Palghar News: महाराष्ट्र के पालघर जिले में एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में आश्रम स्कूल के दो विद्यार्थियों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस के मुताबिक, यह हादसा सोमवार, 19 अक्टूबर की तड़के जव्हार तालुका के कोंगड़ी घाट के पास हुआ। पांचों छात्र एक ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर गांव के नवरात्र उत्सव से अपने स्कूल लौट रहे थे। इसी दौरान मोटरसाइकिल फिसलकर सड़क किनारे गड्ढे में जा गिरी।
नवरात्र उत्सव में शामिल होने स्कूल से निकले थे छात्र
पुलिस के अनुसार, सभी पांच विद्यार्थी हीरादपाड़ा गगनगिरी आश्रम स्कूल के छात्र थे। वे पास के सरसुन गांव में आयोजित नवरात्र उत्सव में शामिल होने के लिए छात्रावास से चुपके से बाहर निकल गए थे। बताया गया है कि लौटते समय तड़के करीब 2:30 से 3 बजे के बीच उनकी मोटरसाइकिल दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे के बाद घटनास्थल से गुजर रहे एक वाहन चालक ने जव्हार पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद राहत और बचाव की कार्रवाई शुरू हुई।
सुमित भिंगल और प्रीतम पोटिंडा की मौत
जव्हार पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि दुर्घटना में सुमित मोतीराम भिंगल, उम्र 18 वर्ष, और प्रीतम गणेश पोटिंडा, उम्र 15 वर्ष, की जान चली गई। जिला प्रशासन के मुताबिक, एक विद्यार्थी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। अन्य घायलों को जव्हार के पतंगशाह कॉटेज अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान दूसरे छात्र ने दम तोड़ दिया। इस घटना से विद्यार्थियों के परिवारों में शोक का माहौल है।
तीन घायल विद्यार्थियों को नासिक किया गया रेफर
हादसे में घायल हुए तीन अन्य विद्यार्थियों की हालत गंभीर बताई गई थी। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए नासिक के जिला अस्पताल में स्थानांतरित किया गया। चिकित्सकों के अनुसार, तीनों घायल विद्यार्थियों की हालत अब स्थिर है और उनकी स्थिति में सुधार हो रहा है। जानकारी के मुताबिक, पांचों छात्र अलग-अलग कक्षाओं में पढ़ते थे। इनमें दो विद्यार्थी नौवीं, एक दसवीं और दो बारहवीं कक्षा के छात्र थे।
प्रधानाध्यापक, वार्डन और चौकीदार निलंबित
दुर्घटना के बाद स्कूल में विद्यार्थियों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। घटना के संबंध में स्कूल के प्रधानाध्यापक, छात्रावास वार्डन और चौकीदार को निलंबित कर दिया गया। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पांचों छात्र देर रात छात्रावास से बाहर कैसे निकले और उनकी आवाजाही पर निगरानी क्यों नहीं रखी जा सकी।
CCTV कैमरे बंद होने और सुरक्षा में लापरवाही का मामला
एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना (ITDP) की जांच समिति की रिपोर्ट में सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी कई खामियां सामने आने की बात कही गई है। रिपोर्ट के अनुसार, गैर-आवासीय विद्यार्थियों को भी छात्रावास में प्रवेश की अनुमति दी गई थी। इसके अलावा, पहले चेतावनी दिए जाने के बावजूद सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे थे। इन परिस्थितियों ने स्कूल की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
प्रशासन ने जारी किए कारण बताओ नोटिस
जव्हार में ITDP के परियोजना अधिकारी एवं सहायक जिलाधिकारी सिद्धार्थ रामकुमार ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने स्कूल प्रबंधन, प्रधानाध्यापक, छात्रावास वार्डन और चौकीदार को कारण बताओ नोटिस जारी किए। मामले में प्रशासनिक जांच और जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। हादसे के बाद छात्रावासों में सुरक्षा, निगरानी और विद्यार्थियों की आवाजाही पर नियंत्रण को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
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