Delhi Protest : दिल्ली में विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामले में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरभ दास को बुधवार को बड़ी राहत मिली। दिल्ली की एक अदालत ने दोनों नेताओं को सशर्त जमानत दे दी। दिल्ली पुलिस ने अदालत से उनकी हिरासत तीन दिन और बढ़ाने की मांग की थी। हालांकि, अदालत ने पुलिस की मांग स्वीकार नहीं की और दोनों को जमानत देने का फैसला सुनाया।
न्यायिक हिरासत खत्म होने पर अदालत में पेशी
आशुतोष रांका और सौरभ दास की न्यायिक हिरासत बुधवार को समाप्त हो रही थी। इसी के मद्देनजर दोनों को अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने उनकी हिरासत बढ़ाने की मांग रखी थी। अदालत ने पहले अपना फैसला सुरक्षित रखा, लेकिन बाद में पुलिस की मांग खारिज करते हुए दोनों नेताओं को सशर्त जमानत दे दी। दोनों नेता पिछले सात दिनों से तिहाड़ जेल में बंद थे। जमानत मिलने से उन्हें इस मामले में तत्काल राहत मिली है।
हाई कोर्ट से नहीं मिली थी तत्काल राहत
जमानत मिलने से पहले बुधवार को ही दोनों नेताओं ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि, हाई कोर्ट ने उनकी न्यायिक हिरासत के मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। अदालत ने उन्हें संबंधित एसईएम के समक्ष निर्धारित सुनवाई के नतीजे का इंतजार करने की सलाह दी। साथ ही, यह भी कहा कि यदि उनकी शिकायत बरकरार रहती है, तो वे अपीलीय अदालत का रुख कर सकते हैं।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से जुड़ा है पूरा मामला
यह मामला दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, दोनों नेताओं को कथित तौर पर जंतर-मंतर के गैर-अधिसूचित विरोध स्थल में प्रवेश करने और शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड का उल्लंघन करने के आरोप में हिरासत में लिया गया था। इसके बाद 14 अक्टूबर को उन्हें शुरुआत में पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। इस कार्रवाई के बाद दोनों नेता तिहाड़ जेल में बंद थे।
19 अक्टूबर को बढ़ाई गई थी हिरासत
मामले में इससे पहले 19 अक्टूबर को अदालत ने आशुतोष रांका और सौरभ दास की न्यायिक हिरासत दो दिन के लिए बढ़ा दी थी। यह अवधि बुधवार को समाप्त हो रही थी। इसके बाद दोनों को फिर से अदालत में पेश किया गया। दिल्ली पुलिस की ओर से हिरासत बढ़ाने की मांग किए जाने के बावजूद अदालत ने उसे खारिज कर दिया और सशर्त जमानत दे दी।
जमानत के बाद आगे की कार्रवाई पर नजर
CJP के दोनों प्रवक्ताओं को जमानत मिलने के बाद अब मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। हालांकि, जमानत सशर्त है और उसकी वास्तविक शर्तों का पालन करना जरूरी होगा। मामले में आरोपों और संबंधित कानूनी प्रक्रियाओं पर आगे की स्थिति अदालतों के निर्देशों के अनुसार तय होगी। फिलहाल, सात दिनों से जेल में बंद दोनों नेताओं को अदालत से राहत मिल गई है।
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