Marco Rubio India Visit : अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो मंगलवार से भारत की तीन दिवसीय यात्रा शुरू करेंगे। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना और कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाना है। दोनों देशों के बीच ऊर्जा, व्यापार, निवेश, रक्षा और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा, पश्चिम एशिया में जारी संकट और क्षेत्रीय परिस्थितियों पर भी दोनों पक्ष अपने विचार साझा कर सकते हैं। यह यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब भारत-अमेरिका संबंधों में व्यापार और शुल्क से जुड़े मुद्दों को लेकर तनाव बना हुआ है।
मुंबई में एस. जयशंकर के साथ होगी अहम बैठक
रुबियो की यात्रा के दौरान मंगलवार दोपहर मुंबई में विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ उनकी महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है। इस बातचीत में भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा होने की उम्मीद है। अमेरिकी विदेश मंत्री के साथ कारोबारियों का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल भी भारत आ सकता है। इससे व्यापार और निवेश के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं को बल मिलने की उम्मीद है। दोनों देशों के अधिकारी द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे।
ताज स्मारक पर 26/11 के पीड़ितों को देंगे श्रद्धांजलि
विदेश मंत्रालय के अनुसार, रुबियो मंगलवार दोपहर 2 बजकर 15 मिनट पर मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे। अपने कार्यक्रम के दौरान वह 26 नवंबर 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए ताज स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। उस आतंकी हमले में छह अमेरिकी नागरिकों सहित 160 से अधिक लोगों की जान गई थी। इसके अलावा, रुबियो अमेरिकी स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित स्वागत समारोह में भी शामिल होंगे।
ऊर्जा, रक्षा और तकनीक पर रहेगा विशेष जोर
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार, बातचीत में ऊर्जा, व्यापार एवं निवेश, रक्षा और महत्वपूर्ण तथा उभरती प्रौद्योगिकियों सहित आपसी हित के विभिन्न विषय शामिल होंगे। भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक सहयोग को नई दिशा देने के लिए इन क्षेत्रों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों देश आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ तकनीकी और रक्षा सहयोग के नए अवसरों पर भी विचार कर सकते हैं। रुबियो बुधवार को गुजरात के जामनगर जाएंगे। हालांकि, यात्रा के दौरान होने वाली सभी बैठकों के अंतिम नतीजों की आधिकारिक जानकारी का इंतजार रहेगा।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर टिकी निगाहें
भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौता इस यात्रा का एक प्रमुख मुद्दा हो सकता है। वर्ष 2025 की शुरुआत से दोनों देश इस समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। इसका उद्देश्य शुल्क संबंधी मतभेदों को दूर करना, गैर-शुल्क बाधाओं को कम करना और दोनों बाजारों तक पहुंच आसान बनाना है। भारत चाहता है कि उसके उत्पादों को अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में अनुकूल शुल्क व्यवस्था मिले। विदेश मंत्री जयशंकर भी हाल में संकेत दे चुके हैं कि व्यापार वार्ता समझौते के अंतिम चरण के करीब पहुंच रही है।
रूसी तेल और अमेरिकी शुल्क पर रुबियो का अहम बयान
भारत यात्रा से पहले उज्बेकिस्तान में रुबियो ने कहा कि अमेरिका भारत के साथ व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब है। उन्होंने संकेत दिया कि रूसी तेल खरीदने के मामले में भारत को अमेरिकी शुल्क से मिली छूट पर विचार करते समय व्यापार समझौते की प्रगति भी एक पहलू है। उनके इस बयान से व्यापार वार्ता और शुल्क नीति के बीच संभावित संबंध को लेकर चर्चा तेज हो सकती है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि रुबियो की यात्रा से दोनों देशों के बीच व्यापारिक मतभेद कम करने और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में कितनी प्रगति होती है।
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