Regime Change Controversy : बीजेपी ने विपक्षी दलों पर देश में अस्थिरता फैलाने और रिजीम चेंज यानी सत्ता परिवर्तन की साजिश रचने का आरोप लगाया है। बीजेपी प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने शिवसेना (यूबीटी) पर निशाना साधते हुए कहा कि बालासाहेब ठाकरे की विरासत का दावा करने वाले लोग अब ऐसी ताकतों के साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं, जो उनके मुताबिक भारतीय धर्म और संस्कृति के खिलाफ हैं।
राहुल गांधी के विदेश दौरे पर संजय राउत से सवाल
सुधांशु त्रिवेदी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के विदेश दौरे को लेकर शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत के बयानों पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि संजय राउत को राहुल गांधी के बारे में ऐसी कौन-सी जानकारी मिली है, जिसके आधार पर वे वियतनाम से लौटने के बाद रिजीम चेंज होने की बात कह रहे हैं। त्रिवेदी ने कहा कि इस तरह के बयानों का आधार स्पष्ट होना चाहिए।
विदेशी यात्राओं के बाद दिए गए बयानों का किया जिक्र
बीजेपी सांसद ने विदेश यात्राओं के बाद सामने आने वाले कुछ राजनीतिक बयानों का उल्लेख करते हुए संदेह जताया। उन्होंने हाइड्रोजन बम और सुनामी जैसे बयानों का जिक्र किया और आरोप लगाया कि देश में अशांति फैलाने के पीछे कुछ संदिग्ध ताकतें हो सकती हैं। त्रिवेदी ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर देश की जनता का भरोसा है और विपक्ष की सत्ता परिवर्तन की उम्मीद पूरी नहीं होगी।
पीएम मोदी के बताए तीन एजेंडों का किया उल्लेख
सुधांशु त्रिवेदी ने विजयादशमी के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण का जिक्र करते हुए कहा कि देश को अस्थिर करने वाली ताकतों के तीन प्रमुख एजेंडे हैं। उनके मुताबिक, पहला एजेंडा अपने फायदे के लिए सत्ता और संसाधनों का इस्तेमाल करना, दूसरा समाज में नफरत और भेदभाव फैलाना तथा तीसरा भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म का विरोध करना है। ये आरोप बीजेपी सांसद ने अपने राजनीतिक बयान में लगाए।
सनातन धर्म और भारतीय संस्थाओं को लेकर विपक्ष पर निशाना
त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि कुछ संगठन सनातन धर्म और हिंदुत्व के खिलाफ अभियान चलाते हैं तथा भारतीय संस्थाओं के बारे में भ्रामक बातें फैलाते हैं। उन्होंने LIC, HAL, SBI, SEBI, वैक्सीन, EVM और मतदाता सूची से जुड़े सवालों का उल्लेख करते हुए विपक्ष की आलोचना की। उनके मुताबिक, अलग-अलग मुद्दों पर लगातार सवाल उठाना देश की प्रगति में बाधा डालने की कोशिश है।
रावण के दस सिरों से विपक्ष की मांगों की तुलना
बीजेपी सांसद ने विपक्ष की मांगों की तुलना रावण के दस सिरों से की। उन्होंने कहा कि एक मुद्दे के सुलझने के बाद दूसरा मुद्दा सामने आ जाता है। त्रिवेदी के अनुसार, अलग-अलग आंदोलनों में एक जैसी भाषा और मांगों का इस्तेमाल इस बात का संकेत है कि उनके पीछे समान विचार वाली ताकतें हो सकती हैं। उन्होंने देश के नागरिकों से इन घटनाओं के पीछे के उद्देश्यों को समझने की अपील की।
रामायण का उदाहरण देकर लगाए साजिश के आरोप
सुधांशु त्रिवेदी ने रामायण का उदाहरण देते हुए कहा कि रावण ने माता सीता के अपहरण के लिए साधु का रूप धारण किया था। इसी तरह, उनके अनुसार, कुछ ताकतें आज भी मुखौटा पहनकर सक्रिय हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इनका असली उद्देश्य मुद्दों को उठाना नहीं, बल्कि हिंसा, भ्रम और साजिश के जरिए देश में सत्ता परिवर्तन कराना है। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में स्वतंत्र प्रमाणों की पुष्टि आवश्यक है।
पवन खेड़ा ने बीजेपी के आरोपों पर दिया जवाब
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इंडिया गठबंधन वही कर रहा है, जिसकी सलाह प्रधानमंत्री ने दी है। सुधांशु त्रिवेदी की रावण वाली टिप्पणी पर उन्होंने पलटवार किया। खेड़ा ने कहा कि संविधान में विश्वास रखने वाले लोगों को बीजेपी और आरएसएस की विचारधारा के संदर्भ में गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उन्होंने आरएसएस पर संविधान विरोधी होने का आरोप भी लगाया।
रिजीम चेंज के मुद्दे पर आमने-सामने बीजेपी और कांग्रेस
सुधांशु त्रिवेदी के आरोपों और पवन खेड़ा की प्रतिक्रिया के बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर बीजेपी विपक्ष पर देश में अस्थिरता फैलाने की साजिश का आरोप लगा रही है, वहीं कांग्रेस इन आरोपों का विरोध कर रही है। इस विवाद में राहुल गांधी के विदेश दौरे, संजय राउत के बयान और प्रधानमंत्री के दशहरा संदेश को लेकर राजनीतिक बहस केंद्र में है।
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