England Test Team Coach : इंग्लैंड क्रिकेट टीम की कोचिंग को लेकर एक बार फिर घरेलू और विदेशी कोचों के बीच बहस तेज होने के संकेत हैं। न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान स्टीफन फ्लेमिंग, जिन्हें इंग्लैंड की टेस्ट टीम का नया मुख्य कोच नियुक्त किया गया है, का मानना है कि राष्ट्रीय टीम की जिम्मेदारी प्राथमिकता के आधार पर उसी देश के कोच को मिलनी चाहिए, जिसका प्रतिनिधित्व खिलाड़ी करते हैं। हालांकि, फ्लेमिंग खुद न्यूजीलैंड से आते हैं और अब इंग्लैंड की टेस्ट टीम को प्रशिक्षित करेंगे। उनके इस विचार ने क्रिकेट जगत में नई चर्चा शुरू कर दी है।
दिसंबर में दक्षिण अफ्रीका सीरीज से शुरू होगी नई जिम्मेदारी
स्टीफन फ्लेमिंग दिसंबर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज से इंग्लैंड के टेस्ट कोच के रूप में अपना कार्यकाल शुरू करेंगे। पिछले कई वर्षों में इंग्लैंड की पुरुष टेस्ट टीम की कमान संभालने वाले विदेशी कोचों में उनका नाम भी शामिल हो जाएगा। उनसे पहले न्यूजीलैंड के ब्रेंडन मैकुलम इस पद पर कार्यरत थे। मैकुलम अब इंग्लैंड की सीमित ओवरों की टीम के मुख्य कोच बने रहेंगे। ऐसे में इंग्लैंड के कोचिंग ढांचे में टेस्ट और सीमित ओवरों की टीमों के लिए अलग-अलग जिम्मेदारियां देखने को मिलेंगी।
स्थानीय कोचों को तैयार करना फ्लेमिंग की प्राथमिकता
बीबीसी रेडियो 5 लाइव से बातचीत में फ्लेमिंग ने कहा कि इंग्लैंड के कोचिंग सिस्टम में स्थानीय प्रतिभाओं को विकसित करना उनके कार्यकाल की अहम प्राथमिकताओं में रहेगा। उनका मानना है कि राष्ट्रीय टीम को मुख्य रूप से उसी देश के कोच के मार्गदर्शन में आगे बढ़ना चाहिए, जिसका प्रतिनिधित्व टीम करती है। उन्होंने इंग्लैंड की टेस्ट टीम का कोच बनने का अवसर मिलने पर आभार जताया और संकेत दिया कि वह स्थानीय कोचों को आगे बढ़ाने के लिए काम करेंगे। उनके अनुसार, सहयोगी स्टाफ की संरचना भी इस सोच को दर्शाती है।
इंग्लैंड के पूर्व खिलाड़ियों को कोचिंग स्टाफ में अहम जगह
फ्लेमिंग की कोचिंग टीम में इंग्लैंड के कई पूर्व खिलाड़ियों और घरेलू क्रिकेट से जुड़े अनुभवी चेहरों को जिम्मेदारी दी गई है। पूर्व सलामी बल्लेबाज मार्कस ट्रेस्कोथिक, विकेटकीपर जेम्स फोस्टर और पूर्व स्पिनर रिचर्ड डॉसन उनके सहयोगी स्टाफ का हिस्सा हैं। ट्रेस्कोथिक इस साल की शुरुआत में इंग्लैंड की टेस्ट टीम के अंतरिम कोच की भूमिका भी निभा चुके हैं। इन नियुक्तियों से संकेत मिलता है कि फ्लेमिंग स्थानीय क्रिकेट अनुभव और खिलाड़ियों की समझ को टीम की तैयारी में महत्वपूर्ण स्थान देना चाहते हैं।
जोनाथन ट्रॉट इंग्लैंड लायंस की संभालेंगे जिम्मेदारी
इंग्लैंड के लिए एशेज जीतने वाले पूर्व खिलाड़ी जोनाथन ट्रॉट भी जल्द इंग्लैंड लायंस के कोच के रूप में काम शुरू करेंगे। ट्रॉट और रिचर्ड डॉसन दोनों इंग्लैंड की टेस्ट टीम के मुख्य कोच पद के संभावित उम्मीदवारों में शामिल थे, लेकिन अंततः यह जिम्मेदारी फ्लेमिंग को सौंपी गई। फ्लेमिंग ने अपने मौजूदा सहयोगियों के साथ काम करने को लेकर उत्साह जताया है। उनके मुताबिक, टीम के कोचिंग ढांचे में इंग्लैंड के पूर्व खिलाड़ियों और काउंटी क्रिकेट से जुड़े विशेषज्ञों को भी समय-समय पर शामिल किया जा सकता है।
इंग्लैंड क्रिकेट के भविष्य पर क्या होगा असर?
फ्लेमिंग के विचारों से इंग्लैंड में स्थानीय कोचों के विकास और राष्ट्रीय टीम की पहचान को लेकर बहस आगे बढ़ सकती है। विदेशी कोचों का अनुभव टीम को नई रणनीतियां दे सकता है, जबकि स्थानीय कोच देश की क्रिकेट संस्कृति और घरेलू प्रतिभाओं को बेहतर समझ सकते हैं। फ्लेमिंग के सामने चुनौती होगी कि वह अपने अनुभव के साथ स्थानीय कोचिंग प्रतिभाओं को भी मजबूत करें और इंग्लैंड की टेस्ट टीम को बेहतर प्रदर्शन की दिशा में आगे ले जाएं। उनके कार्यकाल की शुरुआत और दक्षिण अफ्रीका सीरीज पर अब क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें रहेंगी।
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