढ़ती हिंसा से आम नागरिकों की सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों पर दबाव बढ़ने की आशंका है।
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