Vijayadashami Celebration India : अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक विजयादशमी मंगलवार, 20 अक्टूबर को देशभर में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। राजधानी दिल्ली समेत विभिन्न शहरों में भव्य रामलीलाओं का आयोजन हुआ। भगवान श्रीराम और रावण के बीच युद्ध के मंचन के बाद रावण, कुंभकरण और मेघनाद के विशाल पुतलों का दहन किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई प्रमुख नेताओं ने कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और देशवासियों को दशहरे की शुभकामनाएं दीं।
द्वारका में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देखा रावण दहन
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दिल्ली के द्वारका सेक्टर-10 में द्वारका श्री रामलीला सोसायटी की ओर से आयोजित विजयादशमी समारोह में शामिल हुईं। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण 221 फीट ऊंचे रावण के विशाल पुतले का दहन रहा। राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि देश और दुनिया के विभिन्न हिस्सों में आयोजित रामलीलाओं के माध्यम से करोड़ों लोग भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों और उनकी शिक्षाओं को याद करते हैं। उन्होंने रामकथा के मूल्यों को जीवन में अपनाने के महत्व पर भी जोर दिया।
पीएम मोदी ने पटपड़गंज में किया रावण दहन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्वी दिल्ली के पटपड़गंज स्थित आईपी एक्सटेंशन उत्सव ग्राउंड में आयोजित विजयादशमी समारोह में पहुंचे। यहां उन्होंने रावण दहन किया और लोगों को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का कोना-कोना राममय है और भगवान श्रीराम का जीवन देश की सांस्कृतिक ऊर्जा का आधार है। उन्होंने रामराज्य की अवधारणा को सुशासन से जोड़ते हुए कहा कि ऐसा शासन होना चाहिए, जहां भेदभाव न हो, प्रत्येक व्यक्ति को न्याय मिले और सभी को आगे बढ़ने के समान अवसर प्राप्त हों।
रामराज्य और जनकल्याण को बताया सुशासन का आदर्श
प्रधानमंत्री मोदी ने गोस्वामी तुलसीदास की चौपाई ‘दैहिक दैविक भौतिक तापा, राम राज नहिं काहुहि ब्यापा’ का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल प्रशासन चलाना नहीं, बल्कि जनता का कल्याण सुनिश्चित करना होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने ‘नागरिक देवो भव’ की भावना के साथ गरीबों और वंचितों की सेवा को प्राथमिकता देने की बात कही। उनके संबोधन में राम के आदर्शों को आधुनिक प्रशासन और जनसेवा से जोड़ने पर विशेष जोर रहा।
गुजरात में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने किया शस्त्र पूजन
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर स्थित मुख्यमंत्री आवास परिसर में विजयादशमी के अवसर पर पारंपरिक शस्त्र पूजन किया। इस दौरान सुरक्षा कर्मियों के हथियारों की पूजा-अर्चना की गई। मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों, कमांडो और अन्य सुरक्षा कर्मियों को पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कर्तव्यनिष्ठा, मानव मूल्यों और नागरिकों की सुरक्षा के प्रति समर्पण को महत्वपूर्ण बताया।
श्रीनगर में भी उत्साह के साथ मनाया गया दशहरा
कश्मीर के श्रीनगर स्थित शेर-ए-कश्मीर क्रिकेट स्टेडियम में विजयादशमी समारोह आयोजित किया गया। इसमें कश्मीरी पंडितों, अन्य हिंदू समुदायों और पर्यटकों सहित बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया गया। समारोह में आतिशबाजी और मिठाई वितरण भी हुआ। बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग भी इस आयोजन के साक्षी बने। आयोजकों ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए प्रशासन और स्थानीय लोगों का आभार जताया।
लाल किले की रामलीला में प्रियंका गांधी ने उठाए जनसमस्याओं के मुद्दे
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा दिल्ली के लाल किला मैदान में नव श्री धार्मिक लीला कमेटी के दशहरा समारोह में शामिल हुईं। उन्होंने कहा कि यह राजनीति करने का समय नहीं है, लेकिन बेरोजगारी और महंगाई जैसी समस्याओं को रावण के स्वरूप के रूप में देखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि सच और झूठ के बीच संघर्ष आज भी जारी है और वह सत्य के लिए लड़ती रहेंगी। इस तरह देशभर में विजयादशमी का पर्व धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक संदेशों के साथ मनाया गया।
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