Asian Para Games 2026: एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। बुधवार को भारत के पैरा एथलीट आयुष वर्मा ने पुरुषों की शॉट पुट F53 स्पर्धा में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। आयुष ने अपने पांचवें प्रयास में 8.16 मीटर की दूरी तक गोला फेंककर पहला स्थान हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि से भारत के पदक खाते में एक और गोल्ड जुड़ गया। प्रतियोगिता में आयुष ने दबाव के बीच बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया।
ईरान और कजाखस्तान के खिलाड़ियों को मिला पदक
पुरुषों की शॉट पुट F53 स्पर्धा में ईरान के अलीरेज़ा हेमामी ने 8.09 मीटर की थ्रो के साथ रजत पदक जीता। वहीं, कजाखस्तान के मखाम्बेट सेरिक्कालियेव 6.81 मीटर की दूरी के साथ तीसरे स्थान पर रहे और उन्हें कांस्य पदक मिला। आयुष की 8.16 मीटर की थ्रो ने उन्हें दोनों प्रतिद्वंद्वियों से आगे रखा। इस तरह भारतीय खिलाड़ी ने अपने प्रदर्शन के दम पर प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल किया।
जैवलिन थ्रो में भी आयुष ने जीता था कांस्य
आयुष वर्मा के लिए यह प्रतियोगिता अब तक शानदार रही है। इससे पहले मंगलवार को उन्होंने पुरुषों की जैवलिन थ्रो F53/F54 स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था। लगातार दो स्पर्धाओं में पदक हासिल करके उन्होंने भारतीय दल के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। शॉट पुट में स्वर्ण जीतने के साथ ही आयुष ने प्रतियोगिता में अपना दूसरा पदक हासिल किया।
F53 कैटेगरी में खिलाड़ियों की प्रतिस्पर्धा
F53 वर्ग उन खिलाड़ियों के लिए निर्धारित है, जिनके धड़ और पैरों की गतिविधियां काफी प्रभावित होती हैं, जबकि हाथों की पकड़ अपेक्षाकृत कम प्रभावित होती है। इस श्रेणी के खिलाड़ी बैठकर प्रतियोगिता में हिस्सा लेते हैं। वे छाती, ऊपरी पीठ और कंधों की ताकत का उपयोग करके गोला फेंकते हैं। इस वर्ग में तकनीक, संतुलन और ऊपरी शरीर की शक्ति प्रदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
शीतल देवी और पायल नाग ने जीता रजत पदक
बुधवार को महिला कंपाउंड डबल्स के फाइनल में भारतीय पैरा तीरंदाज शीतल देवी और पायल नाग को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। भारतीय जोड़ी का सामना चीन की ज़्यूकिंग ज़ू और जिंग झाओ से हुआ। रैंकिंग राउंड में शीर्ष स्थान हासिल करने वाली भारतीय जोड़ी फाइनल में चीनी खिलाड़ियों से 141-150 के अंतर से हार गई। इस परिणाम के साथ भारत को इन खेलों में पैरा-आर्चरी का पहला पदक मिला।
चीनी तीरंदाजों ने फाइनल में मारी बाजी
गोल्ड मेडल मुकाबले में शीतल देवी और पायल नाग अपनी लय बनाए रखने के लिए संघर्ष करती नजर आईं। दूसरी ओर, चीन की जोड़ी ने लगातार बेहतर निशाने लगाकर 150 अंक हासिल किए और स्वर्ण पदक जीत लिया। भारतीय खिलाड़ियों ने रजत पदक के साथ प्रतियोगिता में देश का खाता खोला। यह उपलब्धि भारतीय पैरा-आर्चरी टीम के लिए महत्वपूर्ण रही।
अनुभव चौधरी ने 100 मीटर में जीता कांस्य
पैरा-एथलेटिक्स में भारत को एक और सफलता अनुभव चौधरी के रूप में मिली। उन्होंने पुरुषों की 100 मीटर T35 स्पर्धा में 12.72 सेकंड का अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय दर्ज किया और कांस्य पदक जीता। आयुष के स्वर्ण, शीतल-पायल के रजत और अनुभव के कांस्य ने भारतीय दल के प्रदर्शन को मजबूती दी। इन उपलब्धियों के साथ एशियन पैरा गेम्स में भारत की पदक यात्रा आगे बढ़ी।
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