Black Coffee Benefits : आजकल ब्लैक कॉफी सेहत के प्रति जागरूक लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है। कई लोग इसे वजन नियंत्रित करने और दिनभर एक्टिव रहने के लिए अपनी दिनचर्या में शामिल करते हैं। वहीं, सोशल मीडिया पर ब्लैक कॉफी में घी, नींबू, दूध और दालचीनी मिलाकर पीने के ट्रेंड भी तेजी से बढ़ रहे हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या इन चीजों को कॉफी में मिलाने से वास्तव में ज्यादा स्वास्थ्य लाभ मिलता है? डॉक्टर शुभम वत्स ने अलग-अलग कॉम्बिनेशन को रेटिंग देकर उनके संभावित फायदे और नुकसान बताए हैं। हालांकि, किसी भी पेय का असर व्यक्ति की सेहत, मात्रा और जीवनशैली पर निर्भर करता है।
बिना चीनी और दूध वाली ब्लैक कॉफी को 10 में 10
डॉक्टर शुभम वत्स के अनुसार, बिना चीनी और दूध वाली ब्लैक कॉफी एक अच्छा विकल्प हो सकती है। इसमें कैफीन और एंटीऑक्सीडेंट जैसे तत्व पाए जाते हैं। कैफीन कुछ समय के लिए सतर्कता और ऊर्जा महसूस करने में मदद कर सकता है। कुछ शोध कॉफी के सेवन और लिवर की बेहतर सेहत के बीच संबंध भी दिखाते हैं। हालांकि, केवल ब्लैक कॉफी पीने से वजन कम होने या मेटाबॉलिज्म तेजी से बढ़ने की गारंटी नहीं है। डॉक्टर ने इस विकल्प को 10 में से 10 अंक दिए हैं।
चीनी वाली ब्लैक कॉफी को मिले 4 अंक
अगर आप ब्लैक कॉफी में चीनी मिलाकर पीते हैं, तो पेय में अतिरिक्त कैलोरी बढ़ जाती है। नियमित रूप से ज्यादा चीनी लेने से वजन बढ़ने और ब्लड शुगर नियंत्रित रखने में परेशानी हो सकती है। खासकर डायबिटीज से जूझ रहे लोगों को अपने कुल चीनी सेवन पर ध्यान देना चाहिए। बिना चीनी की कॉफी पसंद न हो, तो इसकी मात्रा धीरे-धीरे कम की जा सकती है। डॉक्टर शुभम वत्स ने चीनी वाली ब्लैक कॉफी को 10 में से 4 अंक दिए हैं।
दूध मिलाने पर मिल सकता है प्रोटीन और कैल्शियम
ब्लैक कॉफी में दूध मिलाने से पेय में प्रोटीन और कैल्शियम की मात्रा बढ़ सकती है। ये पोषक तत्व हड्डियों और मांसपेशियों के लिए उपयोगी हैं। हालांकि, दूध मिलाने से कैलोरी भी बढ़ती है और लैक्टोज इन्टॉलरेंस वाले लोगों को पेट फूलने, गैस या दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे लोग अपनी सहनशीलता के अनुसार लैक्टोज-फ्री दूध का विकल्प चुन सकते हैं। डॉक्टर ने इस कॉम्बिनेशन को 10 में से 8 अंक दिए हैं।
घी वाली बुलेट कॉफी को मिले 6 अंक
ब्लैक कॉफी में घी मिलाकर पीने का चलन भी सोशल मीडिया पर लोकप्रिय है। इसे बुलेट कॉफी कहा जाता है। घी मिलाने से कॉफी क्रीमी हो जाती है, लेकिन इससे वजन घटाने का विशेष लाभ साबित नहीं हुआ है। घी में संतृप्त वसा और कैलोरी अधिक होती है, इसलिए इसकी मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है। डॉक्टर शुभम वत्स ने इस कॉम्बिनेशन को 10 में से 6 अंक दिए हैं।
दालचीनी वाली कॉफी को 9 अंक
कॉफी में थोड़ी दालचीनी मिलाने से उसका स्वाद और सुगंध बढ़ सकती है। दालचीनी में कुछ एंटीऑक्सीडेंट यौगिक पाए जाते हैं। हालांकि, इसे फैट बर्न करने वाला चमत्कारी पेय नहीं समझना चाहिए। अधिक मात्रा में दालचीनी, खासकर कैसिया किस्म, का नियमित सेवन नुकसान पहुंचा सकता है। डॉक्टर ने इस कॉम्बिनेशन को 10 में से 9 अंक दिए हैं।
नींबू वाली कॉफी को 8 अंक
ब्लैक कॉफी में नींबू का रस मिलाने का चलन भी बढ़ा है। नींबू से विटामिन सी मिलता है, लेकिन इसकी थोड़ी मात्रा से कॉफी के स्वास्थ्य लाभ बढ़ने के पर्याप्त प्रमाण नहीं हैं। एसिड रिफ्लक्स या सीने में जलन की समस्या वाले लोगों में यह कॉम्बिनेशन परेशानी बढ़ा सकता है। डॉक्टर शुभम वत्स ने इसे 10 में से 8 अंक दिए हैं।
ब्लैक कॉफी पीते समय किन बातों का रखें ध्यान?
कॉफी का चुनाव अपनी सेहत, नींद और कैफीन सहन करने की क्षमता के अनुसार करें। अधिक कैफीन लेने से बेचैनी, धड़कन तेज होने और नींद प्रभावित होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। गर्भवती महिलाओं और कुछ स्वास्थ्य समस्याओं वाले लोगों को कैफीन की सुरक्षित मात्रा के बारे में डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम और पर्याप्त नींद वजन नियंत्रित रखने के अधिक भरोसेमंद आधार हैं।
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